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Farrukhabad News: पुलिस व दो अस्पतालों के बीच फंसा गोली से घायल का डॉक्टरी परीक्षण
Wed, 20 Mar 2024 01:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:06 AM IST
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फर्रुखाबाद। ट्रैक्टर-ट्राॅली में गन्ना लादने के बाद शनिवार रात घर लौटते वक्त गोली मारकर घायल हुए किसान का डॉक्टरी परीक्षण पुलिस व दो अस्पतालों के बीच फंसा है। भाई की ओर से मुख्यमंत्री (सीएम) के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस हरकत में आई। घायल का उपचार लोहिया अस्पताल में चल रहा है।
कायमगंज कोतवाली के गांव नगला बसोला निवासी आदेश कुमार पास के ही गांव में ट्रैक्टर-ट्राॅली में गन्ना लोड कर घर जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही अहिलकार, सत्यवीर, रामरहीस ने गाली गलौज की। विरोध करने पर अहिलकार ने गोली मारकर घायल कर दिया। सत्यवीर ने दूसरा फायर किया, मगर वह बच गया। घायल को परिजन कायमगंज सीएचसी ले गए। वहां से रेफर कर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
घायल का चार दिन बाद भी डॉक्टरी परीक्षण नहीं किया गया। भाई रामप्रकाश ने लोहिया अस्पताल के सीएमएस से शिकायत की। सीएमएस ने पत्रावली मंगाकर देखा। पता चला कि कायमगंज सीएचसी से भेजे रेफर लेटर में मेडिकोलीगल हुआ अथवा नहीं इसका कोई उल्लेख ही नहीं किया गया। लिहाजा यहां भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही नहीं थाना पुलिस ने भी अस्पताल में भर्ती मरीज से संपर्क नहीं किया।
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इससे खफा रामप्रकाश ने मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत कर दी। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत करने के कुछ ही देर बाद एक दरोगा और सिपाही ने आकर जानकारी हासिल की। इसके एक घंटे बाद थाने से भी एक सिपाही अस्पताल पहुंचा। सिपाही ने जब कायमगंज सीएचसी के डॉक्टर से बात की, तो उसे बताया गया कि थाने से मजरूबी चिट्ठी ही नहीं मिली। बहरहाल देर शाम तक डॉक्टरी परीक्षण करने पर अंतिम फैसला नहीं हो सका था।
कायमगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि उन्होंने घायल की चोटें लिखकर इलाज कर दिया था। थाने से अभी तक कोई मजरूबी चिट्ठी नहीं आई। इसीलिए मेडिकल परीक्षण नहीं किया गया। इंस्पेक्टर रामौतार ने बताया कि घटना के समय से पुलिस घायल के संपर्क में है। डॉक्टरी परीक्षण हो गया है। कोई दिक्कत नहीं है।
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि रेफर लेटर पर डॉक्टरी परीक्षण होना है अथवा नहीं, उल्लेखित नहीं है। लिहाजा यहां कुछ नहीं कर सकते थे। इलाज चल रहा है। एक्सरे के लिए भी संबंधित डॉक्टर ने लिख दिया है। पुलिस लिखवाकर लाएगी, तो यहां भी परीक्षण करवा दिया जाएगा।
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कायमगंज कोतवाली के गांव नगला बसोला निवासी आदेश कुमार पास के ही गांव में ट्रैक्टर-ट्राॅली में गन्ना लोड कर घर जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही अहिलकार, सत्यवीर, रामरहीस ने गाली गलौज की। विरोध करने पर अहिलकार ने गोली मारकर घायल कर दिया। सत्यवीर ने दूसरा फायर किया, मगर वह बच गया। घायल को परिजन कायमगंज सीएचसी ले गए। वहां से रेफर कर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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घायल का चार दिन बाद भी डॉक्टरी परीक्षण नहीं किया गया। भाई रामप्रकाश ने लोहिया अस्पताल के सीएमएस से शिकायत की। सीएमएस ने पत्रावली मंगाकर देखा। पता चला कि कायमगंज सीएचसी से भेजे रेफर लेटर में मेडिकोलीगल हुआ अथवा नहीं इसका कोई उल्लेख ही नहीं किया गया। लिहाजा यहां भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही नहीं थाना पुलिस ने भी अस्पताल में भर्ती मरीज से संपर्क नहीं किया।
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इससे खफा रामप्रकाश ने मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत कर दी। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत करने के कुछ ही देर बाद एक दरोगा और सिपाही ने आकर जानकारी हासिल की। इसके एक घंटे बाद थाने से भी एक सिपाही अस्पताल पहुंचा। सिपाही ने जब कायमगंज सीएचसी के डॉक्टर से बात की, तो उसे बताया गया कि थाने से मजरूबी चिट्ठी ही नहीं मिली। बहरहाल देर शाम तक डॉक्टरी परीक्षण करने पर अंतिम फैसला नहीं हो सका था।
कायमगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि उन्होंने घायल की चोटें लिखकर इलाज कर दिया था। थाने से अभी तक कोई मजरूबी चिट्ठी नहीं आई। इसीलिए मेडिकल परीक्षण नहीं किया गया। इंस्पेक्टर रामौतार ने बताया कि घटना के समय से पुलिस घायल के संपर्क में है। डॉक्टरी परीक्षण हो गया है। कोई दिक्कत नहीं है।
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि रेफर लेटर पर डॉक्टरी परीक्षण होना है अथवा नहीं, उल्लेखित नहीं है। लिहाजा यहां कुछ नहीं कर सकते थे। इलाज चल रहा है। एक्सरे के लिए भी संबंधित डॉक्टर ने लिख दिया है। पुलिस लिखवाकर लाएगी, तो यहां भी परीक्षण करवा दिया जाएगा।