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सकवाई में 125 एकड़ भूमि पर 100 लोगों के अवैध पट्टे होंगे निरस्त

Thu, 05 Nov 2020 10:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 10:48 PM IST
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Illegal leases will be canceled on 125 acres of land in Sakwai
फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत सकवाई की 125 एकड़ भूमि पर काबिज 100 ग्रामीणों के पट्टे निरस्त करने की तैयारी हो गई है। इसके लिए एसडीएम सदर उन्हें नोटिस भेज रहे हैं। इन 100 पट्टा धारकों में कुछ तो जनपद इटावा के रहने वाले हैं। उन्हें भी फर्जी तरीके से पट्टे आवंटित कर दिए गए थे।
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जिले में भूमाफिया का काफी बड़ा जाल है। करोड़ों की सरकारी भूमि पर माफिया काबिज हैं। कहीं फर्जी तरीके से पट्टे कराए गए तो कहीं फर्जी पट्टा कराकर भूमि ही बेच दी गई। अब भूमाफिया पर प्रशासन का चाबुक तेज हो गया है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के आदेश पर एसडीएम सदर अनिल कुमार ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकवाई में सरकारी भूमि की जांच की। इसमें 125 एकड़ पर फर्जी पट्टा होने का मामला पकड़ा गया। कुछ पट्टाधारक तो जनपद इटावा के अजीत नगर निवासी निकले। जबकि गैरजनपद के व्यक्ति को भूमि का पट्टा दिया ही नहीं जा सकता। करीब 600 बीघा से अधिक इस भूमि पर 100 ग्रामीणों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर अपने नाम पट्टा करा लिया है। ऐसे पट्टाधारकों को चिह्नित कर लिया गया है। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि पट्टा धारकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद पट्टा निरस्तीकरण के साथ कार्रवाई भी की जाएगी।
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फर्जी पट्टाधारक भाइयों को नोटिस जारी
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव तेरा निवासी नीरज कुमार व उनके भाई पंकज कुमार पुत्रगण श्रीकृष्ण को एसडीएम सदर ने 1.219 हेक्टेयर(करीब 15 बीघा) का पट्टा निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया है। इसमें कहा कि तहसीलदार सदर की जांच रिपोर्ट के अनुसार दो जून 1998 में ग्राम समाज का नाम खारिज कर श्रीकृष्ण के नाम भूमि दर्ज की गई है। 11 दिसंबर 2003 में चकबंदीकर्ता की रिपोर्ट के अनुसार उस गाटा के आवंटन के बाद भूमि बची ही नहीं थी, फिर भी श्रीकृष्ण के नाम दर्ज है। जब उन्होंने तहसील में अभिलेखों से मिलान किया तो परवाना भी गार्ड फाइल में नहीं मिला। इससे इस भूमि का पट्टा फर्जी मानते हुए एसडीएम ने पट्टा निरस्तीकरण के लिए दोनों भाइयों को नोटिस जारी कर दिया है।
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मोहम्मदाबाद में 20 करोड़ की भूमि पर माफिया काबिज
मोहम्मदाबाद में हाईवे किनारे व आबादी के बीच में करोड़ों की भूमि पर माफिया का कब्जा है। कब्जेेदारों में दलीय नेता भी पीछे नहीं हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर व बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी ने करीब 500 एकड़ सरकारी भूमि की जांच कराई। इसमें ऊसर व बंजर में दर्ज 348.81 एकड़ भूमि में कांशीराम कॉलोनी के नाम 5.70 एकड़, कृषि मंडी उत्पादन समिति 10 एकड़, सड़क 2.15 एकड़, खलिहान 10.70 एकड़, नवोदय विद्यालय 8.26 एकड़, जबकि हवाई पट्टी के नाम 14.76 एकड़ भूमि दर्ज है। सर्वाधिक भूमि 292.24 एकड़ वन विभाग की निकली। इसके अलावा चक मार्ग, चकनाली, मुख्य मार्ग, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खाद के गड्ढे, मेला स्थान, मंदिर, ईदगाह, जियारत, खेल का मैदान, मिट्टी निकालने का स्थान, धोबीघाट व होली स्थान के नाम 109.48 एकड़ भूमि है। स्थानीय सूत्र बताते हैं कि वन विभाग की करोड़ों की भूमि पर सर्वाधिक भूमाफिया का कब्जा है। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि ग्राम समाज की करीब 20 एकड़ भूमि नहीं मिल रही है। करीब 20 करोड़ रुपये कीमत की इस भूमि पर माफिया का कब्जा है। वन विभाग की कितनी भूमि मौके पर है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। कब्जेदारों को चिह्नित कर सूची बनाई जा रही है। उन्हें नोटिस भेजने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
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