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लोहिया अस्पताल : बिना दवा लिए लौट गए मरीज
फर्रुखाबाद
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:13 AM IST
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मरीजों को देख रहे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन सिंह।
- फोटो : amarujala
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की भीड़ उमड़ी। इससे वहां अफरातफरी सी मच गई। दो डॉक्टरों की अनुपस्थिति से चार ने करीब 300-300 मरीजों की जांच की। हालात इस कदर बेकाबू रहे कि कई मरीज अपनी बारी के इंतजार में दो बजे तक बैठे रहे। इसके बाद बिना दवा लिए मायूस हो लौट गए।
मंगलवार को सुबह 10 बजे तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 550 रोगी अपना पंजीकरण करा चुके थे। 1:30 बजे तक यह संख्या 1000 पहुंच गई। नए और पुराने रोगी मिलाकर 1500 रोगी फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह और डॉ. राजेश तिवारी को देखने पड़े।
अचानक मरीजों की संख्या में हुई वृद्धि से वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। कमालगंज के गांव शेखपुर से दवा लेने आई शकीला पत्नी ताज मोहम्मद और जहानगंज से रामरतन कटियार की पत्नी वीना देवी समेत कई रोगी वापस लौट गए। अफरा-तफरी की वजह से कई लोगों को दवा नहीं मिल सकी।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके दुबे अवकाश पर थे। सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक दूरदराज से आए रोगी दवा लेने के इंतजार में खड़े रहे लेकिन मरीजों की भीड़ की वजह से इनमें से तमाम लोगों को दवा नहीं मिल सकी।
बोले जिम्मेदार
एक डॉक्टर यदि 300-300 मरीज देखेगा तो वह क्या मरीज का परीक्षण कर पाएगा और इतने कम समय में कितने लोगों को दवा लिख पाएगा, इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। डॉक्टरों की कमी से भारी दिक्कत हो रही है। किसी तरह ओपीडी चलाई जा रही है। जिस दिन एक डॉक्टर अवकाश पर चला जाता है। उस दिन ओपीडी गड़बड़ा जाती है।
डॉ. बीबी पुष्कर (मुख्य चिकित्साधीक्षक)।
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मंगलवार को सुबह 10 बजे तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 550 रोगी अपना पंजीकरण करा चुके थे। 1:30 बजे तक यह संख्या 1000 पहुंच गई। नए और पुराने रोगी मिलाकर 1500 रोगी फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह और डॉ. राजेश तिवारी को देखने पड़े।
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अचानक मरीजों की संख्या में हुई वृद्धि से वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। कमालगंज के गांव शेखपुर से दवा लेने आई शकीला पत्नी ताज मोहम्मद और जहानगंज से रामरतन कटियार की पत्नी वीना देवी समेत कई रोगी वापस लौट गए। अफरा-तफरी की वजह से कई लोगों को दवा नहीं मिल सकी।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके दुबे अवकाश पर थे। सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक दूरदराज से आए रोगी दवा लेने के इंतजार में खड़े रहे लेकिन मरीजों की भीड़ की वजह से इनमें से तमाम लोगों को दवा नहीं मिल सकी।
बोले जिम्मेदार
एक डॉक्टर यदि 300-300 मरीज देखेगा तो वह क्या मरीज का परीक्षण कर पाएगा और इतने कम समय में कितने लोगों को दवा लिख पाएगा, इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। डॉक्टरों की कमी से भारी दिक्कत हो रही है। किसी तरह ओपीडी चलाई जा रही है। जिस दिन एक डॉक्टर अवकाश पर चला जाता है। उस दिन ओपीडी गड़बड़ा जाती है।
डॉ. बीबी पुष्कर (मुख्य चिकित्साधीक्षक)।