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नेताजी ने लगाया दांव तो सगुना का रास्ता हुआ साफ
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:31 PM IST
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फर्रुखाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दिनभर चली मान मनौव्वल के बाद पार्टी हाईकमान ने मास्टर ट्रोक चला। कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के वापस लौटने के बाद मंगलवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फर्रुखाबाद की कमान खुद संभाल ली। सपा मुखिया के दांव चलते ही बांह बटोरने वाले बैकफुट पर आ गए।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन करने वाली ज्ञान देवी के कर्ताधर्ता डा. सुबोध यादव ने समर्थन की हामी भर दी। अब पार्टी प्रत्याशी सगुना देवी के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। सपा मुखिया के दांव लगाने से जिले के तीनों विधायकों की लाज भी बच गई और डा. सुबोध यादव के पार्टी में वापसी का रास्ता भी साफ हो गया।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया की पत्नी सगुना देवी को प्रत्याशी घोषित किया गया। इनके विरोध में फर्रुखाबाद में अपनी सियासी जमीं तैयार करने में लगे सपा के अलीगंज विधायक रामेश्वर यादव के बेटे डा. सुबोध यादव ने ज्ञान देवी को मैदान में उतार दिया था। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए डा. सुबोध यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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एक तरफ जिले के तीनों सपा विधायक लामबंद थे तो दूसरी तरफ डा. सुबोध यादव अपने साथ जिला पंचायत सदस्यों की संख्या का दावा करते रहे। पर्चा वापसी के दिन कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने एड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन ज्ञान देवी का पर्चा वापस नहीं हुआ। वे झल्लाकर वापस चले गए। सूत्रों की मानें तो मंगलवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने जिले के कई वरिष्ठ नेताओं से बात कर स्थिति का जायजा लिया।
हकीकत पता करने के बाद पार्टी के अलीगंज विधायक रामेश्वर यादव से भी बात की। रामेश्वर यादव ने खुद को पार्टी का पुराना सिपाही होने का हवाला दिया। इस पर डा. सुबोध यादव को ‘मैसेज’ कराया गया। इस मैसेज के बाद ज्ञान देवी के पर्चा वापसी का एलान हुआ। कहा जा रहा है कि डा. सुबोध यादव को पार्टी में वापस ले लिया गया है। इसके बाद मंगलवार देर शाम कई दिन से चल रहे हाईवोल्टेज ड्रामे का पटाक्षेप हुआ। ज्ञान देवी के सरेंडर करते का एलान होते ही दूसरे खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई।
दूसरे खेमे ने कराई थी सदस्यों की परेड
सपा नेताओं के बीच चल रही रार को कम करने के लिए तीन जनवरी को कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव आए थे। एक खेमे के लोगों ने अपना पक्ष रखते हुए पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी सगुना देवी का समर्थन किया था। वहीं, कई नेताओं ने दूसरे खेमे की प्रत्याशी की जीत का तर्क दिया था। इतना ही नहीं डा. सुबोध ने अपने साथ मौजूद जिला पंचायत सदस्यों की सूची जारी कर दी थी।
आज करेंगे खुलासा
ज्ञान देवी के समर्थन के बावत पूछे जाने पर डा. सुबोध यादव ने कहा कि पार्टी हित में सगुना देवी को समर्थन देने का फैसला लिया है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पूज्य हैं, उनके आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन का अधिकृत एलान बुधवार को पार्टी कार्यालय में करेंगे।