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महायोजना : सरकारी भूमि पर बने भवनों पर गहराया संकट
Sat, 21 Jun 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 21 Jun 2025 12:34 AM IST
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फर्रुखाबाद। शहर की महायोजना स्वीकृत होने के साथ ही सरकारी भूमि पर बने भवनों पर काले बादल मंडराने लगे हैं। ठंडी सड़क के किनारे बने भवनों को पहले ही नोटिस मिल चुका था। इससे गुरुशरणम होटल की तरह अन्य भवन के भी धराशायी होने की आशंका है।
शासन से शहर की महायोजना 2021-2031 स्वीकृत होने के साथ अब जल्द ही लागू होने वाली है। इससे शहर सुव्यवस्थित और सुनियोजित होने की उम्मीद बढ़ी है। सड़कों के किनारे भवन स्वामियों का अतिक्रमण बढ़ता गया। इससे शहर की कई सड़कें सिकुड़ी हुई हैं। तालाबों पर भी राजस्व विभाग की मिलीभगत से प्लाॅटिंग कर मोटी रकम कमाई गई। महायोजना लागू होने के साथ सरकारी भूमि खाली कराने का अभियान तेज हो जाएगा। इससे अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलना तय माना जा रहा है। शहर की ठंडी सड़क स्थित माफिया अनुपम दुबे का करोड़ रुपये का होटल गुरुशरणम तालाब की भूमि पर बना होने से दो वर्ष पहले ही धराशायी किया जा चुका है। पर पास में ही खड़ी बहुमंजिला इमारत आज भी बरकरार है। जबकि दोनों भवनों की एक साथ एक ही समय सुनवाई चलती रही। इसके अलावा इसी सड़क के किनारे तालाब की भूमि पर बने 19 भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया था। इसमें कुछ भवन लेखपाल, कानूनगो व सरकारी कर्मचारियों के भी शामिल हैं। हालांकि इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई थम गई। अब महायोजना लागू होने के साथ ही सरकारी भूमि पर खड़े इन भवनों के अस्तित्व पर संकट गहराने लगा है। शहर के नेहरू रोड, स्टेशन रोड, लोहाई रोड पर भी अतिक्रमण होने से सड़कें सिकुड़ी हैं। महायोजना में सड़कों की पूरी चौड़ाई खोलने के लिए बुल्डोजर चलना तय माना जा रहा है। महायोजना लागू होने से अधिकांश लोग काफी खुश हैं। वहीं अतिक्रमणकारियों की धड़कनें दिनों-दिन बढ़ रही हैं।
महायोजना स्वीकृत हो चुकी है। महायोजना लागू करने से पहले गजट होगा। इसके बाद महायोजना के निर्धारित बिंदुओं का क्रियान्वयन कराने और शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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संजय कुमार बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद।
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शासन से शहर की महायोजना 2021-2031 स्वीकृत होने के साथ अब जल्द ही लागू होने वाली है। इससे शहर सुव्यवस्थित और सुनियोजित होने की उम्मीद बढ़ी है। सड़कों के किनारे भवन स्वामियों का अतिक्रमण बढ़ता गया। इससे शहर की कई सड़कें सिकुड़ी हुई हैं। तालाबों पर भी राजस्व विभाग की मिलीभगत से प्लाॅटिंग कर मोटी रकम कमाई गई। महायोजना लागू होने के साथ सरकारी भूमि खाली कराने का अभियान तेज हो जाएगा। इससे अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलना तय माना जा रहा है। शहर की ठंडी सड़क स्थित माफिया अनुपम दुबे का करोड़ रुपये का होटल गुरुशरणम तालाब की भूमि पर बना होने से दो वर्ष पहले ही धराशायी किया जा चुका है। पर पास में ही खड़ी बहुमंजिला इमारत आज भी बरकरार है। जबकि दोनों भवनों की एक साथ एक ही समय सुनवाई चलती रही। इसके अलावा इसी सड़क के किनारे तालाब की भूमि पर बने 19 भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया था। इसमें कुछ भवन लेखपाल, कानूनगो व सरकारी कर्मचारियों के भी शामिल हैं। हालांकि इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई थम गई। अब महायोजना लागू होने के साथ ही सरकारी भूमि पर खड़े इन भवनों के अस्तित्व पर संकट गहराने लगा है। शहर के नेहरू रोड, स्टेशन रोड, लोहाई रोड पर भी अतिक्रमण होने से सड़कें सिकुड़ी हैं। महायोजना में सड़कों की पूरी चौड़ाई खोलने के लिए बुल्डोजर चलना तय माना जा रहा है। महायोजना लागू होने से अधिकांश लोग काफी खुश हैं। वहीं अतिक्रमणकारियों की धड़कनें दिनों-दिन बढ़ रही हैं।
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महायोजना स्वीकृत हो चुकी है। महायोजना लागू करने से पहले गजट होगा। इसके बाद महायोजना के निर्धारित बिंदुओं का क्रियान्वयन कराने और शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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संजय कुमार बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद।