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Farrukhabad News: हत्या में महिला सहित चार को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। रंजिश में 26 वर्ष पहले ग्रामीण की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने महिला सहित चार दोषियों को उम्रकैद सुनाई है। चारों दोषियों को एक लाख रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी हंसराज ने गांव के राजेंद्र, मनोज, छत्रपाल, निर्मला व शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव बैरामपुर निवासी अवधेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि फुफेरा भाई कैलाश उर्फ रामेश्वर तीन वर्ष से लापता था। उसकी पत्नी निर्मला ने गांव के राजेंद्र से शादी कर ली। अपने साथ पुत्र व पुत्री को भी ले आई।
फूफा रामचंद्र बेटे कैलाश उर्फ रामेश्वर के बच्चों को लेना चाहते थे। इसको लेकर भाई ऋषिराम की मदद से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। भाई ऋषिराम द्वारा फूफा रामचंद की मदद करने से राजेंद्र व निर्मला रंजिश मानने लगे। इन लोगों ने 29 जुलाई 1997 को ऋषिराम की हत्या कर दी। विवेचक ने पांचों आरोपियों के खिलाफ जांच कर चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी राजेंद्र की मौत हो गई।
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बुधवार को सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी मनोज, छत्रपाल, निर्मला व अवधेश को दोषी करार दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अशोक कटियार व अनुज प्रताप ने दलीलें दीं।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी मनोज, छत्रपाल, निर्मला व अवधेश को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने चारों दोषियों को एक लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर चारों दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए हैं।
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कंपिल थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी हंसराज ने गांव के राजेंद्र, मनोज, छत्रपाल, निर्मला व शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव बैरामपुर निवासी अवधेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि फुफेरा भाई कैलाश उर्फ रामेश्वर तीन वर्ष से लापता था। उसकी पत्नी निर्मला ने गांव के राजेंद्र से शादी कर ली। अपने साथ पुत्र व पुत्री को भी ले आई।
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फूफा रामचंद्र बेटे कैलाश उर्फ रामेश्वर के बच्चों को लेना चाहते थे। इसको लेकर भाई ऋषिराम की मदद से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। भाई ऋषिराम द्वारा फूफा रामचंद की मदद करने से राजेंद्र व निर्मला रंजिश मानने लगे। इन लोगों ने 29 जुलाई 1997 को ऋषिराम की हत्या कर दी। विवेचक ने पांचों आरोपियों के खिलाफ जांच कर चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी राजेंद्र की मौत हो गई।
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बुधवार को सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी मनोज, छत्रपाल, निर्मला व अवधेश को दोषी करार दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अशोक कटियार व अनुज प्रताप ने दलीलें दीं।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी मनोज, छत्रपाल, निर्मला व अवधेश को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने चारों दोषियों को एक लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर चारों दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए हैं।