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Farrukhabad News: बिजाधरपुर में गंदगी से भरा तालाब उफना रहा
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फोटो-21 गांव बिजाधरपुर में गंदगी से पटा तालाब। संवाद
राष्ट्रपति से पुरस्कृत गांव का तालाब बदहाल
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भी नहीं ली सुधि
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जिला मुख्यालय से सटे गांव बिजाधरपुर में तालाब को वर्ष 2006 में विकसित किया गया था। तालाब की सुंदरता देख इसके लिए प्रधान को राष्ट्रपति ने सम्मान मिला। अब यह तालाब गंदगी से भरा उफना रहा है। इन दिनों भी तालाब ओवर फ्लो हो रहा है। बारिश होने पर तालाब का पानी नालियों से होकर गलियों में भर जाता है।
गांव बिजाधरपुर में वर्ष 2005-06 में लाखों रुपये खर्च कर तालाब का निर्माण कराया गया था। यह तालाब करीब 15 फीट गहरा बताया जा रहा है। तालाब के सुंदरीकरण को लेकर वर्ष 2006 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने तत्कालीन प्रधान संतराम सक्सेना को पुरस्कृत किया था। इसके बाद तालाब की सुंदरता घटती चली गई। इन दिनों सुंदरीकरण तो दूर की बात तालाब की कोई सुधि लेने वाला नहीं है। अप्रैल में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला लेकिन तालाब की सफाई नहीं कराई गई। हालात यह हैं कि यह तालाब चारों तरफ गंदगी से पटा है। हर घर में सबमर्सिबल लगने से पानी की बर्बादी से तालाब जून में भी लबालब भरा है। गंदगी से मच्छरों की भरमार है। गांव के बुजुर्ग अशोक दुबे ने बताया कि तालाब की कभी सफाई नहीं कराई गई। इससे तालाब उफान मारकर गंदा पानी नालियों से होकर गलियों में भर जाता है। इस समस्या को कोई देखने वाला नहीं है। गांव में दो अन्य तालाब भी गंदगी से भरे हैं। इससे मच्छरों की भरमार होने से रोग पनपने की आशंका बनी हुई है।
डीपीआरओ कपिल कुमार ने बताया कि गांव के तालाब में गंदगी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वह तालाब की सफाई कराने के लिए निर्देशित करेंगे।
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राष्ट्रपति से पुरस्कृत गांव का तालाब बदहाल
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भी नहीं ली सुधि
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जिला मुख्यालय से सटे गांव बिजाधरपुर में तालाब को वर्ष 2006 में विकसित किया गया था। तालाब की सुंदरता देख इसके लिए प्रधान को राष्ट्रपति ने सम्मान मिला। अब यह तालाब गंदगी से भरा उफना रहा है। इन दिनों भी तालाब ओवर फ्लो हो रहा है। बारिश होने पर तालाब का पानी नालियों से होकर गलियों में भर जाता है।
गांव बिजाधरपुर में वर्ष 2005-06 में लाखों रुपये खर्च कर तालाब का निर्माण कराया गया था। यह तालाब करीब 15 फीट गहरा बताया जा रहा है। तालाब के सुंदरीकरण को लेकर वर्ष 2006 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने तत्कालीन प्रधान संतराम सक्सेना को पुरस्कृत किया था। इसके बाद तालाब की सुंदरता घटती चली गई। इन दिनों सुंदरीकरण तो दूर की बात तालाब की कोई सुधि लेने वाला नहीं है। अप्रैल में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला लेकिन तालाब की सफाई नहीं कराई गई। हालात यह हैं कि यह तालाब चारों तरफ गंदगी से पटा है। हर घर में सबमर्सिबल लगने से पानी की बर्बादी से तालाब जून में भी लबालब भरा है। गंदगी से मच्छरों की भरमार है। गांव के बुजुर्ग अशोक दुबे ने बताया कि तालाब की कभी सफाई नहीं कराई गई। इससे तालाब उफान मारकर गंदा पानी नालियों से होकर गलियों में भर जाता है। इस समस्या को कोई देखने वाला नहीं है। गांव में दो अन्य तालाब भी गंदगी से भरे हैं। इससे मच्छरों की भरमार होने से रोग पनपने की आशंका बनी हुई है।
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डीपीआरओ कपिल कुमार ने बताया कि गांव के तालाब में गंदगी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वह तालाब की सफाई कराने के लिए निर्देशित करेंगे।