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Farrukhabad News: किशोर की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। किशोरी की हत्या में गवाह व साक्ष्य के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 60 हजार रुपये अर्थदंड के रूप मेें जमा करने के आदेश दिए।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव भरखा निवासी अमर सिंह का 14 वर्ष का पुत्र राजन 27 जनवरी 2017 को जानवरों के बाड़े की तरफ गया। वह वापस नहीं आया। रात को खोजबीन करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। 28 जनवरी 2017 को राजन का शव गांव के रमेश के खेत में दोपहर में पड़ा मिला था। अमर सिंह ने अज्ञात के खिलाफ पुत्र की हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचक ने देवेंद्र उर्फ मुखिया को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू व मफलर बरामद किया था। पूछताछ में एक बाल अपचारी के घटना में शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने देवेंद्र उर्फ मुखिया व बाल अपचारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बाल अपचारी की फाइल अलग कर बाल किशोर न्यायालय में भेज दी गई।
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मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने 9 फरवरी को गवाह व साक्ष्य के आधार पर देवेंद्र उर्फ मुखिया को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने दोषी देवेंद्र उर्फ मुखिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 60 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव भरखा निवासी अमर सिंह का 14 वर्ष का पुत्र राजन 27 जनवरी 2017 को जानवरों के बाड़े की तरफ गया। वह वापस नहीं आया। रात को खोजबीन करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। 28 जनवरी 2017 को राजन का शव गांव के रमेश के खेत में दोपहर में पड़ा मिला था। अमर सिंह ने अज्ञात के खिलाफ पुत्र की हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
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विवेचक ने देवेंद्र उर्फ मुखिया को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू व मफलर बरामद किया था। पूछताछ में एक बाल अपचारी के घटना में शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने देवेंद्र उर्फ मुखिया व बाल अपचारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बाल अपचारी की फाइल अलग कर बाल किशोर न्यायालय में भेज दी गई।
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मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने 9 फरवरी को गवाह व साक्ष्य के आधार पर देवेंद्र उर्फ मुखिया को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने दोषी देवेंद्र उर्फ मुखिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 60 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।