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महायोजना : अब 8781 हेक्टेयर में दिखेगी सुव्यवस्थित शहर की सूरत
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रेलवे रोड से दिखती शहर की मौजूदा बसावट
- फोटो : रेलवे रोड से दिखती शहर की मौजूदा बसावट
फर्रुखाबाद। महायोजना 2031 में अब 8781 हेेक्टेयर क्षेत्रफल में सुव्यवस्थित शहर की सूरत दिखेगी। नए आबादी क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र गंगा के आंचल को मैला नहीं कर सकेंगे। इसके लिए गंगा नदी, बाढ़ प्रभावित व एनजीटी क्षेत्र में किसी भी निर्माण व विकास पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे 2031 तक शहर की करीब आठ लाख आबादी को शहर का सुनियोजित ढांचा मिलने की उम्मीद है।
शहर की प्रस्तावित महायोजना 2031 पर शासन ने अंतिम मुहर लगाकर जिले में लागू करने के लिए भेज दी गई है। बोर्ड की बैठक होते ही महायोजना लागू हो जाएगी। इससे अब शहर की सूरत सुव्यवस्थित और सुनियोजित होने की उम्मीद है। सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उनकी निर्धारित पूरी चौड़ाई खोली जाएगी। महायोजना में शहर के निकटवर्ती 61 गांव विनियमित क्षेत्र में शामिल होने से नगरीय क्षेत्र 8781 हेक्टेयर में फैल जाएगा। इसमें 3530 हेक्टेयर कृषि भूमि है जबकि गंगा के आंचल में दाग न लगे, इसके लिए 2068 हेक्टेयर क्षेत्रफल गंगा नदी, बाढ़ प्रभावित व एनजीटी क्षेत्र नो डेवलपमेंट घोषित कर किसी भी निर्माण व विकास पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
वहीं 107 हेक्टेयर भूमि हाईवे सुविधा जोन घोषित किया गया है। इन दिनों शहर की आबादी करीब 3.50 लाख है। विनियमित क्षेत्र के 61 गांवों को शामिल कर लिया जाए तो यह आबादी पांच लाख से ऊपर निकल जाएगी, जोे वर्ष 2031 तक आठ लाख पार हो जाएगी। इससे 20231 तक महायोजना का काम पूृरा होने पर करीब आठ लाख आबादी को शहर का ढांचा सुव्यवस्थित और सुनियोजित मिलने की उम्मीद है। (संवाद)
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3074 हेक्टेयर में बसेगा सुव्यवस्थित शहर
शहर की महायोजना 2031 में 3074 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नया क्षेत्र बसाया जाएगा। इसमें 50.86% क्षेत्रफल 1563.93 हेक्टेयर भूमि आवासीय रखी गई है। इसमें लोग भवनों का निर्माण करा सकेंगे। 210 हेक्टेयर 6.83% क्षेत्र व्यावसायिक रखा गया है। इसके अलावा 178.20 हेक्टेयर भूमि पर कार्यालय स्थापित होंगे, जो कुल क्षेत्रफल का 5.80% है। 239.60 हेेक्टेयर 7.79% क्षेत्रफल में पार्क एवं खुले स्थल रहेंगे। इनमें स्थाई निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इससे बच्चों को खेलने और बुजुर्गों को बैठने व टहलने की सुविधा मुहैया हो सकेगी। इसके अलावा सामुदायिक/सांस्कृतिक सुविधाएं एवं उपयोगिताओं के लिए कुल क्षेत्रफल का 3.31 प्रतिशत 101.73 हेक्टेयर भूमि सुरक्षित की जाएगी। 8.02 फीसदी 246.47 हेक्टेयर भूमि अन्य कार्यों व निर्माण के लिए आरक्षित की गई है। 2031 तक महायोजना का पूरी तरह क्रियान्वयन करने के आदेश हैं। इससे 2031 तक नगरीय क्षेत्र की करीब आठ लाख आबादी को शहर सुनियोजित व सुव्यवस्थित मिलने की उम्मीद है।
जाम से निजात की उम्मीद
महायोजना 2031 में 10.03% क्षेत्र 308.46 हेक्टेयर भूमि यातायात व परिवहन के लिए छोड़ी गई है। इसें शहर में पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इससे सड़कों पर वाहन, टेंपो, ऑटो रिक्शा आदि न खड़े होने जाम से निजात मिलने की उम्मीद है। 226.59 हेक्टेयर में होगा औद्योगिक क्षेत्र महायोजना में कुल विकसित क्षेत्र की 7.37 प्रतिशत भूमि 226.59 हेक्टेयर औद्योगिक क्षेत्र के लिए आरक्षित की गई है। इससे छपाई कारखाना व जरी-जरदोजी कारखानों स्थायी जगह स्थापित होंगे। इससे कारखानों से निकलने वाला गंदा पानी गंगा में जाने पर रोक लगेगी और गंगा जल फिर निर्मल व अविरल होने की उम्मीद है।
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बोर्ड की बैठक के बाद लागू होगी महायोजना
शासन से स्वीकृत होकर महायोजना की पत्रावली जिला मुख्यालय पर आ गई है। एक-दो दिन में बोर्ड की बैठक में अनुमति मिलने के साथ शहर की महायोजना लागू हो जाएगी। इसका मानचित्र आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। फिर महायोजना के अनुसार ही शहर में भवनों के नक्शा स्वीकृत होंगे और शासन के आदेशानुसार सड़कों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
- संजय कुमार बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट, फर्रुखाबाद।
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शहर की प्रस्तावित महायोजना 2031 पर शासन ने अंतिम मुहर लगाकर जिले में लागू करने के लिए भेज दी गई है। बोर्ड की बैठक होते ही महायोजना लागू हो जाएगी। इससे अब शहर की सूरत सुव्यवस्थित और सुनियोजित होने की उम्मीद है। सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उनकी निर्धारित पूरी चौड़ाई खोली जाएगी। महायोजना में शहर के निकटवर्ती 61 गांव विनियमित क्षेत्र में शामिल होने से नगरीय क्षेत्र 8781 हेक्टेयर में फैल जाएगा। इसमें 3530 हेक्टेयर कृषि भूमि है जबकि गंगा के आंचल में दाग न लगे, इसके लिए 2068 हेक्टेयर क्षेत्रफल गंगा नदी, बाढ़ प्रभावित व एनजीटी क्षेत्र नो डेवलपमेंट घोषित कर किसी भी निर्माण व विकास पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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वहीं 107 हेक्टेयर भूमि हाईवे सुविधा जोन घोषित किया गया है। इन दिनों शहर की आबादी करीब 3.50 लाख है। विनियमित क्षेत्र के 61 गांवों को शामिल कर लिया जाए तो यह आबादी पांच लाख से ऊपर निकल जाएगी, जोे वर्ष 2031 तक आठ लाख पार हो जाएगी। इससे 20231 तक महायोजना का काम पूृरा होने पर करीब आठ लाख आबादी को शहर का ढांचा सुव्यवस्थित और सुनियोजित मिलने की उम्मीद है। (संवाद)
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3074 हेक्टेयर में बसेगा सुव्यवस्थित शहर
शहर की महायोजना 2031 में 3074 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नया क्षेत्र बसाया जाएगा। इसमें 50.86% क्षेत्रफल 1563.93 हेक्टेयर भूमि आवासीय रखी गई है। इसमें लोग भवनों का निर्माण करा सकेंगे। 210 हेक्टेयर 6.83% क्षेत्र व्यावसायिक रखा गया है। इसके अलावा 178.20 हेक्टेयर भूमि पर कार्यालय स्थापित होंगे, जो कुल क्षेत्रफल का 5.80% है। 239.60 हेेक्टेयर 7.79% क्षेत्रफल में पार्क एवं खुले स्थल रहेंगे। इनमें स्थाई निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इससे बच्चों को खेलने और बुजुर्गों को बैठने व टहलने की सुविधा मुहैया हो सकेगी। इसके अलावा सामुदायिक/सांस्कृतिक सुविधाएं एवं उपयोगिताओं के लिए कुल क्षेत्रफल का 3.31 प्रतिशत 101.73 हेक्टेयर भूमि सुरक्षित की जाएगी। 8.02 फीसदी 246.47 हेक्टेयर भूमि अन्य कार्यों व निर्माण के लिए आरक्षित की गई है। 2031 तक महायोजना का पूरी तरह क्रियान्वयन करने के आदेश हैं। इससे 2031 तक नगरीय क्षेत्र की करीब आठ लाख आबादी को शहर सुनियोजित व सुव्यवस्थित मिलने की उम्मीद है।
जाम से निजात की उम्मीद
महायोजना 2031 में 10.03% क्षेत्र 308.46 हेक्टेयर भूमि यातायात व परिवहन के लिए छोड़ी गई है। इसें शहर में पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इससे सड़कों पर वाहन, टेंपो, ऑटो रिक्शा आदि न खड़े होने जाम से निजात मिलने की उम्मीद है। 226.59 हेक्टेयर में होगा औद्योगिक क्षेत्र महायोजना में कुल विकसित क्षेत्र की 7.37 प्रतिशत भूमि 226.59 हेक्टेयर औद्योगिक क्षेत्र के लिए आरक्षित की गई है। इससे छपाई कारखाना व जरी-जरदोजी कारखानों स्थायी जगह स्थापित होंगे। इससे कारखानों से निकलने वाला गंदा पानी गंगा में जाने पर रोक लगेगी और गंगा जल फिर निर्मल व अविरल होने की उम्मीद है।
बोर्ड की बैठक के बाद लागू होगी महायोजना
शासन से स्वीकृत होकर महायोजना की पत्रावली जिला मुख्यालय पर आ गई है। एक-दो दिन में बोर्ड की बैठक में अनुमति मिलने के साथ शहर की महायोजना लागू हो जाएगी। इसका मानचित्र आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। फिर महायोजना के अनुसार ही शहर में भवनों के नक्शा स्वीकृत होंगे और शासन के आदेशानुसार सड़कों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
- संजय कुमार बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट, फर्रुखाबाद।