फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   " Literature is the mirror of society '

‘समाज का आइना है साहित्य’

Wed, 24 Dec 2014 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Wed, 24 Dec 2014 11:44 PM IST
विज्ञापन
" Literature is the mirror of society '
फर्रुखाबाद महोत्सव में बुधवार को साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
संगोष्ठी में आए साहित्यकारों ने विचार व्यक्त किए। दिल्ली से आए साहित्यकार रजनीकांत शुक्ला ने कहा कि साहित्य समाज का आइना है। साहित्यकार इस जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा भी रहे हैं।  वहीं मंगलवार की शाम कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने काव्य पाठ किया।

पटेलपार्क में चल रहे फर्रुखाबाद महोत्सव में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में आए मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डा. एनकेएस चौहान ने कहा कि संस्कार बचाने के लिए साहित्यकारों को लामबंद होना पड़ेगा। एसपी विजय यादव ने कहा कि अपराध मुक्त समाज के लिए मनुष्य का जागरूक होना आवश्यक है। दिल्ली से आए साहित्यकार रजनीकांत शुक्ला ने कहा कि साहित्य समाज का आइना है।

साहित्यकार इस जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा भी रहे हैं। वरिष्ठ साहित्यकार रमेश तिवारी विराम ने कहा कि आज के समय में साहित्यक ारों की भूमिका ज्यादा संजीदा हो गई है। समाज के जितने बड़े सवाल होंगे साहित्यकार की भूमिका उतनी ही गंभीर होगी। साहित्यकार डा. अमिता दुबे ने समाज के गिरते नैतिक मूल्यों के संकट पर प्रकाश डाला। पद्मकांत शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी उसकी विश्वसनीयता है।

कन्नौज से आए मनोज शुक्ल ने कहा कि साहित्यकारों के गर्भ में पत्रकारिता पली है। इस दौरान लखनऊ से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र सिंह राठौर, सर्वेंद्र अवस्थी इंदू, रोहित गोयल, डा. रामकृष्ण राजपूत, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, शरद कटियार, विनय सिंह और राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

 कार्यक्रम का संचालन पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा एवं पूरन चद्र  ने किया। जयहिंद जनसेवा कल्याण समिति के प्रदीप मिश्रा की ओर से अतिथियाें को सम्मानित किया गया। दूसरे सत्र में पर्यावरण पर चर्चा की गई। यहां डीएफओ डीके श्रीवास्तव, बीएसए योगराज सिंह व डीआईओएस भगवत पटेल मौजूद रहे।
 
वहीं मंगलवार रात कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। डा. श्यामलाल निर्मोही ने काव्य पाठ किया,आसमां को छू ले ऐसी संतान दो, इंकलाबी जवान का वरदान दो। किशोर कवियत्री स्मृति अग्निहोत्री ने कोई अमर नहीं आया है इस कलियुग के आंचल में रचना सुनाई।

निमिष टंडन, दिनेश अवस्थी और कन्हैयालाल श्रीवास्तव ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा. अब्दुल रशीद अख्तर, विजयकृष्ण, नंदन त्रिपाठी, सर्वेश यादव, अमर सक्सेना, पंचशील राजपूत और प्रमोद अवस्थी आदि मौजूद रहे। महोत्सव स्थल पर आधारकार्ड कैंप भी लगाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed