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गूंजी ले चल पीर की सदाएं, नंगे पैर पालकी लाए मुरीदीन
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छड़ियों के साये में ले जाते सज्जानसीन की पालकी। संवाद ।
- फोटो : FARRUKHABAD
गूंजीं ले चल पीर की सदाएं, नंगे पैर पालकी लाए मुरीदीन
कमालगंज। हजरत शेख मखदूम के 697वें उर्स में मंगलवार को सज्जाददानशीन की पालकी को छड़ियों के साए में भोजपुर से करीब पांच किलोमीटर दूर शेखपुर लाने के लिए अकीदतमंदों का जोश उमड़ पड़ा। चिल्लागाह से दरगाह तक नंगे पैर दौड़ते हुए अकीदतमंद आगे बढ़ रहे थे। खासकर बच्चों का जुनून बड़ों पर भी भारी पड़ रहा था। दरगाह में नमाज-ए- असर के बाद दूसरा कुलशरीफ हुआ। मुल्क की बेहतरी व अमनचैन को दुआ की गई।
शेखपुर शरीफ स्थित दरगाह मख़दूमिया में हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगरजहां रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में मंगलवार सुबह मदारे मुबारक का ग़ुस्लपाक हुआ। इसके बाद फातिहाख्वानी हुई। जायरीन के आने का सिलसिला शुरू होते ही चादरपोशी व गुलपोशी होने लगी। बाद नमाज जौहर 700 साल पुराने ख़िरकाशरीफ को पांच किलोमीटर दूर भोजपुर स्थित चिल्लागाह पहुंचाया गया। नमाज जौहर व नमाज असर के दरमियान गुसल हुआ। सज्जादानशीन हजरत अजीजुल हक गालिब मियां को ख़िरकाशरीफ पहनाया गया।
बेहोशी के आलम में उन्हें पालकी (डोला) पर लिटाया गया। सबसे पहले हाथ मे छड़ी लेकर बच्चों का समूह आम के बागों व कच्चे रास्ते से कानपुर मार्ग व रेलवे क्रासिंग पार करते हुए शेखपुर में दरगाह मख़दूमिया पहुंचा। करीब 10 मिनट तक बीच-बीच में अन्य समूहों में अकीदतमंद नारे तकबीर, अल्लाह ओ अकबर, ले चल पीर की बुलंद सदाओं के साथ दरगाह पहुंचते रहे।
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पालकी के दरगाह पहुंचने पर सज्जादानशीन को मजार शरीफ की परिक्रमा कराकर ख़िरकाशरीफ उतारा गया। शायर लतीफ कमालगंजवी ने फारसी व अरबी की रुबाई पढ़ी। गलिब मियां के होश में आने पर नमाज ए असर हुई। उर्स का दूसरा कुलशरीफ हुआ। देश में अमन चैन, खुशहाली के साथ कोरोना से निजात मिलने की दुआ की गई।
बड़े झूले नहीं लगे, काशन लेकर गुजारी गईं ट्रेनें
कोरोना की गाइडलाइन के चलते उर्स कमेटी के निर्देश पर दुकानें व बड़े झूले नहीं लगाए गए। वहीं मुरीदीन का यह जोश ही था कि महिलाओं व बच्चों ने भी दरगाह पहुंचकर जियारत की। रेलवे क्रासिंग पर रेलवे पुलिस के जवान तैनात रहे। गेटमैन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सभी ट्रेनें काशन लेकर धीमी गति से गुजारी गईं।
स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाया। उर्स कमेटी सचिव मोहसिन शमसी, रामलीला कमेटी अध्यक्ष रवि दुबे, दिलीप गुप्ता, कुलदीप कुशवाहा, यूसुफ खां, हस्सान अहमद आदि भी व्यवस्था में रहे। छड़ियां निकलते समय कानपुर मार्ग को प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के साथ पुलिसबल ने बंद रखा।
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कमालगंज। हजरत शेख मखदूम के 697वें उर्स में मंगलवार को सज्जाददानशीन की पालकी को छड़ियों के साए में भोजपुर से करीब पांच किलोमीटर दूर शेखपुर लाने के लिए अकीदतमंदों का जोश उमड़ पड़ा। चिल्लागाह से दरगाह तक नंगे पैर दौड़ते हुए अकीदतमंद आगे बढ़ रहे थे। खासकर बच्चों का जुनून बड़ों पर भी भारी पड़ रहा था। दरगाह में नमाज-ए- असर के बाद दूसरा कुलशरीफ हुआ। मुल्क की बेहतरी व अमनचैन को दुआ की गई।
शेखपुर शरीफ स्थित दरगाह मख़दूमिया में हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगरजहां रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में मंगलवार सुबह मदारे मुबारक का ग़ुस्लपाक हुआ। इसके बाद फातिहाख्वानी हुई। जायरीन के आने का सिलसिला शुरू होते ही चादरपोशी व गुलपोशी होने लगी। बाद नमाज जौहर 700 साल पुराने ख़िरकाशरीफ को पांच किलोमीटर दूर भोजपुर स्थित चिल्लागाह पहुंचाया गया। नमाज जौहर व नमाज असर के दरमियान गुसल हुआ। सज्जादानशीन हजरत अजीजुल हक गालिब मियां को ख़िरकाशरीफ पहनाया गया।
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बेहोशी के आलम में उन्हें पालकी (डोला) पर लिटाया गया। सबसे पहले हाथ मे छड़ी लेकर बच्चों का समूह आम के बागों व कच्चे रास्ते से कानपुर मार्ग व रेलवे क्रासिंग पार करते हुए शेखपुर में दरगाह मख़दूमिया पहुंचा। करीब 10 मिनट तक बीच-बीच में अन्य समूहों में अकीदतमंद नारे तकबीर, अल्लाह ओ अकबर, ले चल पीर की बुलंद सदाओं के साथ दरगाह पहुंचते रहे।
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पालकी के दरगाह पहुंचने पर सज्जादानशीन को मजार शरीफ की परिक्रमा कराकर ख़िरकाशरीफ उतारा गया। शायर लतीफ कमालगंजवी ने फारसी व अरबी की रुबाई पढ़ी। गलिब मियां के होश में आने पर नमाज ए असर हुई। उर्स का दूसरा कुलशरीफ हुआ। देश में अमन चैन, खुशहाली के साथ कोरोना से निजात मिलने की दुआ की गई।
बड़े झूले नहीं लगे, काशन लेकर गुजारी गईं ट्रेनें
कोरोना की गाइडलाइन के चलते उर्स कमेटी के निर्देश पर दुकानें व बड़े झूले नहीं लगाए गए। वहीं मुरीदीन का यह जोश ही था कि महिलाओं व बच्चों ने भी दरगाह पहुंचकर जियारत की। रेलवे क्रासिंग पर रेलवे पुलिस के जवान तैनात रहे। गेटमैन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सभी ट्रेनें काशन लेकर धीमी गति से गुजारी गईं।
स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाया। उर्स कमेटी सचिव मोहसिन शमसी, रामलीला कमेटी अध्यक्ष रवि दुबे, दिलीप गुप्ता, कुलदीप कुशवाहा, यूसुफ खां, हस्सान अहमद आदि भी व्यवस्था में रहे। छड़ियां निकलते समय कानपुर मार्ग को प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के साथ पुलिसबल ने बंद रखा।