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टायरों की अनदेखी, जिंदगी पर ब्रेक

Sat, 01 Aug 2015 11:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Sat, 01 Aug 2015 11:01 PM IST
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अगर आप वाहन चलाते हैं तो टायरों की अनदेखी आपकी जिंदगी पर ब्रेक लगा सकती
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है। देखरेख न करने से आए दिन टायर फटने से दुर्घटनाएं होती हैं। जरा सी लापरवाही में टायर फट जाते हैं। टायर फटने के कारण हैं कम हवा या ओवरलोड वाहन। थोड़ी सी सावधानी से अपनी जिंदगी को सुरक्षित किया जा सकता है।

दोपहिया से लेकर बड़े वाहन चालक तक टायरों की अनदेखी करते हैं। इसका नतीजा होता है कि टायर फटने से कई बार बड़े हादसे होते हैं। टायर फटने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट जाते हैं। इनमें लोगों की मौत तक हो जाती है। इतना ही नहीं जिले में चाइनीज टायर भी लोगों की जान के दुश्मन बने हैं। यह टायर कंपनी की टायर के अपेक्षा जल्दी फटते हैं। 

डग्गामार वाहन चालक और मालिक थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में इन चाइनीज टायरों को ही ज्यादा डलवा रहे हैं। इससे आएदिन टायर फटते हैं। एक टायर कंपनी के इंजीनियर आशुतोष कुमार ने बताया कि चाइनीज टायरों की जिंदगी कंपनी के टायरों से आधी होती है। टिकाऊपन भी नहीं होता है। रेलवे रोड स्थित एक टायर कंपनी के मालिक राजनराय जौली

राजपूत ने बताया कि कंपनी के टायर ज्यादा टिकाऊ होते हैं। थोड़े से लालच में लोग चाइनीज टायरों को ज्यादा तवज्जो देते हैं। यही टायर कई बार लोगों की जान के दुश्मन भी बन जाते हैं। चाइनीज टायरों के फटने की घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं। ठंडी सड़क पर बड़े वाहनों के टायरों की रबड़िंग करने वाले दुकानदार शाहिद कहते हैं कि बड़े वाहनों की रबड़िंग

अधिकतम दो बार ही करवाई जा सकती है। इसके बाद रबड़िंग करवाने पर टायर ज्यादा दिन तक नहीं चलते हैं। शाहिद ने कहा कि वह सिर्फ दो बार ही टायरों की रबड़िंग करते हैं। तीसरी बार कोई टायर लेकर आता है तो उसे वापस कर देते हैं।

कंपनी के टायरों में आतीं दो वैरायटियां
इंजीनियर आशुतोष कुमार ने बताया कि कंपनी के टायरों में नायलोन अंडरलोड और रेडियर ओवरलोड दो वैरायटियां आती हैं। नायलोन अंडरलोड 1020-50+ टायर 10 चक्का ट्रक 35 से 44 टन और रेडियल ओवरलोड 1020 10 चक्का ट्रक 40-45 टन वजन उठा सकने में सक्षम होता है। इसमें ट्रक का वजन भी शामिल होता है। इससे ज्यादा वजन होने पर टायर फटने की घटनाएं होती हैं।

टायर फटने के कारण
* टायर के नजदीक कमानी या शाकर का बोल्ट खुलकर टायर के लगने या उसमें फंसने से।
* लगातार लंबी दूरी तय करने के दौरान गर्म होकर।

* ओवरलोड, हवा कम होने व घिसे टायर होने के बावजूद वाहन चलाने से।
* कई माह तक एक जगह गाड़ी खड़े रहने पर इसके तारों के रेशे खुल जाते हैं। इससे भी टायर जल्दी फटता है।
- तेज रफ्तार के दौरान अचानक गिट्टी या कील के आने से।

केस-1
करीब एक माह पहले मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी के पास मौरंग लेकर जा रहे ट्रक का टायर फट गया। इससे ट्रक पलटकर खड्ड में जा गिरा। इस दुर्घटना में चालक अशोक कुमार घायल हो गया था। गनीमत रही कि दुर्घटना के समय सड़क सुनसान थी। नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
 
केस-2
पिछले दिनों एक डग्गामार वाहन चालक फर्रुखाबाद से कायमगंज सवारियां लादकर ले जा रहा था। इस वाहन में ओवरलोड सवारियां भरी थीं। हथियापुर रेलवे क्रासिंग से पहले इस डग्गामार वाहन का टायर फट गया और गाड़ी पलट गई। इस हादसे में करीब एक दर्जन सवारियां घायल हुई थीं। चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया था।
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