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34 लाख रुपये में खत्म होगा रोडवेज का जलभराव
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रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भरा पानी।
- फोटो : FARRUKHABAD
34 लाख मिलें तो खत्म हो बस अड्डे का जलभराव
फर्रुखाबाद। रोडवेज बस स्टैंड के सामने मुसीबत बन चुका जलभराव 34 लाख रुपये मिलने से खत्म होगा। राज्य सड़क परिवहन निगम के निर्माण खंड ने सर्वे करने के बाद इस संबंध में एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। इसमें इंटरलॉकिंग, नाला निर्माण, पाइपलाइन समेत कई कार्य प्रस्तावित हैं। अब देखना यह है कि इस कार्य को शासन से हरी झंडी कब मिलती है। फिलहाल यात्रियों को मुसीबत से निजात मिलती नहीं दिख रही है।
पांच-छह दशक पहले से रोडवेज बस स्टैंड के सामने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर कई दुकानें बनाई गईं थीं। बीते साल इन दुकानों को प्रशासन ने ढहा दिया था। अब दुकानों के स्थान पर गहरा गड्ढा हो गया। बारिश होने पर इन गड्ढों में होने वाला जलभराव यात्रियों के लिए मुसीबत है। इससे लोग परेशान रहते हैं।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 15 दिन पहले क्षेत्रीय कार्यालय इटावा से निर्माण विभाग के जेई ने सर्वे किया। इसके बाद दुकानों के स्थान पर इंटरलॉकिंग, बस स्टैंड भवन में बने शौचालयों के सीवरेज पानी के लिए नाला निर्माण, जालीदार पाइपिंग करके गेट निर्माण के अलावा कुछ अन्य कार्य भी प्रस्तावित किए गए हैं। इस कार्य में 34 लाख रुपये खर्च होने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब निर्माण विभाग को शासन से स्वीकृति का इंतजार है।
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एआरएम आरसी यादव ने बताया कि जैसे ही शासन से पैसा स्वीकृत होता है, निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। जो कार्य होने हैं, यदि वह पूरे हो जाते हैं, तो कई सालों से प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट भी बनकर तैयार हो जाएगी। रोडवेज बस स्टैंड परिसर में बने मंदिर के सामने भी जालीदार बाउंड्रीवाल प्रस्तावित है।
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फर्रुखाबाद। रोडवेज बस स्टैंड के सामने मुसीबत बन चुका जलभराव 34 लाख रुपये मिलने से खत्म होगा। राज्य सड़क परिवहन निगम के निर्माण खंड ने सर्वे करने के बाद इस संबंध में एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। इसमें इंटरलॉकिंग, नाला निर्माण, पाइपलाइन समेत कई कार्य प्रस्तावित हैं। अब देखना यह है कि इस कार्य को शासन से हरी झंडी कब मिलती है। फिलहाल यात्रियों को मुसीबत से निजात मिलती नहीं दिख रही है।
पांच-छह दशक पहले से रोडवेज बस स्टैंड के सामने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर कई दुकानें बनाई गईं थीं। बीते साल इन दुकानों को प्रशासन ने ढहा दिया था। अब दुकानों के स्थान पर गहरा गड्ढा हो गया। बारिश होने पर इन गड्ढों में होने वाला जलभराव यात्रियों के लिए मुसीबत है। इससे लोग परेशान रहते हैं।
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जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 15 दिन पहले क्षेत्रीय कार्यालय इटावा से निर्माण विभाग के जेई ने सर्वे किया। इसके बाद दुकानों के स्थान पर इंटरलॉकिंग, बस स्टैंड भवन में बने शौचालयों के सीवरेज पानी के लिए नाला निर्माण, जालीदार पाइपिंग करके गेट निर्माण के अलावा कुछ अन्य कार्य भी प्रस्तावित किए गए हैं। इस कार्य में 34 लाख रुपये खर्च होने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब निर्माण विभाग को शासन से स्वीकृति का इंतजार है।
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एआरएम आरसी यादव ने बताया कि जैसे ही शासन से पैसा स्वीकृत होता है, निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। जो कार्य होने हैं, यदि वह पूरे हो जाते हैं, तो कई सालों से प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट भी बनकर तैयार हो जाएगी। रोडवेज बस स्टैंड परिसर में बने मंदिर के सामने भी जालीदार बाउंड्रीवाल प्रस्तावित है।