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Farrukhabad News: घुटनों तक पानी, हाथ में जूते, बाढ़ में स्कूल पहुंचना मुश्किल
Mon, 22 Sep 2025 11:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:46 PM IST
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फोटो-08, बाढ़ के भरे पानी से हाथ में जूते पकड़कर स्कूल जाते बच्चे। संवाद
फर्रुखाबाद। गंगा की बाढ़ से राजेपुर क्षेत्र के लोग परेशान हैं। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे विगत माह से स्कूल ही नहीं जा पा रहे थे। बाढ़ का पानी कम होने पर स्कूल खुलने की उम्मीद जगी, लेकिन रास्ते में अभी भी घुटनों तक पानी भरा है।
ऐसे में बच्चों को जूते हाथ में पकड़कर और सिर पर बैग रखकर स्कूल जाना पड़ रहा है। पैर फिसलने से स्कूली ड्रेस और बैग भी भीग जाता है।
जनपद के बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्थित प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। बाढ़ का पानी संपर्क मार्गों पर तेज गति से बह रहा है। इसके चलते गांवों का आवागमन बाधित है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी गांव में भरे पानी के बीच से गुजर कर जाना पड़ रहा है। वहीं छोटे बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
गंगा के तटीय इलाकों में स्थित जनपद के करीब 150 से ज्यादा स्कूल बंद चल रहे हैं। वहीं कुछ गांव ऐसे हैं, जहां बाहर तो पानी भरा हुआ है लेकिन विद्यालय सूखे हैं। इन स्कूलों में पंजीकृत विद्यार्थी कठिन राह से गुजरते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
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घर से निकले बच्चे घुटनों से ऊपर पैंट समेटकर, जूते हाथ में पकड़ कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। सरकारी दावों के अनुसार राजेपुर क्षेत्र में 40, कायमगंज में 28 बढ़पुर में 19 शमशाबाद में 8 विद्यालय बंद हैं। जबकि स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर है।
प्रभारी बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया की बंद विद्यालय के शिक्षकों को दूसरे विद्यालय में संबंध किया गया है बाढ़ का पानी उतरने ही इन विद्यालयों को खुलवाया जाएगा।
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ऐसे में बच्चों को जूते हाथ में पकड़कर और सिर पर बैग रखकर स्कूल जाना पड़ रहा है। पैर फिसलने से स्कूली ड्रेस और बैग भी भीग जाता है।
जनपद के बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्थित प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। बाढ़ का पानी संपर्क मार्गों पर तेज गति से बह रहा है। इसके चलते गांवों का आवागमन बाधित है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी गांव में भरे पानी के बीच से गुजर कर जाना पड़ रहा है। वहीं छोटे बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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गंगा के तटीय इलाकों में स्थित जनपद के करीब 150 से ज्यादा स्कूल बंद चल रहे हैं। वहीं कुछ गांव ऐसे हैं, जहां बाहर तो पानी भरा हुआ है लेकिन विद्यालय सूखे हैं। इन स्कूलों में पंजीकृत विद्यार्थी कठिन राह से गुजरते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
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घर से निकले बच्चे घुटनों से ऊपर पैंट समेटकर, जूते हाथ में पकड़ कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। सरकारी दावों के अनुसार राजेपुर क्षेत्र में 40, कायमगंज में 28 बढ़पुर में 19 शमशाबाद में 8 विद्यालय बंद हैं। जबकि स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर है।
प्रभारी बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया की बंद विद्यालय के शिक्षकों को दूसरे विद्यालय में संबंध किया गया है बाढ़ का पानी उतरने ही इन विद्यालयों को खुलवाया जाएगा।