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Farrukhabad News: रिश्वत लेता गिरफ्तार जेई निलंबित व एसएसओ बर्खास्त, दोनों जेल गए
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फर्रुखाबाद। 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार बिजली विभाग के अवर अभियंता व एसएसओ को फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन थाना कानपुर ले गई। वहां विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दोनों को पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया। एसई ने जेई को निलंबित करने के साथ ही एसएसओ को बर्खास्त कर दिया है।
नलकूप कनेक्शन देने के नाम पर किसान से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते याकूतगंज उपकेंद्र से बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने कानपुर नगर निवासी अवर अभियंता अजीत राजपूत व आउटसोर्स कर्मी एसएसओ चंद्रभान काे गिरफ्तार किया था। जनपद एटा के थाना अलीगंज के गांव मोहम्मद नगर बझेरा निवासी एसएसओ मऊदरवाजा क्षेत्र के गांव न्यामतपुर खेड़ा स्थित अपनी बहन के घर रहकर नौकरी कर रहा था। रात में दोनों को फतेहगढ़ कोतवाली की हवालात में रखा गया।
बृहस्पतिवार सुबह कोतवाली पुलिस ने लोहिया अस्पताल में दोनों का मेडिकल कराया। इसके बाद कोतवाली से चार सिपाही उन्हें कानपुर ले गए। एंटी करप्शन थाना कानपुर के टीम प्रभारी निरीक्षक रामआसरे त्रिपाठी ने फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई।
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नलकूप की कोठरी न होने से आवेदन पर लगाई थी आपत्ति
फर्रुखाबाद। बिजली विभाग के अभियंता बिना रिश्वत कोई काम नहीं करते। किसान मंशाराम के रिश्वत न देने पर जेई ने उनके आवेदन पर नलकूप की कोठरी न होने की आपत्ति लगा दी थी। इससे उनका कनेक्शन चार माह बाद भी नहीं हो सका। जेई ने दस हजार रुपये लेने के बाद ही आपत्ति हटाने के साथ कनेक्शन मंजूर करने की बात कही थी। इसकी पुष्टि दर्ज कराई गई एफआईआर में भी की गई है।
प्राथमिकी में बताया गया कि कमालगंज थाने के गांव गुगौरा निवासी मंशाराम ने शिकायत की थी कि उनके पास साढ़े आठ बीघा भूमि है। उसने लघु सिंचाई विभाग से बोरिंग कराई। 10 हार्सपावर का सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए कनेक्शन का ऑनलाइन आवेदन किया। अवर अभियंता अजीत राजपूत ने सर्वे करने के बाद नलकूप के लिए कोठरी न होने की आपत्ति लगा दी। इसके बाद वह जेई से मिले। जेई ने सभी कागज ले लिए और एस्टीमेट बनाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे।
500-500 के दिए थे 20 नोट, भाई बनकर गया था टीम का सिपाही
17 अगस्त को निरीक्षक सुशील पाराशर ने गोपनीय जांच की थी। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने ट्रैप करने की अनुमति दी। इसके बाद वह टीम के साथ आकर जिलाधिकारी द्वारा नामित गवाह राजेश गुप्ता व पंकज यादव को साथ लेकर गए। पेट्रोल पंप पर शिकायतकर्ता मंशाराम को बुलाया और पाउडर लगे 500 के बीस नोट देकर भेजा। टीम के सदस्य 200 मीटर पहले उपकेंद्र के आसपास छिप गए। जबकि मंशाराम व उसका भाई बनकर टीम का एक सिपाही उपकेंद्र पर गए। जेई से काम करने की बात कही तो उसने इशारे में कहा कि रुपये लाए हो। फिर एसएसओ को देने के लिए इशारा किया। एसएसओ ने जैसे ही रुपये लेकर जेब में रखे, टीम ने जेई व एसएसओ को दबोच लिया।
अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम द्वारा रिश्वत लेते गिरफ्तार अवर अभियंता अजीत राजपूत को उन्होंने निलंबित कर दिया है। आउटसोर्स कर्मी एसएसओ चंद्रभान की सेवा समाप्त करने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा है।
वहीं, बुधवार को गलती से जेई अजीत राजपूत की जगह एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सुशील पाराशर की फोटो प्रकाशित हो गई थी।आज हम आरोपी जेई और एसएसओ की फोटो प्रकाशित कर रहे हैं।
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नलकूप कनेक्शन देने के नाम पर किसान से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते याकूतगंज उपकेंद्र से बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने कानपुर नगर निवासी अवर अभियंता अजीत राजपूत व आउटसोर्स कर्मी एसएसओ चंद्रभान काे गिरफ्तार किया था। जनपद एटा के थाना अलीगंज के गांव मोहम्मद नगर बझेरा निवासी एसएसओ मऊदरवाजा क्षेत्र के गांव न्यामतपुर खेड़ा स्थित अपनी बहन के घर रहकर नौकरी कर रहा था। रात में दोनों को फतेहगढ़ कोतवाली की हवालात में रखा गया।
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बृहस्पतिवार सुबह कोतवाली पुलिस ने लोहिया अस्पताल में दोनों का मेडिकल कराया। इसके बाद कोतवाली से चार सिपाही उन्हें कानपुर ले गए। एंटी करप्शन थाना कानपुर के टीम प्रभारी निरीक्षक रामआसरे त्रिपाठी ने फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई।
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नलकूप की कोठरी न होने से आवेदन पर लगाई थी आपत्ति
फर्रुखाबाद। बिजली विभाग के अभियंता बिना रिश्वत कोई काम नहीं करते। किसान मंशाराम के रिश्वत न देने पर जेई ने उनके आवेदन पर नलकूप की कोठरी न होने की आपत्ति लगा दी थी। इससे उनका कनेक्शन चार माह बाद भी नहीं हो सका। जेई ने दस हजार रुपये लेने के बाद ही आपत्ति हटाने के साथ कनेक्शन मंजूर करने की बात कही थी। इसकी पुष्टि दर्ज कराई गई एफआईआर में भी की गई है।
प्राथमिकी में बताया गया कि कमालगंज थाने के गांव गुगौरा निवासी मंशाराम ने शिकायत की थी कि उनके पास साढ़े आठ बीघा भूमि है। उसने लघु सिंचाई विभाग से बोरिंग कराई। 10 हार्सपावर का सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए कनेक्शन का ऑनलाइन आवेदन किया। अवर अभियंता अजीत राजपूत ने सर्वे करने के बाद नलकूप के लिए कोठरी न होने की आपत्ति लगा दी। इसके बाद वह जेई से मिले। जेई ने सभी कागज ले लिए और एस्टीमेट बनाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे।
500-500 के दिए थे 20 नोट, भाई बनकर गया था टीम का सिपाही
17 अगस्त को निरीक्षक सुशील पाराशर ने गोपनीय जांच की थी। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने ट्रैप करने की अनुमति दी। इसके बाद वह टीम के साथ आकर जिलाधिकारी द्वारा नामित गवाह राजेश गुप्ता व पंकज यादव को साथ लेकर गए। पेट्रोल पंप पर शिकायतकर्ता मंशाराम को बुलाया और पाउडर लगे 500 के बीस नोट देकर भेजा। टीम के सदस्य 200 मीटर पहले उपकेंद्र के आसपास छिप गए। जबकि मंशाराम व उसका भाई बनकर टीम का एक सिपाही उपकेंद्र पर गए। जेई से काम करने की बात कही तो उसने इशारे में कहा कि रुपये लाए हो। फिर एसएसओ को देने के लिए इशारा किया। एसएसओ ने जैसे ही रुपये लेकर जेब में रखे, टीम ने जेई व एसएसओ को दबोच लिया।
अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम द्वारा रिश्वत लेते गिरफ्तार अवर अभियंता अजीत राजपूत को उन्होंने निलंबित कर दिया है। आउटसोर्स कर्मी एसएसओ चंद्रभान की सेवा समाप्त करने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा है।
वहीं, बुधवार को गलती से जेई अजीत राजपूत की जगह एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सुशील पाराशर की फोटो प्रकाशित हो गई थी।आज हम आरोपी जेई और एसएसओ की फोटो प्रकाशित कर रहे हैं।