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Farrukhabad News: गांवों में बढ़ा पानी, ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे ग्रामीण

Tue, 01 Aug 2023 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Aug 2023 10:51 PM IST
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Increased water in villages villagers migrating to higher places
संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतपुर। गांवों में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हैं। बाढ़ शरणालयों में ताला जड़ा होने से ग्रामीण सड़कों के किनारे डेरा जमा रहे हैं। बीमारी फैलने के बाद भी स्वास्थ्य टीमें गांव में नहीं जा रही हैं।



बाढ़ कंट्रोल रूम से भले ही गंगा का जलस्तर कम होने की सूचना दी जा रही है, लेकिन गांवों में लगातार बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर (सेमी.) घटने के बाद भी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेमी ऊपर 137.25 मीटर पर है। नरौरा बांध से एक लाख 5538 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 134.90 मीटर से पांच सेमी घटकर 134.85 मीटर पर आ गया है। रामनगर बैराज से 830 क्यूसेक पानी पास किया गया।
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रामगंगा का जलस्तर कम होते ही कटान तेज हो गई है। गंगा की बाढ़ का गांव में पानी तेजी से बढ़ने से ग्रामीण अपने घरों से सामान नाव में लादकर ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे हैं।
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बाढ़ पीड़ितों के यह हैं हालात
गांव हरसिंहपुर कायस्थ में करीब 200 घरों में पानी भरा है। कई दिनों से पानी भरा होने से ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राली, तख्त व छतों पर रहकर गुजारा कर रहे हैं। झोपड़ी में रहने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पानी बढ़ने से ग्रामीण झोपड़ियों से सामान निकालकर ऊंचे स्थान पर बसेरा जमा रहे हैं। गांव अंबरपुर में लोग सड़क पर डेरा जमाए हैं। कुड़री सारंगपुर, रामप्रसाद नगला, मिघन नगला, कालिका नगला, करनपुर घाट आदि में ग्रामीणों के घरों में पानी कमर से ऊपर भरा है।

बाढ़ पीड़ितों ने बयां किया दर्द

गांव हरसिंहपुर कायस्थ निवासी जगदीश, वीरपाल, ऋषिपाल, रामसागर, राम उजागर आदि का कहना है कि गांव में पानी भरा होेने के साथ ही रास्ते में भी पानी भरा होने से आवागमन ठप है। प्रशासन से कोई कर्मचारी हालचाल पूछने तक नहीं आया। जब से बाढ़ आई है, तब से आज तक लेखपाल गांव नहीं आया। बाढ़ प्रभावित गांव में बीमारी फैलने लगी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। इससे ग्रामीण परेशान है।


क्षेत्र में 13 बाढ़ शरणालय, चालू एक भी नहीं

बाढ़ से घिरे गांव के ग्रामीणों को रहने के लिए तहसील क्षेत्र में 13 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। इनमें एक भी बाढ़ पीड़ित नहीं पहुंचाया गया। बाढ़ शरणालयों में ताले लटक रहे हैं। एक भी चालू नहीं किया गया है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह का कहना है कि कोई भी बाढ़ पीड़ित गांव छोड़ कर शरणालय में नहीं आ रहा है। बाढ़ पीड़ित के आने पर शरणालय चालू कर दिया जाएगा।
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