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कानपुर अस्थायी जेल में रखे गए थे रामभक्त

Sun, 02 Aug 2020 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:46 PM IST
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कायमगंज। पांच अगस्त को अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। मंदिर निर्माण के लिए लंबा संघर्ष हुआ और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद रामभक्तों का सपना साकार होने जा रहा है। राममंदिर आंदोलन में भाग लेने वाले लोग इस ऐतिहासिक पल के आने से गदगद हैं। इस आंदोलन में शामिल रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. वीडी शर्मा व अन्य हिंदू संगठनों से जुड़े नेता बताते हैं यहां के कई लोगों ने राम मंदिर के लिए काफी कष्ट सहे हैं। अब वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
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1990 के दौरान भाजपा की सक्रिय राजनीति में रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. वीडी शर्मा ने बताया कि नगर के हरि बाबू चेयरमैन की कोठी में जनसंघ की बुनियाद पड़ी थी। यहीं से हर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाती थी। युवा पीढ़ी के केशव अग्रवाल व डॉ. विकास शर्मा ने अपने भविष्य की चिंता न करते हुए गांव-गांव जाकर पत्रक बांटे और अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में भाग लेने के लिए तैयार किया। उन्होंने बताया कि आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक बार विहिप नेता अशोक सिंघल जब यहां आए थे तो रात को वे बीमार पड़ गए। तब उन्हें बुलाया गया था। उन्होंने उनका इलाज किया था।
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रेलवे रोड निवासी अजय अग्रवाल बताते हैं भगवान श्रीराम के मंदिर के लिए जब आंदोलन का बिगुल बजा तो वे तैयार हो गए। 30 अक्तूबर 1990 को उनके साथ छह से अधिक लोग जब फूलमती मंदिर से अयोध्या जाने के लिए मुख्य चौराहे पर पहुंचे तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने करीब एक घंटा पपड़ी में एक औद्योगिक केंद्र पर रखा। बाद में कानपुर नौबस्ता में अस्थायी जेल में बंद कर दिया था। उन्हें भरोसा था एक न एक दिन मंदिर तो बनेगा ही। अब वह सपना पूरा होने जा रहा है। उनका कहना है डॉ. वीडी शर्मा उस समय सबके प्रेरणास्रोत थे। वे हर मामले की रणनीति तय किया करते थे।
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संघ नेता रमेश रस्तोगी ने बताया पुलिस ने उन्हें अयोध्या जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को पहले ही भनक लग गई थी कि यह जत्था रुकेगा नहीं। तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने लाठीचार्ज करने की धमकी भी दी थी। इसके बावजूद रामभक्तों के पैर पीछे नहीं हटे और गिरफ्तार हुए। यहां से कानपुर की अस्थायी जेल पहुंचा दिया गया। विवादित ढांचा ढहने के बाद सभी को छोड़ दिया गया था।

मोहल्ला पाठक निवासी ओमप्रकाश त्रिवेदी उर्फ ललुअन पंडितजी कहते हैं राम मंदिर के लिए उस समय आंदोलन चल रहा था। पुलिस उन्हें पकड़ लेगी यह उन्हें उम्मीद नहीं थी। पुलिस उनके जत्थे को कानपुर ले गई। उन्हें बेहद खुशी है कि भगवान राम का मंदिर बनने जा रहा है, अब भक्तों को सुकून मिलेगा। भगवान राम तो जन-जन के आराध्य हैं।
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