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Farrukhabad News: बिना डॉक्टर व नवीनीकरण के चल रहे कई अल्ट्रासाउंड सेंटर
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फर्रुखाबाद। झोलाछापों से जहां सीधे वसूली चल रही है, वहीं पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना डॉक्टर व नवीनीकरण के चलवाए जा रहे हैं। मुंहमांगी रकम न मिलने से नवीनीकरण प्रक्रिया ही अधर में है। जबकि कुछ सेंटरों पर डॉक्टर न होने से अप्रशिक्षितों से अल्ट्रासाउंड करवाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में 69 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। लोहिया अस्पताल को छोड़कर किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है। सीएचसी कायमगंज में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई लेकिन वहां कोई अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉक्टर ही नहीं है। दूसरी ओर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। कुछ सेंटर तो सीधे स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध हैं। इससे सीएचसी में आने वाली गर्भवती महिलाओं के भी निजी सेंटर पर ही अल्ट्रासाउंड कराए जा रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार गत वर्ष से 10 से अधिक संचालक बिना नवीनीकरण के ही अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। करीब 30 फीसद अल्ट्रासाउंड सेंटर ऐसे हैं, जिनके पंजीकरण में गैर जनपद या गैर प्रांत के डॉक्टर के कागज लगाए गए और अप्रशिक्षितों से अल्ट्रासाउंड करवाया जा रहा है। खास बात तो यह कि एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में जिस महिला डॉक्टर ने अपने कागज लगाए थे, उसने कुछ माह पूर्व कागज वापस लेते हुए सीएमओ को पत्र भेजकर अब संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर में सेवा न देने के संदर्भ में अवगत कराया था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग वह अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना डॉक्टर के ही चलवा रहा है।
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कुछ डॉक्टरों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन के बाद फाइल जमा किए एक वर्ष बीत गया लेकिन नवीनीकरण नहीं किया गया। जबकि आवेदन करने के 90 दिन के अंदर नवीनीकरण करने के आदेश हैं।
पंजीकरण पटल के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया ने बताया कि हाल ही में उन्हें चार्ज मिला है। बिना डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करना गलत है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग में 69 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। लोहिया अस्पताल को छोड़कर किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है। सीएचसी कायमगंज में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई लेकिन वहां कोई अल्ट्रासाउंड करने के लिए डॉक्टर ही नहीं है। दूसरी ओर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। कुछ सेंटर तो सीधे स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध हैं। इससे सीएचसी में आने वाली गर्भवती महिलाओं के भी निजी सेंटर पर ही अल्ट्रासाउंड कराए जा रहे हैं।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार गत वर्ष से 10 से अधिक संचालक बिना नवीनीकरण के ही अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। करीब 30 फीसद अल्ट्रासाउंड सेंटर ऐसे हैं, जिनके पंजीकरण में गैर जनपद या गैर प्रांत के डॉक्टर के कागज लगाए गए और अप्रशिक्षितों से अल्ट्रासाउंड करवाया जा रहा है। खास बात तो यह कि एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में जिस महिला डॉक्टर ने अपने कागज लगाए थे, उसने कुछ माह पूर्व कागज वापस लेते हुए सीएमओ को पत्र भेजकर अब संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर में सेवा न देने के संदर्भ में अवगत कराया था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग वह अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना डॉक्टर के ही चलवा रहा है।
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कुछ डॉक्टरों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन के बाद फाइल जमा किए एक वर्ष बीत गया लेकिन नवीनीकरण नहीं किया गया। जबकि आवेदन करने के 90 दिन के अंदर नवीनीकरण करने के आदेश हैं।
पंजीकरण पटल के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया ने बताया कि हाल ही में उन्हें चार्ज मिला है। बिना डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करना गलत है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।