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Farrukhabad News: ननिहाल आई मासूम के गले में बेर फंसने से मौत
Fri, 07 Feb 2025 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 07 Feb 2025 11:36 PM IST
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव ललई में अपनी ननिहाल आई मासूम बच्ची के गले में बेर फंसने से मौत हो गई। रोते बिलखते परिजन बच्ची का शव लेकर अलीगढ़ चले गए।
जनपद अलीगढ़ के गांव मिथलामई निवासी अजय शर्मा पत्नी रुचि व बच्चों के साथ कायमगंज के गांव ललई आए थे। शुक्रवार को बच्ची घर में खेल रही थी। अन्य बच्चे बेर खा रहे थे। बच्चों के साथ सौम्या के भी कुछ बेर हाथ लग गए। मां ने उसका मुंह फूला देखकर कई बेर तो निकाल दिए। एक बेर उसके गले में जाकर फंस गया। परिजनों ने बेर निकाल ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
रोते-बिलखते परिजन शव लेकर घर चले गए। करीब 4 बजे परिजन बच्ची का शव लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए। बच्ची के नाना संतोष शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी रुचि के दो बच्चे थे, बड़ा पुत्र शिवम (4) है। उनके 3 बेटी व दो पुत्र हैं। दो बेटियों की शादी हो गई है। मासूम की अचानक मौत से परिवार काफी दुखी है।
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छोटे बच्चे के गले में यदि कुछ फंस जाता है, तो उसे पीठ के बल लिटाकर पीठ में हल्की सी थपकी मारनी चाहिए। इससे झटके से सांस बाहर आएगी, तो उसमें फंसी हुई वस्तु निकलने की उम्मीद बढ़ जाती है। इससे सांस नली का रुकना बंद हो जाएगा। गंभीर परिस्थिति में जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए। - डॉ. अनूप दीक्षित, बालरोग विशेषज्ञ, लोहिया अस्पताल
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जनपद अलीगढ़ के गांव मिथलामई निवासी अजय शर्मा पत्नी रुचि व बच्चों के साथ कायमगंज के गांव ललई आए थे। शुक्रवार को बच्ची घर में खेल रही थी। अन्य बच्चे बेर खा रहे थे। बच्चों के साथ सौम्या के भी कुछ बेर हाथ लग गए। मां ने उसका मुंह फूला देखकर कई बेर तो निकाल दिए। एक बेर उसके गले में जाकर फंस गया। परिजनों ने बेर निकाल ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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रोते-बिलखते परिजन शव लेकर घर चले गए। करीब 4 बजे परिजन बच्ची का शव लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए। बच्ची के नाना संतोष शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी रुचि के दो बच्चे थे, बड़ा पुत्र शिवम (4) है। उनके 3 बेटी व दो पुत्र हैं। दो बेटियों की शादी हो गई है। मासूम की अचानक मौत से परिवार काफी दुखी है।
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छोटे बच्चे के गले में यदि कुछ फंस जाता है, तो उसे पीठ के बल लिटाकर पीठ में हल्की सी थपकी मारनी चाहिए। इससे झटके से सांस बाहर आएगी, तो उसमें फंसी हुई वस्तु निकलने की उम्मीद बढ़ जाती है। इससे सांस नली का रुकना बंद हो जाएगा। गंभीर परिस्थिति में जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए। - डॉ. अनूप दीक्षित, बालरोग विशेषज्ञ, लोहिया अस्पताल