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किशोर काव्य कलश का लोकार्पण और समीक्षा
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शहर में स्टेट बैंक गली स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में हुए कार्यक्रम में बोलते कवि शिवओम अंबर। संवा?
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के कार्यक्रम में कवि ब्रजकिशोर सिंह किशोर की ओर से रचित किशोर काव्य कलश का लोकार्पण किया गया। साहित्यकारों ने पुस्तक की समीक्षा भी की।
शहर के ब्राह्मण धर्मशाला में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीगणेश, सरस्वती के चित्रों पर पुष्पांजलि से हुआ। प्रीती तिवारी ने सरस्वती वंदना पेश की। आचार्य विष्णु नरायन शुक्ल की अध्यक्षता में कवि शिवओम अंबर, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. संतोष पांडेय, कृष्णकांत अक्षर, रामअवतार शर्मा इंदू, रमेश चंद्र त्रिपाठी, महेश पाल सिंह ने लोकार्पण कर समीक्षा की।
कवियों ने कहा कि काव्य कलश में गांव की पगडंडियों से चलकर नगर के जीवन पर आधारित संघर्ष और चुनौतियों की गाथा है। इसमें गंगा और रामगंगा के मध्य की समसामयिक जिंदगी भरी है। पुस्तक में मुक्तक, छंद, गीत, गजल, कविता से अभिव्यक्ति की गई है।
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काव्य रचना में सरल हिंदी भाषा का प्रयोग है। यह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। गरिमा पांडेय, राधिका ने पुस्तक के गीत गुनगुनाए। इस मौके पर कई अन्य साहित्यकार भी मौजूद रहे। संचालन युवा कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री ने किया।
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शहर के ब्राह्मण धर्मशाला में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीगणेश, सरस्वती के चित्रों पर पुष्पांजलि से हुआ। प्रीती तिवारी ने सरस्वती वंदना पेश की। आचार्य विष्णु नरायन शुक्ल की अध्यक्षता में कवि शिवओम अंबर, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. संतोष पांडेय, कृष्णकांत अक्षर, रामअवतार शर्मा इंदू, रमेश चंद्र त्रिपाठी, महेश पाल सिंह ने लोकार्पण कर समीक्षा की।
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कवियों ने कहा कि काव्य कलश में गांव की पगडंडियों से चलकर नगर के जीवन पर आधारित संघर्ष और चुनौतियों की गाथा है। इसमें गंगा और रामगंगा के मध्य की समसामयिक जिंदगी भरी है। पुस्तक में मुक्तक, छंद, गीत, गजल, कविता से अभिव्यक्ति की गई है।
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काव्य रचना में सरल हिंदी भाषा का प्रयोग है। यह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। गरिमा पांडेय, राधिका ने पुस्तक के गीत गुनगुनाए। इस मौके पर कई अन्य साहित्यकार भी मौजूद रहे। संचालन युवा कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री ने किया।