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सीएचसी पर एंटी रैबीज खत्म, लौट रहे मरीज
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सीएचसी कायमगंज के एंटी रैबीज कक्ष में लटका ताला। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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कायमगंज। पांच दिनों से सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन का टोटा चल रहा है। इससे बुधवार को आने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने बाजार से खरीदकर वैक्सीन लगवाई।
कायमगंज सीएचसी पर हर रोज कुत्ता, बंदर काटने के 30 से 35 मरीज पहुंचते हैं। साथ ही 15 से 20 मरीज दूसरी डोज लगवाने आते हैं। इससे सीएचसी पर रोजाना 50 से 55 इंजेक्शन की खपत है। सीएचसी में पांच दिन से वैक्सीन नहीं है।
एंटी रैबीज कक्ष व इमरजेंसी कक्ष गेट पर पांच दिन से नोटिस चस्पा है। बुधवार सुबह इंजेक्शन लगवाने पहुंचे लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी पर लौट गए। यहां आने वाले कुछ जरूरतमंद मरीजों ने बाजार से खरीदकर वैक्सीन लगवाई।
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गांव घसिया चिलौली निवासी रेहाना अपने बेटे अब्दुल को वैक्सीन लगवाने आईं थीं। उन्होंने बताया कि अब्दुल दरवाजे पर था। उसे बंदर ने काट लिया। इसलिए वैक्सीन लगवाने आए थे। यहां वैक्सीन खत्म होने की बात बताई गई।
अब दोबारा आना पड़ेगा। गांव रमापुर दबीर निवासी मीना देवी ने बताया कि उन्हें 10 दिन पहले बंदर ने काटा था। एक डोज लग चुकी है। दूसरी डोज लगवाने के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं। वैक्सीन नहीं मिल रही है। बाजार से वैक्सीन खरीदकर लगवाना मंहगा पड़ेगा।
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कायमगंज सीएचसी पर हर रोज कुत्ता, बंदर काटने के 30 से 35 मरीज पहुंचते हैं। साथ ही 15 से 20 मरीज दूसरी डोज लगवाने आते हैं। इससे सीएचसी पर रोजाना 50 से 55 इंजेक्शन की खपत है। सीएचसी में पांच दिन से वैक्सीन नहीं है।
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एंटी रैबीज कक्ष व इमरजेंसी कक्ष गेट पर पांच दिन से नोटिस चस्पा है। बुधवार सुबह इंजेक्शन लगवाने पहुंचे लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी पर लौट गए। यहां आने वाले कुछ जरूरतमंद मरीजों ने बाजार से खरीदकर वैक्सीन लगवाई।
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गांव घसिया चिलौली निवासी रेहाना अपने बेटे अब्दुल को वैक्सीन लगवाने आईं थीं। उन्होंने बताया कि अब्दुल दरवाजे पर था। उसे बंदर ने काट लिया। इसलिए वैक्सीन लगवाने आए थे। यहां वैक्सीन खत्म होने की बात बताई गई।
अब दोबारा आना पड़ेगा। गांव रमापुर दबीर निवासी मीना देवी ने बताया कि उन्हें 10 दिन पहले बंदर ने काटा था। एक डोज लग चुकी है। दूसरी डोज लगवाने के लिए तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं। वैक्सीन नहीं मिल रही है। बाजार से वैक्सीन खरीदकर लगवाना मंहगा पड़ेगा।