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दहेज के लिए पत्नी की हत्या, दस साल कैद
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Mon, 27 Feb 2017 11:14 PM IST
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विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने पत्नी की हत्या में पति को दोषी करार देते हुए 10 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 22 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शाहजहांपुर कोतवाली क्षेत्र के अल्लाहगंज थाने के रमापुर बझेरा निवासी रामबाबू ने पुत्री बबली की शादी शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव उलियापुर निवासी प्रभाकर के साथ 19 जून 2007 को की थी। शादी के बाद ससुरालीजन दहेज में बाइक और बीस हजार रुपये की मांग करने लगे।
मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करते थे। 21 मार्च 2014 को मारपीट कर पुत्री की हत्या कर दी गई। बबली के पिता रामबाबू ने दामाद प्रभाकर, ससुर शिवदत्त, सास मिसिला, देवर गोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में प्रभाकर को ही आरोपी बनाया गया।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने प्रभाकर को दहेज हत्या में दोषी पाकर दस साल की सजा सुनाई। दहेज उत्पीड़न के जुर्म में दोषी पाकर दो साल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 3 दहेज अधिनियम में दोषी पाकर पांच साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना किया।
धारा 4 दहेज अधिनियम के जुर्म में दोषी पाकर एक साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना किया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि वसूल होने पर उसकी आधी धनराशि मृतका के पिता रामबाबू को दिए जाने का आदेश दिया है।
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शाहजहांपुर कोतवाली क्षेत्र के अल्लाहगंज थाने के रमापुर बझेरा निवासी रामबाबू ने पुत्री बबली की शादी शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव उलियापुर निवासी प्रभाकर के साथ 19 जून 2007 को की थी। शादी के बाद ससुरालीजन दहेज में बाइक और बीस हजार रुपये की मांग करने लगे।
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मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करते थे। 21 मार्च 2014 को मारपीट कर पुत्री की हत्या कर दी गई। बबली के पिता रामबाबू ने दामाद प्रभाकर, ससुर शिवदत्त, सास मिसिला, देवर गोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में प्रभाकर को ही आरोपी बनाया गया।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने प्रभाकर को दहेज हत्या में दोषी पाकर दस साल की सजा सुनाई। दहेज उत्पीड़न के जुर्म में दोषी पाकर दो साल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 3 दहेज अधिनियम में दोषी पाकर पांच साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना किया।
धारा 4 दहेज अधिनियम के जुर्म में दोषी पाकर एक साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना किया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि वसूल होने पर उसकी आधी धनराशि मृतका के पिता रामबाबू को दिए जाने का आदेश दिया है।