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कीर्तन और जयकारों से गूंज रहा कल्पवास क्षेत्र
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 28 Jan 2015 12:01 AM IST
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मां भागीरथी के तट पर लगी रामनगरिया में संतों की तपस्या और कल्पवासियों की
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लगन से क्षेत्र देवभूमि नजर आता है। एक तरफ अखंड पाठ, कीर्तन, गंगा पूजा,
भंडारे तो दूसरी तरफ जयकारों की गूंज अलग आनंद दे रही है। यहां आने वाले
स्नानार्थियों में गंगा के प्रति अगाध श्रद्घा झलकती है। विभिन्न
संप्रदायों के संत अपने-अपने तरीके से ईश्वर की आराधना में लगे हैं।
वहीं मौसम साफ होने के चलते मेला क्षेत्र में लोगोें की गहमा-गहमी बढ़ने लगी है। लोग यहां सर्कस, जादू, मौत का कुआं, झूले आदि का लुत्फ उठा रहे हैं। वहीं प्रशासनिक सुविधाएं जस की तस हैं। दवाइयों का अभी भी टोटा है। क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी के अंबार हैं। संतों का कहना है कि वह प्रशासनिक सुविधाओं पर नहीं, बल्कि ईश्वर के आशीर्वाद से यहां एक माह काटने के लिए आते हैं। उनकी रक्षा गंगा मइया करती हैं।
क्षेत्र में अलग-अलग आश्रमों में भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। यहां आने वाला साधुसंत और फकीरों को भोजन करा रहे हैं। कासगंज वाले बाबा आश्रम में साधुसंतों के लिए व्रत व भंडारे की व्यवस्था है। यहां लोगों की सुविधा के अनुसार भोजन बनवाया जाता है।
जादू में उमड़ी भीड़
प्रशासनिक पांडाल में दिखाए गए जादू को देखने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। जादूगर केके गोगा ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। जादू देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। प्रशासनिक अफसरों ने भी जादू का लुत्फ उठाया।
खूब बिकी लकड़ी की गाड़ी
रामनगरिया क्षेत्र में लकड़ी की गाड़ी (बच्चों का खिलौना) की जमकर बिक्री हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चे इनकी खूब खरीददारी कर रहे हैं। लकड़ी की गाड़ी को देखकर बच्चे अपने अभिभावकों से इन्हें खरीदने की जिद करते नजर आते हैं। अभिभावक भी बच्चों को लकड़ी की गाड़ी खरीद रहे हैं।
सूख रहे पौधे
मेला क्षेत्र में सामाजिक वानिकी विभाग की ओर से लगाई गई पौधों की क्यारियां सूख रही हैं। यहां विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार के पौधोें की बेड़ लगाई गई थी। इससे लोग प्रभावित होकर इन पौधों को लगाएं। लेकिन प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद विभाग के लोगों ने इस ओर जाना भी उचित नहीं समझा। पानी के अभाव में यह पौध सूखने लगी है।
लोकनृत्य से मन मोहा
सांस्कृतिक पांडाल में लखनऊ से आए कलाकारों ने प्रदेश के कई लोकनृत्यों का जबरदस्त ढंग से प्रदर्शन किया। इससे प्रभावित होकर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। कलाकारों ने भोजपुरी, अवधी समेत कई लोकनृत्य प्रस्तुत किए।
भजन सुनकर लोग हुए भाव-विभोर
रामनगरिया में जनपदीय आर्य समाज उप प्रतिनिधि सभा की ओर से लगे चरित्र निर्माण शिविर में मंगलवार को यज्ञ में आहुतियां डाली गईं। कानपुर से आए धर्मदेव चतुर्वेदी ने यज्ञ संपन्न करवाया। दीपक आर्य ने भजन सुनाए। भजन सुनकर लोग भाव-विभोर हो गए। बिजनौर से आए राकेश आर्य ने कहा कि सभी को मां-बाप की सेवा करना चाहिए। मां-बाप की सेवा से बड़ा कोई पुनीत कार्य नहीं है। इस अवसर पर प्रदीप शास्त्री आदि मौजूद रहे।
मेला क्षेत्र में उमड़ी भीड़
मेला समाप्त होने में अब महज एक हफ्ता ही बचा है। इसको लेकर मेला में जमकर भीड़ उमड़ने लगी है। मंगलवार को धूप खिलने से मेले में जमकर भीड़ उमड़ी। बच्चों ने झूले का जमकर लुत्फ उठाया। सर्कस, मौत का कुआं आदि में जमकर भीड़ उमड़ी।
पन्नालाल नहीं है गधा
मेला क्षेत्र में लगे सर्कस में जहां कलाकार अपने दमखम का नजारा पेश कर रहे हैं। वहीं सर्कस में पन्नालाल अंजान लोगों को भी नाम से पहचानते हैं। इसके साथ ही पन्नालाल चोरों की पहचान आंख बंद करके भी कर लेते हैं। यहां उपस्थित लोग पन्नालाल के हैरतअंगेज कारनामों को देखकर दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं। पन्नालाल और कोई नहीं, बल्कि एक गधे का नाम है।
जगह-जगह फैली गंदगी
सफाईकर्मियों की मनमानी के चलते जगह-जगह गंदगी फैली है। सीढ़ी नंबर 1, 2 व 5 के पास कूड़े के ढेर नजर आते हैं। सीढ़ी के आसपास आलू की दुकान लगाने वाले दुकानदार भी कूड़े को वहीं पर फेंक देते हैं। मेला क्षेत्र में अधिकतर सफाईकर्मियों के ड्यूटी ज्वाइन न करने के चलते सफाई व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है।
लोगों को भा रहे जलेबी व खजला
क्षेत्र में भ्रमण करने वाले लोगों को जलेबी और खजला भा रहा है। यहां ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोग नाश्ते में जलेबी और मीठे खजले खाकर लुत्फ उठाते हैं तो वहीं शहरी चाऊमीन, पिज्जा, बर्गर और भुने आलू के शौकीन बने हुए हैं।
सभी धर्मों का उद्देश्य भाईचारा : सैंथली
मेला रामनगरिया के संास्कृतिक पंाडाल में सोमवार को सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन हुआ। सदाकत हुसैन सैंथली ने कहा कि सभी धर्मों का उद्देश्य भाईचारा है। बहावुद्दीन ने कहा कि सभी धर्मों का सार जीने की कला सिखाना है। यहां अरुण कुमार तिवारी ददुआ ने कहा कि राष्ट्रीय एकता कायम बनी रहनी चाहिए। उन्हाेंने मानस चर्चा की। ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने एकता पर जोर दिया।
डा. संतोष प्रजापति ने कहा कि धर्म अनेकता में एकता की सीख देते हैं। वीके मंजू ने कहा कि महिला साक्षरता की दर बढ़नी चाहिए। पादरी किशन मसीह ने गंगा जमजम पर प्रकाश डाला। सूफ ी संत पप्पन मियां, रामकृष्ण राजपूत, उर्मिला राजपूत, जवाहर सिंह
गंगवार, डा. मोहम्मद मोहसिन, कामता सिंह ने भी संबोधित किया। युक्ती दुबे व रागिनी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। यहां दिलदार हुसैन, ओमप्रकाश, वीके मधु, सरिता दुबे, संदेश प्रजापति आदि मौजूद रहे। संचालन डा. संतोष प्रजापति ने किया।
वहीं मौसम साफ होने के चलते मेला क्षेत्र में लोगोें की गहमा-गहमी बढ़ने लगी है। लोग यहां सर्कस, जादू, मौत का कुआं, झूले आदि का लुत्फ उठा रहे हैं। वहीं प्रशासनिक सुविधाएं जस की तस हैं। दवाइयों का अभी भी टोटा है। क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी के अंबार हैं। संतों का कहना है कि वह प्रशासनिक सुविधाओं पर नहीं, बल्कि ईश्वर के आशीर्वाद से यहां एक माह काटने के लिए आते हैं। उनकी रक्षा गंगा मइया करती हैं।
क्षेत्र में अलग-अलग आश्रमों में भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। यहां आने वाला साधुसंत और फकीरों को भोजन करा रहे हैं। कासगंज वाले बाबा आश्रम में साधुसंतों के लिए व्रत व भंडारे की व्यवस्था है। यहां लोगों की सुविधा के अनुसार भोजन बनवाया जाता है।
जादू में उमड़ी भीड़
प्रशासनिक पांडाल में दिखाए गए जादू को देखने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। जादूगर केके गोगा ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। जादू देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। प्रशासनिक अफसरों ने भी जादू का लुत्फ उठाया।
खूब बिकी लकड़ी की गाड़ी
रामनगरिया क्षेत्र में लकड़ी की गाड़ी (बच्चों का खिलौना) की जमकर बिक्री हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चे इनकी खूब खरीददारी कर रहे हैं। लकड़ी की गाड़ी को देखकर बच्चे अपने अभिभावकों से इन्हें खरीदने की जिद करते नजर आते हैं। अभिभावक भी बच्चों को लकड़ी की गाड़ी खरीद रहे हैं।
सूख रहे पौधे
मेला क्षेत्र में सामाजिक वानिकी विभाग की ओर से लगाई गई पौधों की क्यारियां सूख रही हैं। यहां विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार के पौधोें की बेड़ लगाई गई थी। इससे लोग प्रभावित होकर इन पौधों को लगाएं। लेकिन प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद विभाग के लोगों ने इस ओर जाना भी उचित नहीं समझा। पानी के अभाव में यह पौध सूखने लगी है।
लोकनृत्य से मन मोहा
सांस्कृतिक पांडाल में लखनऊ से आए कलाकारों ने प्रदेश के कई लोकनृत्यों का जबरदस्त ढंग से प्रदर्शन किया। इससे प्रभावित होकर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। कलाकारों ने भोजपुरी, अवधी समेत कई लोकनृत्य प्रस्तुत किए।
भजन सुनकर लोग हुए भाव-विभोर
रामनगरिया में जनपदीय आर्य समाज उप प्रतिनिधि सभा की ओर से लगे चरित्र निर्माण शिविर में मंगलवार को यज्ञ में आहुतियां डाली गईं। कानपुर से आए धर्मदेव चतुर्वेदी ने यज्ञ संपन्न करवाया। दीपक आर्य ने भजन सुनाए। भजन सुनकर लोग भाव-विभोर हो गए। बिजनौर से आए राकेश आर्य ने कहा कि सभी को मां-बाप की सेवा करना चाहिए। मां-बाप की सेवा से बड़ा कोई पुनीत कार्य नहीं है। इस अवसर पर प्रदीप शास्त्री आदि मौजूद रहे।
मेला क्षेत्र में उमड़ी भीड़
मेला समाप्त होने में अब महज एक हफ्ता ही बचा है। इसको लेकर मेला में जमकर भीड़ उमड़ने लगी है। मंगलवार को धूप खिलने से मेले में जमकर भीड़ उमड़ी। बच्चों ने झूले का जमकर लुत्फ उठाया। सर्कस, मौत का कुआं आदि में जमकर भीड़ उमड़ी।
पन्नालाल नहीं है गधा
मेला क्षेत्र में लगे सर्कस में जहां कलाकार अपने दमखम का नजारा पेश कर रहे हैं। वहीं सर्कस में पन्नालाल अंजान लोगों को भी नाम से पहचानते हैं। इसके साथ ही पन्नालाल चोरों की पहचान आंख बंद करके भी कर लेते हैं। यहां उपस्थित लोग पन्नालाल के हैरतअंगेज कारनामों को देखकर दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं। पन्नालाल और कोई नहीं, बल्कि एक गधे का नाम है।
जगह-जगह फैली गंदगी
सफाईकर्मियों की मनमानी के चलते जगह-जगह गंदगी फैली है। सीढ़ी नंबर 1, 2 व 5 के पास कूड़े के ढेर नजर आते हैं। सीढ़ी के आसपास आलू की दुकान लगाने वाले दुकानदार भी कूड़े को वहीं पर फेंक देते हैं। मेला क्षेत्र में अधिकतर सफाईकर्मियों के ड्यूटी ज्वाइन न करने के चलते सफाई व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है।
लोगों को भा रहे जलेबी व खजला
क्षेत्र में भ्रमण करने वाले लोगों को जलेबी और खजला भा रहा है। यहां ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोग नाश्ते में जलेबी और मीठे खजले खाकर लुत्फ उठाते हैं तो वहीं शहरी चाऊमीन, पिज्जा, बर्गर और भुने आलू के शौकीन बने हुए हैं।
सभी धर्मों का उद्देश्य भाईचारा : सैंथली
मेला रामनगरिया के संास्कृतिक पंाडाल में सोमवार को सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन हुआ। सदाकत हुसैन सैंथली ने कहा कि सभी धर्मों का उद्देश्य भाईचारा है। बहावुद्दीन ने कहा कि सभी धर्मों का सार जीने की कला सिखाना है। यहां अरुण कुमार तिवारी ददुआ ने कहा कि राष्ट्रीय एकता कायम बनी रहनी चाहिए। उन्हाेंने मानस चर्चा की। ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने एकता पर जोर दिया।
डा. संतोष प्रजापति ने कहा कि धर्म अनेकता में एकता की सीख देते हैं। वीके मंजू ने कहा कि महिला साक्षरता की दर बढ़नी चाहिए। पादरी किशन मसीह ने गंगा जमजम पर प्रकाश डाला। सूफ ी संत पप्पन मियां, रामकृष्ण राजपूत, उर्मिला राजपूत, जवाहर सिंह
गंगवार, डा. मोहम्मद मोहसिन, कामता सिंह ने भी संबोधित किया। युक्ती दुबे व रागिनी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। यहां दिलदार हुसैन, ओमप्रकाश, वीके मधु, सरिता दुबे, संदेश प्रजापति आदि मौजूद रहे। संचालन डा. संतोष प्रजापति ने किया।