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Farrukhabad News: ग्रामीण की हत्या में दोषी को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। 25 वर्ष पहले गन्ना तोड़ने के विरोध में ग्रामीण की गोली मारकर हत्या के मुकदमे में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) राकेश कुमार ने दोषी को उम्रकैद सुनाई। दोषी पर 55 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गोसरपुर निवासी अमर पाल ने 26 नवंबर 1999 को गांव सकवाई के मजरा आजादनगर निवासी हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 26 नवंबर 1999 को भाई सर्वेश, दिनेश के साथ लहसुन की फसल में सिंचाई कर रहा था। पास के खेत में सुघर सिंह काम कर रहा था।
इसी दौरान हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन आए। उन्होंने सुघर सिंह से गन्ने मांगे। सुघर सिंह ने गन्ने देने से इन्कार कर दिया, फिर भी ये लोग गन्ना तोड़ने लगे। इस पर सुघर सिंह ने भाई सर्वेश, दिनेश व उसको बुलाया। इसके बाद हुल्ली सहित चारों लोगों ने गालीगलौज कर तमंचा निकालकर फायर कर दिए। गोली लगने से भाई सर्वेश गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान सर्वेश की मौत हो गई।
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विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी मुकेश व नरेश की मौत हो गई। हुल्ली फरार है। न्यायाधीश ने गुरुवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर मोहन को दोषी करार किया था।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी मोहन को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी को 55 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से भानु प्रकाश मिश्रा ने दलीलें दीं।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गोसरपुर निवासी अमर पाल ने 26 नवंबर 1999 को गांव सकवाई के मजरा आजादनगर निवासी हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 26 नवंबर 1999 को भाई सर्वेश, दिनेश के साथ लहसुन की फसल में सिंचाई कर रहा था। पास के खेत में सुघर सिंह काम कर रहा था।
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इसी दौरान हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन आए। उन्होंने सुघर सिंह से गन्ने मांगे। सुघर सिंह ने गन्ने देने से इन्कार कर दिया, फिर भी ये लोग गन्ना तोड़ने लगे। इस पर सुघर सिंह ने भाई सर्वेश, दिनेश व उसको बुलाया। इसके बाद हुल्ली सहित चारों लोगों ने गालीगलौज कर तमंचा निकालकर फायर कर दिए। गोली लगने से भाई सर्वेश गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान सर्वेश की मौत हो गई।
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विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी मुकेश व नरेश की मौत हो गई। हुल्ली फरार है। न्यायाधीश ने गुरुवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर मोहन को दोषी करार किया था।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी मोहन को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी को 55 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से भानु प्रकाश मिश्रा ने दलीलें दीं।