{"_id":"635c191bb6c6d372607d7f69","slug":"life-imprisonment-for-two-in-kidnapping-and-murder-farrukhabad-news-knp725400513","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण व हत्या में दो को आजीवन करावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण व हत्या में दो को आजीवन करावास
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। ग्रामीण के अपहरण व हत्या के मामले में कोर्ट ने दो लोगों को आजीवन करावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में पांच लोगों को पहले ही उम्र कैद हो चुकी है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव खजुरी निवासी राम चरन ने 23 नवंबर 2003 को गांव के ऋषिपाल, शिवशरन, अजीत, बादाम, रोशन, जर्मन, राजेंद्र के खिलाफ भतीजे राम निवास का अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि यह लोग कचहरी जाने के बहाने 17 नवंबर 2003 को रामनिवास को अपने साथ ले गए और उसकी हत्या कर शव फेंक दिया।
विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए गए अजीत, बादाम, रोशन, जर्मन, राजेंद्र को आजीवन करावास की सजा करीब 15 दिन पूर्व सुनाई थी।
विज्ञापन
ऋषिपाल व शिवसरन कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। उनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। आरोपी ऋषिपाल, शिवशरन ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने ऋषिपाल, शिवशरन को सजा व जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त करावास भोगने का प्रावधान किया है।
विज्ञापन
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव खजुरी निवासी राम चरन ने 23 नवंबर 2003 को गांव के ऋषिपाल, शिवशरन, अजीत, बादाम, रोशन, जर्मन, राजेंद्र के खिलाफ भतीजे राम निवास का अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
आरोप था कि यह लोग कचहरी जाने के बहाने 17 नवंबर 2003 को रामनिवास को अपने साथ ले गए और उसकी हत्या कर शव फेंक दिया।
विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए गए अजीत, बादाम, रोशन, जर्मन, राजेंद्र को आजीवन करावास की सजा करीब 15 दिन पूर्व सुनाई थी।
विज्ञापन
ऋषिपाल व शिवसरन कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। उनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। आरोपी ऋषिपाल, शिवशरन ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने ऋषिपाल, शिवशरन को सजा व जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त करावास भोगने का प्रावधान किया है।