{"_id":"5d616f348ebc3e01586ee0fc","slug":"kanha-s-birthday-celebration-in-temples-farrukhabad-news-knp509366552","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिरों में रही कान्हा के जन्मोत्सव की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिरों में रही कान्हा के जन्मोत्सव की धूम
विज्ञापन
आरआरपी स्कूल कमालगंज में राधा कृष्ण की लीला खेलते बच्चे।
- फोटो : FARRUKHABAD
भगवान कृष्ण की कर्मभूमि पांचाल क्षेत्र में जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में भगवान की झांकियां सजीं। आधीरात पर जन्म होते ही पूजा पाठ और पंचामृत से स्नान के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कई स्थानों जागरण तथा भगवान की कथा का विद्वानों ने प्रवचन किया।
शहर समेत जिले भर में बांकेबिहारी के जन्मोत्सव की शनिवार को दूसरे दिन भी धूम रही। गांधी कूंचा के श्रीराधा माधव मंदिर, ठाकुरद्वारा श्रीराधा गोपाल मंदिर, श्रीराधा-कृष्ण मंदिर, खतराना में श्रीगोपीनाथ मंदिर, लोहाई रोड पर श्रीशक्ति श्याम मंदिर में दिन भर धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे।
आधी रात पर भगवान का जैसे ही प्राकट्य हुआ मंदिरों में विद्वान आचार्यों ने स्वस्तिवाचन, पंचामृत स्नान आदि कार्यक्रम के बाद भव्य आरती उतारी। बजरिया, रेलवे रोड, खड़ियाई, सेनापत, मोहल्लों में भी देररात तक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के आयोजन होते रहे। रामनारायण खेमका, सुरेंद्र सफ्फड़, राजू टंडन, संजय, सुरेंद्र पांडेय, अरुण प्रकाश तिवारी, बीे शोभा बहन आदि ने व्यवस्थाएं संभालीं। शहर के मोहल्ला जटवारा जदीद स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाई गई। इसमें कई समाज सेवी शामिल हुए।
विज्ञापन
जन्माष्टमी पर शहर का महाकाल मंदिर 21 हजार दीपकों से सजाया गया। मंदिर में कई भव्य आयोजन हुए। सजावट को देखनेके लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान का अलौकिक शृंगार किया गया। सहयोगियों में अवधेश वाजपेयी, ललला, गणेश, उमेस, आशीष, अजीत आदि रहे।
नगर में कृष्ण जन्माष्टमी पर हर ओर भगवान कृष्ण के जन्म की धूम रही। जन्माष्टमी पर सजी झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। रात 12 बजते ही मंदिरों से घंटा घड़ियालों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शुक्रवार रात कोतवाली में जन्मोत्सव मनाया गया।
आकर्षक लाइटिंग से सजी कोतवाली में प्रसाद वितरण के साथ भोज कराया गया। सीपी गेस्ट हाउस, मोहल्ला पृथ्वी दरवाजा स्थित राधा कृष्ण मंदिर, लंगड़े बाबा मंदिर, सोम बाबा, गमा देवी, फूलमती देवी मंदिर, ललिता देवी मंदिर, शिवाला गायत्री धाम, हनुमान गड़ी, आदि में राधा कृष्ण के मंदिरों को भव्यता से सजाया गया। दूर दराज से आए लोगों ने भी मंदिरों में जाकर दर्शन किए।
नगर के मोहल्ला चौधरियान में स्थिति गीता ज्ञान आश्रम, रामेश्वर नाथ, कालेश्वर नाथ, कपिल मुनि महाराज, गणेशजी, द्रोपदी कुंड, भूतेश्वर नाथ, दुर्गा मंदिर, आदि मंदिरों को भव्यता से सजाया गया। गुलाब के फूलों से मंदिर महक रहे थे। जबकि लाइट की झालरों से जगमगा रहें थे। इनको देखने के लिये नगर व दूर दराज गांवों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के पहुंचे। मंदिर में मौजूद पुजारियों ने भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना कर भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। मंदिरों में भगवान कृष्ण की रासलीला सुनाई गई।
नगर में गीता ज्ञान आश्रम (मंदिर) को भगवान राधाकृष्ण का मुख्य मंदिर माना जाता है। मथुरा से लाए मोतियों से सजे वस्त्रों से राधाकृष्ण को सजाया गया। वहीं रामेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव की शिवलिंग को भक्तों से गुलाब के फूलों व चंदन के लेप से सजाया।
विज्ञापन
शहर समेत जिले भर में बांकेबिहारी के जन्मोत्सव की शनिवार को दूसरे दिन भी धूम रही। गांधी कूंचा के श्रीराधा माधव मंदिर, ठाकुरद्वारा श्रीराधा गोपाल मंदिर, श्रीराधा-कृष्ण मंदिर, खतराना में श्रीगोपीनाथ मंदिर, लोहाई रोड पर श्रीशक्ति श्याम मंदिर में दिन भर धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे।
विज्ञापन
आधी रात पर भगवान का जैसे ही प्राकट्य हुआ मंदिरों में विद्वान आचार्यों ने स्वस्तिवाचन, पंचामृत स्नान आदि कार्यक्रम के बाद भव्य आरती उतारी। बजरिया, रेलवे रोड, खड़ियाई, सेनापत, मोहल्लों में भी देररात तक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के आयोजन होते रहे। रामनारायण खेमका, सुरेंद्र सफ्फड़, राजू टंडन, संजय, सुरेंद्र पांडेय, अरुण प्रकाश तिवारी, बीे शोभा बहन आदि ने व्यवस्थाएं संभालीं। शहर के मोहल्ला जटवारा जदीद स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाई गई। इसमें कई समाज सेवी शामिल हुए।
विज्ञापन
जन्माष्टमी पर शहर का महाकाल मंदिर 21 हजार दीपकों से सजाया गया। मंदिर में कई भव्य आयोजन हुए। सजावट को देखनेके लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान का अलौकिक शृंगार किया गया। सहयोगियों में अवधेश वाजपेयी, ललला, गणेश, उमेस, आशीष, अजीत आदि रहे।
नगर में कृष्ण जन्माष्टमी पर हर ओर भगवान कृष्ण के जन्म की धूम रही। जन्माष्टमी पर सजी झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। रात 12 बजते ही मंदिरों से घंटा घड़ियालों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शुक्रवार रात कोतवाली में जन्मोत्सव मनाया गया।
आकर्षक लाइटिंग से सजी कोतवाली में प्रसाद वितरण के साथ भोज कराया गया। सीपी गेस्ट हाउस, मोहल्ला पृथ्वी दरवाजा स्थित राधा कृष्ण मंदिर, लंगड़े बाबा मंदिर, सोम बाबा, गमा देवी, फूलमती देवी मंदिर, ललिता देवी मंदिर, शिवाला गायत्री धाम, हनुमान गड़ी, आदि में राधा कृष्ण के मंदिरों को भव्यता से सजाया गया। दूर दराज से आए लोगों ने भी मंदिरों में जाकर दर्शन किए।
नगर के मोहल्ला चौधरियान में स्थिति गीता ज्ञान आश्रम, रामेश्वर नाथ, कालेश्वर नाथ, कपिल मुनि महाराज, गणेशजी, द्रोपदी कुंड, भूतेश्वर नाथ, दुर्गा मंदिर, आदि मंदिरों को भव्यता से सजाया गया। गुलाब के फूलों से मंदिर महक रहे थे। जबकि लाइट की झालरों से जगमगा रहें थे। इनको देखने के लिये नगर व दूर दराज गांवों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के पहुंचे। मंदिर में मौजूद पुजारियों ने भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना कर भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। मंदिरों में भगवान कृष्ण की रासलीला सुनाई गई।
नगर में गीता ज्ञान आश्रम (मंदिर) को भगवान राधाकृष्ण का मुख्य मंदिर माना जाता है। मथुरा से लाए मोतियों से सजे वस्त्रों से राधाकृष्ण को सजाया गया। वहीं रामेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव की शिवलिंग को भक्तों से गुलाब के फूलों व चंदन के लेप से सजाया।