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दो किलोमीटर तक ड्रोन कैमरा उड़ाने के बाद भी नहीं लगा तेंदुआ का सुराग
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ड्रोन से भी नहीं लगा तेंदुए का सुराग
अमृतपुर। तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग नाकाम रहा, तो ड्रोन कैमरे का सहारा लिया गया। ये प्रयास भी नाकाम रहा। डीएफओ ने ग्रामीणों के साथ कांबिंग की। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम पांच दिन से गंगा के किनारे कटरी की खाक छान रही है।
तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में पांच दिन पूर्व तेंदुए ने गाय को शिकार बनाया था। तबसे गंगा के किनारे बसे गांव उदयपुर कंचनपुर, आशा की मड़ैया, गौटिया, सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, जगतपुर, अंबरपुर, लायकपुर आदि गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने उदयपुर कंचनपुर में दो दिन पूर्व पिंजरा लगाया था लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
गंगा के किनारे गन्ना की फसल अधिक होने से तेंदुआ का खोज पाना वन विभाग के लिए चुनौती है। शनिवार को डीएफओ पीके उपाध्याय, वन क्षेत्राधिकारी उदय प्रताप सिंह, वन दरोगा लालाराम आदि कर्मचारी गांव पहुंचे। डीएफओ ने ग्रामीणों से जानकारी ली और खेतों में जाकर पंजे के निशान भी देखे। ड्रोन से दो किलोमीटर तक तेंदुए की खोज की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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ड्रोन की बैटरी बीच मे डाउन हो गई। गांव से चार्ज कर दोबारा खोज की गई। वन विभाग के अधिकारी व ग्रामीण तमाम प्रयास करते रहे लेकिन तेंदुए का पता नहीं लग सका। ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार रात में पड़ोसी गांव अंबरपुर में तेंदुआ गया था। सबलपुर के पास खेतों में पंजे के निशान देखे गए।
डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ के पकड़ने में गन्ने की फसल से दिक्कत आ रही है। ड्रोन से खोज में कराई जा रही है। ग्रामीणों से कहा है कि कोई भी अकेले खेतों में न जाए झुंड बनाकर ही जाएं और हो हल्ला करते रहें।
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अमृतपुर। तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग नाकाम रहा, तो ड्रोन कैमरे का सहारा लिया गया। ये प्रयास भी नाकाम रहा। डीएफओ ने ग्रामीणों के साथ कांबिंग की। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम पांच दिन से गंगा के किनारे कटरी की खाक छान रही है।
तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में पांच दिन पूर्व तेंदुए ने गाय को शिकार बनाया था। तबसे गंगा के किनारे बसे गांव उदयपुर कंचनपुर, आशा की मड़ैया, गौटिया, सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, जगतपुर, अंबरपुर, लायकपुर आदि गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने उदयपुर कंचनपुर में दो दिन पूर्व पिंजरा लगाया था लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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गंगा के किनारे गन्ना की फसल अधिक होने से तेंदुआ का खोज पाना वन विभाग के लिए चुनौती है। शनिवार को डीएफओ पीके उपाध्याय, वन क्षेत्राधिकारी उदय प्रताप सिंह, वन दरोगा लालाराम आदि कर्मचारी गांव पहुंचे। डीएफओ ने ग्रामीणों से जानकारी ली और खेतों में जाकर पंजे के निशान भी देखे। ड्रोन से दो किलोमीटर तक तेंदुए की खोज की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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ड्रोन की बैटरी बीच मे डाउन हो गई। गांव से चार्ज कर दोबारा खोज की गई। वन विभाग के अधिकारी व ग्रामीण तमाम प्रयास करते रहे लेकिन तेंदुए का पता नहीं लग सका। ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार रात में पड़ोसी गांव अंबरपुर में तेंदुआ गया था। सबलपुर के पास खेतों में पंजे के निशान देखे गए।
डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ के पकड़ने में गन्ने की फसल से दिक्कत आ रही है। ड्रोन से खोज में कराई जा रही है। ग्रामीणों से कहा है कि कोई भी अकेले खेतों में न जाए झुंड बनाकर ही जाएं और हो हल्ला करते रहें।