{"_id":"6150c1a58ebc3efd131ae18d","slug":"in-three-months-farrukhabad-news-knp654668432","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन माह में फर्जी पट्टों की हुई प्रविष्टियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन माह में फर्जी पट्टों की हुई प्रविष्टियां
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर में फर्जी पट्टे करने के मामले में अधिकारी जांच में घिर गए हैं। तत्कालीन एसडीएम ने अपना पल्ला झाड़ते हुए दूसरे तत्कालीन एसडीएम के सिर फर्जीवाड़े का ठीकरा फोड़ा है। फिलहाल दोनों तत्कालीन एसडीएम का जांच अधिकारी एडीएम को स्पष्टीकरण नहीं मिला है।
ग्राम पंचायत कंचनपुर सबलपुर में करीब 128 एकड़ भूमि का 68 ग्रामीणों के नाम किए गए फर्जी पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। गांव रामपुर जोगराजपुर की प्रधान सुमन गुप्ता की शिकायत पर फर्जी पट्टा करने के मामले में जिलाधिकारी ने जांच एडीएम को सौंपी। एडीएम ने अमृतपुर के तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाह, तत्कालीन एसडीएम बृजेंद्र कुमार व नरेंद्र सिंह, रजिस्ट्रार कानूनगो कन्हैयालाल व एसडीएम के पेशकार को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था। अभी तक तत्कालीन एसडीएम ने जवाब नहीं दिया। तत्कालीन एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि वह तहसील में डेढ़ वर्ष तक तैनात रहे। 31 मई को वह रिलीव हो गए और एसडीएम नरेंद्र सिंह को चार्ज दिया गया। इसके बाद 27 अगस्त को फिर तहसील का उन्हें चार्ज मिल गया। इस बीच सबलपुर में 68 लोगों के नाम हुई फर्जी प्रविष्टियां उन्होंने निरस्त कर दीं। 17 सितंबर को वह फिर तहसील से रिलीव हो गए।
उन्होंने बताया कि 31 मई से 27 अगस्त के बीच फर्जीवाड़ा किया गया। वह अपना स्पष्टीकरण एडीएम कार्यालय में सौंप चुके हैं। वहीं रजिस्ट्रार कानूनगो कन्हैयालाल का कहना है कि एसडीएम नरेंद्र सिंह ने उनके कार्यालय से पेशकार द्वारा आर-6 रजिस्टर मंगवाकर रख लिया था। इसके बाद क्या हुआ उन्हें जानकारी नहीं है। वह अपना जवाब भी दे चुके। जांच अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि एसडीएम बृजेंद्र कुमार का स्पष्टीकरण अभी उन्होंने देखा नहीं है। एसडीएम नरेंद्र सिंह अवकाश पर हैं। उनका मोबाइल भी स्विच आफ है। तहसीलदार व अन्य कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि जांच चल रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत कंचनपुर सबलपुर में करीब 128 एकड़ भूमि का 68 ग्रामीणों के नाम किए गए फर्जी पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। गांव रामपुर जोगराजपुर की प्रधान सुमन गुप्ता की शिकायत पर फर्जी पट्टा करने के मामले में जिलाधिकारी ने जांच एडीएम को सौंपी। एडीएम ने अमृतपुर के तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाह, तत्कालीन एसडीएम बृजेंद्र कुमार व नरेंद्र सिंह, रजिस्ट्रार कानूनगो कन्हैयालाल व एसडीएम के पेशकार को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था। अभी तक तत्कालीन एसडीएम ने जवाब नहीं दिया। तत्कालीन एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि वह तहसील में डेढ़ वर्ष तक तैनात रहे। 31 मई को वह रिलीव हो गए और एसडीएम नरेंद्र सिंह को चार्ज दिया गया। इसके बाद 27 अगस्त को फिर तहसील का उन्हें चार्ज मिल गया। इस बीच सबलपुर में 68 लोगों के नाम हुई फर्जी प्रविष्टियां उन्होंने निरस्त कर दीं। 17 सितंबर को वह फिर तहसील से रिलीव हो गए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 31 मई से 27 अगस्त के बीच फर्जीवाड़ा किया गया। वह अपना स्पष्टीकरण एडीएम कार्यालय में सौंप चुके हैं। वहीं रजिस्ट्रार कानूनगो कन्हैयालाल का कहना है कि एसडीएम नरेंद्र सिंह ने उनके कार्यालय से पेशकार द्वारा आर-6 रजिस्टर मंगवाकर रख लिया था। इसके बाद क्या हुआ उन्हें जानकारी नहीं है। वह अपना जवाब भी दे चुके। जांच अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि एसडीएम बृजेंद्र कुमार का स्पष्टीकरण अभी उन्होंने देखा नहीं है। एसडीएम नरेंद्र सिंह अवकाश पर हैं। उनका मोबाइल भी स्विच आफ है। तहसीलदार व अन्य कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि जांच चल रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन