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कोरोना संक्रमित प्रसूता को पांच दिन से एंबुलेंस का इंतजार
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संक्रमित प्रसूता को पांच दिन से एंबुलेंस का इंतजार
फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमित प्रसूता को पांच दिन बाद भी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराने के बाद भी अब तक एंबुलेंस के न पहुंचने से जहां संक्रमित का इलाज नहीं हो पा रहा है वहीं परिजन भी भयभीत हैं।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव श्योगनपुर निवासी महिला को प्रसव के लिए लोहिया महिला अस्पताल में 14 जुलाई को भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद 16 जुलाई को उसका नमूना लेकर डिस्चार्ज कर दिया गया। 20 जुलाई को रिपोर्ट आई तो प्रसूता संक्रमित निकली। 21 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग से फोन किया गया कि एंबुलेंस भेजी जा रही है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। प्रसूता के पति ने फोन पर बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आशा व एएनएम भी आश्वासन दे गईं, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची।
उन्होंने सीएचसी मोहम्मदाबाद व स्वास्थ्य अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन पांच दिन बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। नोडल अधिकारी डा.राजीव शाक्य ने बताया कि 23 जुलाई को उन्हें एंबुलेंस न पहुंचने की जानकारी हुई थी। इस पर उन्होंने सीएचसी के एमओआईसी को इस संबंध में सूचना देकर संक्रमित महिला को भर्ती कराने के निर्देश दिए थे। एंबुलेंस समय से न पहुंचने की कुछ अन्य शिकायतें भी मिली हैं। इस समस्या को स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखा जाएगा।
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फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमित प्रसूता को पांच दिन बाद भी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराने के बाद भी अब तक एंबुलेंस के न पहुंचने से जहां संक्रमित का इलाज नहीं हो पा रहा है वहीं परिजन भी भयभीत हैं।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव श्योगनपुर निवासी महिला को प्रसव के लिए लोहिया महिला अस्पताल में 14 जुलाई को भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद 16 जुलाई को उसका नमूना लेकर डिस्चार्ज कर दिया गया। 20 जुलाई को रिपोर्ट आई तो प्रसूता संक्रमित निकली। 21 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग से फोन किया गया कि एंबुलेंस भेजी जा रही है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। प्रसूता के पति ने फोन पर बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आशा व एएनएम भी आश्वासन दे गईं, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची।
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उन्होंने सीएचसी मोहम्मदाबाद व स्वास्थ्य अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन पांच दिन बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। नोडल अधिकारी डा.राजीव शाक्य ने बताया कि 23 जुलाई को उन्हें एंबुलेंस न पहुंचने की जानकारी हुई थी। इस पर उन्होंने सीएचसी के एमओआईसी को इस संबंध में सूचना देकर संक्रमित महिला को भर्ती कराने के निर्देश दिए थे। एंबुलेंस समय से न पहुंचने की कुछ अन्य शिकायतें भी मिली हैं। इस समस्या को स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखा जाएगा।
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