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Farrukhabad News: ईएनटी सर्जन नहीं, पांच दिव्यांग कानपुर रेफर

Tue, 13 Feb 2024 01:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Feb 2024 01:34 AM IST
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No ENT surgeon, five disabled people referred to Kanpur
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में ईएनटी सर्जन न होने से नाक-कान-गले से संबंधित पांच दिव्यांग जांच के लिए कानपुर कर दिए गए। पिछले दो वर्ष से सीएमओ कार्यालय में दो डॉक्टरों के भरोसे दिव्यांग बोर्ड चलाया जा रहा है। लोहिया अस्पताल से रोजाना 50 से 60 मरीज बिना दवा के ही लौट रहे हैं।
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सीएमओ कार्यालय में प्रत्येक सोमवार को दिव्यांग बोर्ड लगता है। इसमें दिव्यांगों का परीक्षण कर डॉक्टर रिपोर्ट लगाते हैं। इसी के बाद दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी होता है। बोर्ड में तीन डॉक्टरों का पैनल है। सुबह से प्रमाणपत्र बनवाने दिव्यांग सीएमओ कार्यालय पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.मेघा सक्सेना व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.नीरज वर्मा ने आंख व हड्डी से संबंधित दिव्यांगों का परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई।
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पैनल में ईएनटी सर्जन न होने से मूक बधिर व नाक-कान-गला रोग से संबंधित दिव्यांगों का परीक्षण नहीं हो सका। कुल पांच आवेदन आए। उन्हें जांच के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।
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अस्पताल से हर रोज लौट रहे मरीज
स्वास्थ्य विभाग में करीब दो वर्ष से ईएनटी सर्जन की तैनाती नहीं है। इससे डॉ.राममनोहर लोहिया अस्पताल से प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। मजबूर होकर वह निजी चिकित्सकों को फीस देकर इलाज करवा रहे हैं। इसके अलावा मूकबधिर को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कानपुर, लखनऊ के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

डॉक्टर हैं नहीं, जांच के लिए हो गया प्रशिक्षण
जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में 165 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इस पर सीएचओ की तैनाती है। टेली-कंसल्टेंसी सुविधा के तहत सीएचओ सेंटर पर आने वाले मरीजों को ऑनलाइन डॉक्टर को दिखाकर दवाई देते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में सभी सीएचओ को मानसिक रोगी व नाक-कान-गला से संबंधित रोगियों की जांच का प्रशिक्षण कराया। उद्देश्य यह है कि सीएचओ दोनों प्रकार के रोगियों की जांच कर इलाज के लिए डॉक्टर के पास रेफर करेगा। इस प्रशिक्षण में विभाग ने चाय, नाश्ता व भोजन पर लाखों रुपये बजट भी खर्च कर दिया। खास बात तो यह है कि यदि सीएचओ इन रोगियों की जांच कर लेंगे तब भी मरीजों को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के पास न तो ईएनटी सर्जन है और न ही मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती है। इससे सीएचओ मरीज की जांच कर उसे कहां रेफर करेंगे।


शासन के निर्देशानुसार सीएचओ को प्रशिक्षण दिलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के पास अभी ईएनटी सर्जन व मानसिक रोग विशेषज्ञ नहीं है। इनकी तैनाती होने पर सीएचओ को दिए गए प्रशिक्षण का लाभ मिल सकेगा। शीघ्र ही डॉक्टरों की तैनाती का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ
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