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लोहिया अस्पताल में मरीजों ने की धक्का-मुक्की
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लोहिया अस्पताल में डाक्टर कक्ष के बाहर मरीजों में होती धक्कामुक्की।
- फोटो : FARRUKHABAD
डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में ड्यूटी के वक्त डाक्टर नदारद रहते हैं और स्टाफ भी मनमानी करता है। इसी का नतीजा है कि ओपीडी में आने वाले मरीज घंटों परेशान रहकर मशक्कत के बाद डाक्टर तक पहुंच पाते हैं। सोमवार को मरीजों की भीड़ उमड़ी तो पहले दिखाने को लेकर धक्कामुक्की हो गई।
सोमवार को ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ रही। यहां 11 बजे के करीब फिजीशियन डा. प्रज्ञा मिश्रा ही बैठी थीं। कक्ष के बाहर एक लाइन पुरुषों और दो महिलाओं की लगी थीं। पहले घुसने को लेकर कई बार धक्कामुक्की हुई। अंदर खड़े स्वास्थ्य कर्मी ने मरीजों को बार-बार शांत करने का प्रयास किया।
बुजुर्ग मरीज बेंच पर बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। शहर के गंगानगर कालोनी निवासी बुजुर्ग मरीज लतारानी ने बताया कि वह सुबह नौ बजे आई थीं। 10 बजे तक डाक्टर नहीं आए। जब आईं, तो भीड़ इतनी थी कि वह लाइन में लग नहीं सकीं। अब बैठ गई हैं। जब मरीज कम होंगे, तब दिखाएंगे।
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ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज पहुंचे। उधर, बाल रोग विशेषज्ञों के यहां भी मरीजों की भीड़ रही। हड्डी रोग विशेषज्ञ भी 11 बजे अपने कक्ष में नहीं बैठे थे। ओपीडी पर्चा काउंटर पर भी मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। सीएमएस डा. अशोक कुमार ने फोन रिसीव नहीं किया।
इसलिए उनका पक्ष नहीं मिल सका। उधर, प्रशासनिक सीएमएस डा. एसपी सिंह ने बताया कि कुछ चिकित्सक राउंड पर रहते हैं, इसलिए देर से बैठ पाते हैं। स्टाफ की वैसे भी काफी कमी चल रही है।
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सोमवार को ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ रही। यहां 11 बजे के करीब फिजीशियन डा. प्रज्ञा मिश्रा ही बैठी थीं। कक्ष के बाहर एक लाइन पुरुषों और दो महिलाओं की लगी थीं। पहले घुसने को लेकर कई बार धक्कामुक्की हुई। अंदर खड़े स्वास्थ्य कर्मी ने मरीजों को बार-बार शांत करने का प्रयास किया।
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बुजुर्ग मरीज बेंच पर बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। शहर के गंगानगर कालोनी निवासी बुजुर्ग मरीज लतारानी ने बताया कि वह सुबह नौ बजे आई थीं। 10 बजे तक डाक्टर नहीं आए। जब आईं, तो भीड़ इतनी थी कि वह लाइन में लग नहीं सकीं। अब बैठ गई हैं। जब मरीज कम होंगे, तब दिखाएंगे।
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ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज पहुंचे। उधर, बाल रोग विशेषज्ञों के यहां भी मरीजों की भीड़ रही। हड्डी रोग विशेषज्ञ भी 11 बजे अपने कक्ष में नहीं बैठे थे। ओपीडी पर्चा काउंटर पर भी मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। सीएमएस डा. अशोक कुमार ने फोन रिसीव नहीं किया।
इसलिए उनका पक्ष नहीं मिल सका। उधर, प्रशासनिक सीएमएस डा. एसपी सिंह ने बताया कि कुछ चिकित्सक राउंड पर रहते हैं, इसलिए देर से बैठ पाते हैं। स्टाफ की वैसे भी काफी कमी चल रही है।