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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल की ब्लड सेपरेशन यूनिट को मिला लाइसेंस

Sat, 08 Jun 2024 02:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2024 02:44 AM IST
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Lohia Hospital's blood separation unit gets license
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में लगी ब्लड सेपेरेटर यूनिट को आखिरकार लाइसेंस मिल ही गया। एक साल से लाइसेंस न मिलने से मरीजों को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। अब खून से आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स व क्रायोप्रेसीपिटेट निकालकर अलग-अलग किया जाएगा।
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ब्लड बैंक में करीब एक साल से सेपरेशन यूनिट बनकर तैयार है। प्रदेश और केंद्र सरकार की टीमें निरीक्षण करने के बाद भी लाइसेंस नहीं दे रही थीं। शुक्रवार को आखिरकार सेपरेशन यूनिट को लाइसेंस की पत्रावली उपलब्ध हो गई है।
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सेपरेशन मशीन शुरू होने से एक यूनिट ब्लड से आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग कर लिया जाएगा। ऐसे में मरीज को जिस चीज की जरूरत होगी, उसे वही चढ़ाया जाएगा। जबकि अभी तक मरीजों को ब्लड चढ़ाकर कमी को पूरा करना मजबूरी था।
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इस यूनिट की क्षमता 900 यूनिट की है। सब कुछ ठीकठाक रहा, तो इस महीने के अंत तक यूनिट का ट्रायल शुरू कर लिया जाएगा। इसके बाद ही मरीजों की जरूरतें पूरी होने लगेंगी।
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सेपरेशन यूनिट ऐसे करती है काम
सेपरेशन यूनिट में लगी मशीन में रखकर रक्त को घुमाया यानी मथा जाता है। नियत समय तक घुमाने से रक्त परत दर परत होकर आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है।
मसलन प्लाज्मा को यदि माइनस 80 डिग्री तापमान पर रखा जाए, तो यह पांच साल तक रखा जा सकता है, मगर यहां माइनस 40 डिग्री तक रखकर करीब एक साल तक रखने की व्यवस्थाएं की जाती हैं।
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कमाई का जरिया भी हो सकती है यूनिट
सेपरेशन यूनिट शुरू होने के बाद अकेले प्लाज्मा से ही यूनिट संचालन में खर्च धनराशि का बड़ा हिस्सा कमाया जा सकता है। बताते हैं कि ब्लड से जो प्लाज्मा निकलता है, वह बर्न, लीवर आदि कुछ मरीजों के काम आता है। जबकि प्लाज्मा की मात्रा अधिक होती है। इसे कई बड़ी कंपनियां खरीद लेती हैं। इससे सेपरेशन यूनिट की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।

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डबल पैन बैलेंस मशीन का इंतजार
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि तैयारी पूरी है। सेपरेशन यूनिट में डबल पैन बैलेंस मशीन आने ही वाली है। एअर कॉर्टिन मशीन आ चुकी है। उसे इंस्टॉल किया जाना बाकी है। इस माह के अंत तक शुभारंभ की तिथि निश्चित कर ली जाएगी। मरीजों को सीधा फायदा होगा।
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