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प्रधानमंत्री आवास के कई लाभार्थी खुले में शौच जाने को मजबूर
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कमालगंज। जिले को भले ही शौच मुक्त (ओडीएफ)घोषित कर दिया गया हो, लेकिन हकीकत में अभी खुले में शौच मुक्ति की मंजिल काफी दूर है। प्रधानमंत्री आवास के कई लाभार्थियों को अभी तक शौचालय नसीब नहीं हुए हैं। इससे इन परिवारों के लोगों को भी खुले में शौच जाना पड़ रहा है।
विकासखंड की ग्राम पंचायतों में इस समय महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का सोशल आडिट चल रहा है। इसमें 2018-19 में कराए गए कार्यों का आडिट हो रहा है। जहांगीरपुर, कमालपुर व करमचंद पुर में भी कुछ आवासों में आडिट टीम को शौचालय नहीं मिले। करीमगंज में 2018-19 में 5 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास मिले। लेकिन इनमें से 3 लाभार्थियों के यहां शौचालय बने नहीं मिले। लाभार्थियों ने आडिट टीम को बताया कि स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय के लिए उन्हें 12 हजार रुपये नहीं दिए गए। इससे शौचालय नहीं बनवा पाए। वहीं कुम्हौली में अर्चना, मीना, रामसेवक, कुसमा व खलील के यहां शौचालय नहीं बना था। जबकि कुंदन गनेशपुर में आडिट टीम को सभी 19 आवासों में शौचालय मिले। यहां मनरेगा से चकरोड, नाली, खड़ंजा, नाला खुदाई व सफाई कार्य का भी टीम ने सत्यापन किया। इशेपुर में लगभग 8 लाख रुपये के मनरेगा से कार्य हुए। प्राभारी खंड विकास अधिकारी निरंजन त्रिवेदी का कहना है कि जिन लोगों के यहां शौचालय नहीं हैं उन सभी के नाम यूनिवर्सल सेनीटेशन में भेजा गया है। जल्द ही उनके यहां शौचालय बनवाए जाएंगे।
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विकासखंड की ग्राम पंचायतों में इस समय महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का सोशल आडिट चल रहा है। इसमें 2018-19 में कराए गए कार्यों का आडिट हो रहा है। जहांगीरपुर, कमालपुर व करमचंद पुर में भी कुछ आवासों में आडिट टीम को शौचालय नहीं मिले। करीमगंज में 2018-19 में 5 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास मिले। लेकिन इनमें से 3 लाभार्थियों के यहां शौचालय बने नहीं मिले। लाभार्थियों ने आडिट टीम को बताया कि स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय के लिए उन्हें 12 हजार रुपये नहीं दिए गए। इससे शौचालय नहीं बनवा पाए। वहीं कुम्हौली में अर्चना, मीना, रामसेवक, कुसमा व खलील के यहां शौचालय नहीं बना था। जबकि कुंदन गनेशपुर में आडिट टीम को सभी 19 आवासों में शौचालय मिले। यहां मनरेगा से चकरोड, नाली, खड़ंजा, नाला खुदाई व सफाई कार्य का भी टीम ने सत्यापन किया। इशेपुर में लगभग 8 लाख रुपये के मनरेगा से कार्य हुए। प्राभारी खंड विकास अधिकारी निरंजन त्रिवेदी का कहना है कि जिन लोगों के यहां शौचालय नहीं हैं उन सभी के नाम यूनिवर्सल सेनीटेशन में भेजा गया है। जल्द ही उनके यहां शौचालय बनवाए जाएंगे।
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