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Farrukhabad News: नहीं चला लोहिया का जनरेटर, गश खाकर गिरी महिला
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ओपीडी में गश खाकर गिरने के बाद लाइन में बैठी महिला।
- फोटो : ओपीडी में गश खाकर गिरने के बाद लाइन में बैठी महिला।
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद जनरेटर नहीं चला। भीषण गर्मी में लाइन के बीच धक्कामुक्की में फंसी महिला गश खाकर गिर गई। वहीं ओपीडी में आर्थो व टीबी के मरीजों को भी इलाज नहीं मिल सका। पर्चा काउंटर पर भी दिक्कतें रहीं।
लोहिया अस्पताल की बिजली व्यवस्था की बदहाली में सुधार नहीं हो रहा। सुबह से ही ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। काउंटर पर कई बार धक्का-मुक्की के बीच 847 पर्चे बनाए गए। बिजली के वोल्टेज दिक्कत के चलते सुबह 11 बजे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। कुछ देर बाद वरिष्ठजनों का पर्चा काउंटर का कंप्यूटर बंद हो गया। लिहाजा बुजुर्ग सामान्य लंबी लाइन में लग गए। काफी देर विवाद भी होता रहा। जनरेटर न चलने से हाल में लगे पंखे बंद हो गए। भीड़ में उमस में फंसी कायमगंज के मोहल्ला गऊटोला निवासी मोहम्मद जाहिर की पत्नी शबनूर (40) गश खाकर जमीन पर गिर गईं। आसपास के लोगों ने पानी मुंह पर डालकर सही किया। बताया कि वह एक घंटे पंजीकरण लाइन में लगी और एक घंटे से पर्चा की लाइन में लगे हैं।
ओपीडी में आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा दिव्यांग बोर्ड ड्यूटी और आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा अवकाश पर चले गए। यही नहीं टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह इमरजेंसी रात्रि ड्यूटी करने की वजह से नहीं आए। दूसरे टीबी चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मिश्रा दोपहर 12 बजे के बाद पहुंचे। सबसे अधिक मरीज फिजीशियन, आर्थो और टीबी एवं चेस्ट के पहुंचते हैं। डॉक्टर न होने से मरीज परेशान रहे। उमस से परेशान डॉक्टरों को भी कमरों से बाहर निकलना पड़ा। इसके बावजूद जनरेटर नहीं चला। दोपहर 12.15 बजे के बाद बिजली आने से कुछ राहत मिली।
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सीटी स्केन का भी काम प्रभावित
बिजली गुल होने के बाद सीटी स्केन यूनिट में भी काम बंद हो गया। सवा घंटे से अधिक समय तक मरीज गर्मी और अंधेरे में बैठने को मजबूर हो गए। बिजली आने पर ही मरीजों को राहत मिली।
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एक्सरे यूनिट का प्रिंटर कंप्यूटर की मरम्मत नहीं
डिजिटल एक्सरे यूनिट में लगा प्रिंटर कंप्यूटर की तीसरे दिन सोमवार को भी खराबी दूर नहीं हो सकी। संबंधित कंपनी के इंजीनियर से संपर्क किया गया, मगर वह रास्ते में होने की बात कहता रहा। कर्मचारी मरीजों को एक्सरे करने के बाद मोबाइल में फोटो खिंचवाते रहे। इससे खासी दिक्कत हुई।
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बिजली चली जाने के बाद जब जनरेटर चलाया गया, तो केबल में फाल्ट हो गई। इससे अस्पताल में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। बाद में केबल की मरम्मत करवा दी गई है। बिजली कम-ज्यादा ऊपर से ही हो रही है। एक्सरे प्रिंटर कंप्यूटर भी शीघ्र सही हो जाएगा। - डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
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लोहिया अस्पताल की बिजली व्यवस्था की बदहाली में सुधार नहीं हो रहा। सुबह से ही ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। काउंटर पर कई बार धक्का-मुक्की के बीच 847 पर्चे बनाए गए। बिजली के वोल्टेज दिक्कत के चलते सुबह 11 बजे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। कुछ देर बाद वरिष्ठजनों का पर्चा काउंटर का कंप्यूटर बंद हो गया। लिहाजा बुजुर्ग सामान्य लंबी लाइन में लग गए। काफी देर विवाद भी होता रहा। जनरेटर न चलने से हाल में लगे पंखे बंद हो गए। भीड़ में उमस में फंसी कायमगंज के मोहल्ला गऊटोला निवासी मोहम्मद जाहिर की पत्नी शबनूर (40) गश खाकर जमीन पर गिर गईं। आसपास के लोगों ने पानी मुंह पर डालकर सही किया। बताया कि वह एक घंटे पंजीकरण लाइन में लगी और एक घंटे से पर्चा की लाइन में लगे हैं।
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ओपीडी में आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा दिव्यांग बोर्ड ड्यूटी और आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा अवकाश पर चले गए। यही नहीं टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह इमरजेंसी रात्रि ड्यूटी करने की वजह से नहीं आए। दूसरे टीबी चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मिश्रा दोपहर 12 बजे के बाद पहुंचे। सबसे अधिक मरीज फिजीशियन, आर्थो और टीबी एवं चेस्ट के पहुंचते हैं। डॉक्टर न होने से मरीज परेशान रहे। उमस से परेशान डॉक्टरों को भी कमरों से बाहर निकलना पड़ा। इसके बावजूद जनरेटर नहीं चला। दोपहर 12.15 बजे के बाद बिजली आने से कुछ राहत मिली।
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सीटी स्केन का भी काम प्रभावित
बिजली गुल होने के बाद सीटी स्केन यूनिट में भी काम बंद हो गया। सवा घंटे से अधिक समय तक मरीज गर्मी और अंधेरे में बैठने को मजबूर हो गए। बिजली आने पर ही मरीजों को राहत मिली।
एक्सरे यूनिट का प्रिंटर कंप्यूटर की मरम्मत नहीं
डिजिटल एक्सरे यूनिट में लगा प्रिंटर कंप्यूटर की तीसरे दिन सोमवार को भी खराबी दूर नहीं हो सकी। संबंधित कंपनी के इंजीनियर से संपर्क किया गया, मगर वह रास्ते में होने की बात कहता रहा। कर्मचारी मरीजों को एक्सरे करने के बाद मोबाइल में फोटो खिंचवाते रहे। इससे खासी दिक्कत हुई।
बिजली चली जाने के बाद जब जनरेटर चलाया गया, तो केबल में फाल्ट हो गई। इससे अस्पताल में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। बाद में केबल की मरम्मत करवा दी गई है। बिजली कम-ज्यादा ऊपर से ही हो रही है। एक्सरे प्रिंटर कंप्यूटर भी शीघ्र सही हो जाएगा। - डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल