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धर्मस्थल के इमाम से अभद्रता पर तनाव
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फर्रुखाबाद। एक धर्मस्थल पर अपना प्रभुत्व जमाने के चक्कर में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इमाम से अभद्रता कर दी। इससे तनाव उत्पन्न हो गया। एक बार तो मामला मारपीट तक जा पहुंचा, मगर कुछ लोगों ने दोनों पक्षों को दूर-दूर कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के तमाम लोग कोतवाली जा पहुंचे। कोतवाल देवेंद्र दुबे ने यथास्थिति बनाने की हिदायत दी है।
शहर के असगर रोड गढ़ी कोहना स्थित मस्जिद-ए-आइसा में सुबह करीब साढ़े छह बजे कुछ लोग आ पहुंचे। उन्होंने इमाम के साथ अभद्रता शुरू कर दी। उन्होंने इमाम को धक्का देते हुए नमाज न पढ़ने देने की धमकी दी। आरोप है कि वह लोग इमाम से मारपीट के इरादे से आए थे। मगर कमेटी के लोग पहुंच गए, तो मौके की नजाकत देख वह लोग बाहर आ गए। धर्म स्थल में विवाद की सूचना जैसे ही मोहल्ले वालों को लगी, तो बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। थोड़ी देर बाद दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग कोतवाली आ गए।
कोतवाल देवेंद्र दुबे के सामने दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। दूसरे पक्ष का कहना था कि हम लोगों की कमेटी सही है। इमाम हाफिज मोहम्मद अजहर ने कोतवाल को लिखित में पत्र देकर उनके साथ अभद्रता होने का आरोप भी लगाया।
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पत्र में इमाम के अलावा मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद खालिद, नसीम, मो. शादा, मुन्ने मियां, खलीम, आरिफ, नासिम समेत कई लोगों के हस्ताक्षर हैं।
कोतवाल देवेंद्र दुबे ने बताया कि उन्होंने दोनों पक्षों को सुना है। फिलहाल जो इमाम मस्जिद में कार्यरत हैं, वही रहेंगे। उन्होंने दोनों पक्षों से यथास्थिति न बिगाड़ने की हिदायत दे दी है। दोनों पक्ष अल्पसंख्यक अधिकारी के यहां वैध और अवैध कमेटी को निस्तारित कराने के लिए कह दिया गया है।
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शहर के असगर रोड गढ़ी कोहना स्थित मस्जिद-ए-आइसा में सुबह करीब साढ़े छह बजे कुछ लोग आ पहुंचे। उन्होंने इमाम के साथ अभद्रता शुरू कर दी। उन्होंने इमाम को धक्का देते हुए नमाज न पढ़ने देने की धमकी दी। आरोप है कि वह लोग इमाम से मारपीट के इरादे से आए थे। मगर कमेटी के लोग पहुंच गए, तो मौके की नजाकत देख वह लोग बाहर आ गए। धर्म स्थल में विवाद की सूचना जैसे ही मोहल्ले वालों को लगी, तो बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। थोड़ी देर बाद दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग कोतवाली आ गए।
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कोतवाल देवेंद्र दुबे के सामने दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। दूसरे पक्ष का कहना था कि हम लोगों की कमेटी सही है। इमाम हाफिज मोहम्मद अजहर ने कोतवाल को लिखित में पत्र देकर उनके साथ अभद्रता होने का आरोप भी लगाया।
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पत्र में इमाम के अलावा मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद खालिद, नसीम, मो. शादा, मुन्ने मियां, खलीम, आरिफ, नासिम समेत कई लोगों के हस्ताक्षर हैं।
कोतवाल देवेंद्र दुबे ने बताया कि उन्होंने दोनों पक्षों को सुना है। फिलहाल जो इमाम मस्जिद में कार्यरत हैं, वही रहेंगे। उन्होंने दोनों पक्षों से यथास्थिति न बिगाड़ने की हिदायत दे दी है। दोनों पक्ष अल्पसंख्यक अधिकारी के यहां वैध और अवैध कमेटी को निस्तारित कराने के लिए कह दिया गया है।