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गंगा में नाला गिरना बंद न हुआ तो अनशन
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद।
Updated Sat, 30 Jan 2016 12:06 AM IST
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फर्रुखाबाद। मेले में संत समिति के पदाधिकारियों ने मेला व्यवस्थापक को ज्ञापन देकर गंगा में गिर रहे नाले को बंद करवाने की मांग की। संतों ने मेला व्यवस्थापक को चेतावनी देते हुए कहा कि नाला बंद न होने पर मेला प्रशासन टकराव झेलने के लिए तैयार रहे।
रामनगरिया मेले में शुक्रवार को संत समिति के अध्यक्ष महंत सोमवारपुरी की अध्यक्षता में साधुओं ने मेला व्यवस्थापक से शहर के गंदे नाले को गंगा में गिरने से रोकने की मांग की। सोमवारपुरी ने कहा कि नाला बंद न किया गया तो मेला प्रशासन को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। मेला व्यवस्थापक ने ज्ञापन देने आए साधुओं को समझाने का प्रयास किया। साधु मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में मेला प्रशासन के लिखित आश्वासन देने पर साधुओं ने अनशन को टालने का फैसला किया। मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने संत समिति के पदाधिकारियों को लिखित में नाले को बंद करवाने का आश्वासन दिया। मेला व्यवस्थापक ने बताया कि नाले को बंद करवाने के लिए नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नाले को अभी बंद नहीं करवाया जा सका है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होते ही नाले को बंद करवा दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अच्युतानंद गिरी, महंत हरिनाम गिरी, लखन स्वरूप आदि मौजूद रहे।
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रामनगरिया मेले में शुक्रवार को संत समिति के अध्यक्ष महंत सोमवारपुरी की अध्यक्षता में साधुओं ने मेला व्यवस्थापक से शहर के गंदे नाले को गंगा में गिरने से रोकने की मांग की। सोमवारपुरी ने कहा कि नाला बंद न किया गया तो मेला प्रशासन को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। मेला व्यवस्थापक ने ज्ञापन देने आए साधुओं को समझाने का प्रयास किया। साधु मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में मेला प्रशासन के लिखित आश्वासन देने पर साधुओं ने अनशन को टालने का फैसला किया। मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने संत समिति के पदाधिकारियों को लिखित में नाले को बंद करवाने का आश्वासन दिया। मेला व्यवस्थापक ने बताया कि नाले को बंद करवाने के लिए नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नाले को अभी बंद नहीं करवाया जा सका है।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होते ही नाले को बंद करवा दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अच्युतानंद गिरी, महंत हरिनाम गिरी, लखन स्वरूप आदि मौजूद रहे।
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