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पुल के पटरों में गैप से कल्पवासियों में रोष
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 06 Jan 2015 11:25 PM IST
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ढाईघाट पर बने पीपा पुल के पटरों में गैप होने से राहगीरों और वाहन चालकों
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को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कल्पवासियों ने नाराजगी जताते हुए
पटरों को ठीक करवाए जाने की मांग की है। ढाईघाट पुल पर बने पीपा के पुल
पर पड़े पटरों में करीब छह-छह इंच तक गैप है।
इसके चलते यहां से निकलते समय वाहन चालकों और राहगीरों को काफी एहतियात बरतनी पड़ रही है। बड़े वाहन इसके बजाय धारा के बीच से निकलते हैं। पटरे ठीक न होने से कल्पवासियों में रोष है। बाबा विजय गिरि, धनपाल, सतेंद्र, शिव कुमार, छोटेलाल और मुनीश कुमार आदि का कहना है कि पटरों में गैप ज्यादा होने से हमेशा डर बना रहता है। सबसे ज्यादा
खतरा बच्चों के लिए है। रोजाना हजारों लोग पुल से आवागमन कर रहे हैं। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तांगा, बाइक और मैजिक चालकों को भी निकलने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पुल पर पड़े पटरों में गैप कम करवाया जाए।
रोक के बावजूद धोए जा रहे वाहन
गंगा स्वच्छता को लेकर देश में कई अभियान चलाए जा रहे हैं। शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठन व स्वयंसेवी संस्थाएं गंगा स्वच्छता पर विशेष जोर दे रही हैं। इसके बावजूद कुछ लोग ऐसे हैं जो जागरूक नहीं हैं। जिलाधिकारी के सख्त आदेश हैं कि
गंगा नदी में कपड़ों और वाहनों आदि को न धोया जाए। पर इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को ढाईघाट पर कई लोग अपनी बाइकें और बैलगाड़ी धोने में मशगूल थे। गंगा स्वच्छता के बारे में पूछे जाने पर इन लोगों ने जवाब दिया कि उनके वाहन न धोने से गंगा स्वच्छ तो नहीं हो जाएंगी।
इसके चलते यहां से निकलते समय वाहन चालकों और राहगीरों को काफी एहतियात बरतनी पड़ रही है। बड़े वाहन इसके बजाय धारा के बीच से निकलते हैं। पटरे ठीक न होने से कल्पवासियों में रोष है। बाबा विजय गिरि, धनपाल, सतेंद्र, शिव कुमार, छोटेलाल और मुनीश कुमार आदि का कहना है कि पटरों में गैप ज्यादा होने से हमेशा डर बना रहता है। सबसे ज्यादा
खतरा बच्चों के लिए है। रोजाना हजारों लोग पुल से आवागमन कर रहे हैं। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तांगा, बाइक और मैजिक चालकों को भी निकलने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पुल पर पड़े पटरों में गैप कम करवाया जाए।
रोक के बावजूद धोए जा रहे वाहन
गंगा स्वच्छता को लेकर देश में कई अभियान चलाए जा रहे हैं। शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठन व स्वयंसेवी संस्थाएं गंगा स्वच्छता पर विशेष जोर दे रही हैं। इसके बावजूद कुछ लोग ऐसे हैं जो जागरूक नहीं हैं। जिलाधिकारी के सख्त आदेश हैं कि
गंगा नदी में कपड़ों और वाहनों आदि को न धोया जाए। पर इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को ढाईघाट पर कई लोग अपनी बाइकें और बैलगाड़ी धोने में मशगूल थे। गंगा स्वच्छता के बारे में पूछे जाने पर इन लोगों ने जवाब दिया कि उनके वाहन न धोने से गंगा स्वच्छ तो नहीं हो जाएंगी।