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फर्रुखाबादः प्रधान के पति, बेटे व करीबियों के खातों में भुगतान
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फर्रुखाबाद। बढ़पुर ब्लाक की ग्राम पंचायत याकूतगंज में प्रधान के पति, बेटे व करीबियों के खातों में लाखों का भुगतान किया गया है। डीपीआरओ की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब विकास कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।
ग्राम पंचायत याकूतगंज में भ्रष्टाचार की नींव काफी पुरानी है। पिछली पंचवर्षीय योजना में प्रधान व सचिव से रिकवरी हुई थी। अधिकार बहाल होने के बाद जब उसी सचिव की तैनाती हुई तो बिना अनुमति के स्कूल ध्वस्त कराकर नियम विरुद्ध तरीके से नवनिर्माण करा दिया गया था। जांच में तत्कालीन प्रधान व सचिव के दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की फाइल अभी तक दबी है। अब गांव की सरकार बदली तो फिर शिकायतों का दौर शुरू हो गया।
गांव के अमित कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी ने 12 जुलाई को डीपीआरओ की अध्यक्षता में बीडीओ बढ़पुर व जेई आरईडी की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। शिकायत के अनुसार, प्रधान व सचिव की मिलीभगत से प्रधान के पति, बेटे के अलावा करीबियों के निजी खातों में व ब्लैकलिस्टेड फर्म को लाखों का भुगतान किया गया है।
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पंचायत सहायक के खाते में अप्रैल में तीन बार में 24 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। नाला निर्माण व सीसी निर्माण में भी मनमानी करने का आरोप लगाया गया। डीपीआरओ ने बताया कि उन्होंने गांव में जाकर जांच की है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल को चेक किया गया तो प्रधान के पति व बेटे के खातों में लाखों रुपये के भुगतान की पुष्टि हुई है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता व अन्य बिंदुओं पर अभी गंभीरता से जांच कराने के बाद कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। भुगतान संबंधी कुछ पत्रावलियां भी तलब की गई हैं। दोषियों के खिलाफ हरहाल में कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत याकूतगंज में भ्रष्टाचार की नींव काफी पुरानी है। पिछली पंचवर्षीय योजना में प्रधान व सचिव से रिकवरी हुई थी। अधिकार बहाल होने के बाद जब उसी सचिव की तैनाती हुई तो बिना अनुमति के स्कूल ध्वस्त कराकर नियम विरुद्ध तरीके से नवनिर्माण करा दिया गया था। जांच में तत्कालीन प्रधान व सचिव के दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की फाइल अभी तक दबी है। अब गांव की सरकार बदली तो फिर शिकायतों का दौर शुरू हो गया।
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गांव के अमित कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी ने 12 जुलाई को डीपीआरओ की अध्यक्षता में बीडीओ बढ़पुर व जेई आरईडी की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। शिकायत के अनुसार, प्रधान व सचिव की मिलीभगत से प्रधान के पति, बेटे के अलावा करीबियों के निजी खातों में व ब्लैकलिस्टेड फर्म को लाखों का भुगतान किया गया है।
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पंचायत सहायक के खाते में अप्रैल में तीन बार में 24 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। नाला निर्माण व सीसी निर्माण में भी मनमानी करने का आरोप लगाया गया। डीपीआरओ ने बताया कि उन्होंने गांव में जाकर जांच की है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल को चेक किया गया तो प्रधान के पति व बेटे के खातों में लाखों रुपये के भुगतान की पुष्टि हुई है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता व अन्य बिंदुओं पर अभी गंभीरता से जांच कराने के बाद कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। भुगतान संबंधी कुछ पत्रावलियां भी तलब की गई हैं। दोषियों के खिलाफ हरहाल में कार्रवाई की जाएगी।