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प्राथमिक विद्यालय तीसराम की मड़ैया गंगा की कटान की जद में
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प्राथमिक विद्यालय तीसराम की मडैया के पास कटान करती गंगा।
- फोटो : FARRUKHABAD
स्कूल के पास गंगा की तेज धार बहने से स्कूल कभी कट सकता हैं। इसकी सूचना शिक्षा विभाग को प्रधानाध्यापक ने पत्र भेजकर दे दी है। इसके बाद सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए दो सौ बल्ली गांव भेज दी हैं। उन्हें लगाकर कटान रोकने का प्रयास होगा।
ब्लॉक राजेपुर क्षेत्र के गांव तीसराम की मड़ैया के पास गंगा की धारा बह रही है। इस गांव की सैकड़ों बीघा जमीन कट चुकी है। पूरे गांव के मकान दो साल में गंगा के कटान में कटकर समा गए हैं। इस गांव में एक ही मकान व प्राथमिक विद्यालय शेष रह गया है।
स्कूल का पीछे का हिस्सा किसी भी समय गंगा की तेज धार में कट सकता है। एक जुलाई से बच्चों का स्कूल में आना भी शुरू हो जाएगा। समस्या को देखते हुए प्रधानाध्यापक श्याम कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर समाधान करने की मांग की है।
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इसके बाद सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए सक्रिय हो गया है। उसने दो सौ बल्ली गांव भेज दी हैं। उन्हें लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया है कि 2 सौ बल्ली भेजी गई हैं। बल्ली लगाकर कटान को रोकने प्रयास किया जाएगा।
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ब्लॉक राजेपुर क्षेत्र के गांव तीसराम की मड़ैया के पास गंगा की धारा बह रही है। इस गांव की सैकड़ों बीघा जमीन कट चुकी है। पूरे गांव के मकान दो साल में गंगा के कटान में कटकर समा गए हैं। इस गांव में एक ही मकान व प्राथमिक विद्यालय शेष रह गया है।
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स्कूल का पीछे का हिस्सा किसी भी समय गंगा की तेज धार में कट सकता है। एक जुलाई से बच्चों का स्कूल में आना भी शुरू हो जाएगा। समस्या को देखते हुए प्रधानाध्यापक श्याम कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर समाधान करने की मांग की है।
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इसके बाद सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए सक्रिय हो गया है। उसने दो सौ बल्ली गांव भेज दी हैं। उन्हें लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया है कि 2 सौ बल्ली भेजी गई हैं। बल्ली लगाकर कटान को रोकने प्रयास किया जाएगा।