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धान खरीद में किसानों का शोषण हुआ तो प्रभारियों पर होगी कार्रवाई
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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में धान खरीद की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक की। इसमें डीएम ने कहा कि धान बेचने में किसी भी किसान को काई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। केंद्र के आसपास बिचौलियां नजर न आएं। अगर किसी किसान का उत्पीड़न हुआ तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीएम ने खाद्य एवं विपणन अधिकारी से कहा कि यही जनपद में अभी ऐसा कोई क्षेत्र है जहां केंद्र नहीं बना और बनने की आश्यकता है। तो वहां धान खरीद केंद्र बना दिया जाए। डीएम ने केंद्र प्रभारियों से कहा कि किसानों से अच्छी तरह अच्छे मन से धान की खरीद की जाए। लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत खरीद होनी चाहिए। बिचौलियों को दूर रखा जाए। अगर किसी केंद्र पर गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों पर गोले बनाकर सोशल डिस्टेंस का पालन कराया जाए। सभी जगह कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए। किसानों के बैठने एवं पानी पीनी के लिए केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
बताया कि कॉमन धान का मूल्य 1868 और ग्रेड ए (बारीक) का मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया गया है। किसानों को केंद्र पर धान बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा, यह किसान स्वयं कर सकते हैं या जनसेवा केंद्र से करा सकते हैं। क्रय केंद्रों पर भी ऑन लाइन टोकन जनरेट की सुविधा रहेगी। किसानों का धान लेने के बाद उसका भुगतान किसान को 72 घंटे में करना अनिवार्य है।
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बैठक में डीएम ने खाद्य एवं विपणन अधिकारी से कहा कि यही जनपद में अभी ऐसा कोई क्षेत्र है जहां केंद्र नहीं बना और बनने की आश्यकता है। तो वहां धान खरीद केंद्र बना दिया जाए। डीएम ने केंद्र प्रभारियों से कहा कि किसानों से अच्छी तरह अच्छे मन से धान की खरीद की जाए। लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत खरीद होनी चाहिए। बिचौलियों को दूर रखा जाए। अगर किसी केंद्र पर गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों पर गोले बनाकर सोशल डिस्टेंस का पालन कराया जाए। सभी जगह कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए। किसानों के बैठने एवं पानी पीनी के लिए केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
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बताया कि कॉमन धान का मूल्य 1868 और ग्रेड ए (बारीक) का मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया गया है। किसानों को केंद्र पर धान बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा, यह किसान स्वयं कर सकते हैं या जनसेवा केंद्र से करा सकते हैं। क्रय केंद्रों पर भी ऑन लाइन टोकन जनरेट की सुविधा रहेगी। किसानों का धान लेने के बाद उसका भुगतान किसान को 72 घंटे में करना अनिवार्य है।
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