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कहीं केंद्र बंद तो कहीं हाट कुक्ड
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 20 Jan 2015 11:27 PM IST
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एनजीओ से काम छिनने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाटकुक्ड बनाए जाने के
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जिलाधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इस आदेश की जानकारी तक नहीं है। नतीजतन बच्चों
को भूखा ही घर लौटना पड़ रहा है। कुछ केंद्रों पर अभी भी एनजीओ भोजन
पहुंचा रहे हैं। कहीं हाट कुक्ड के लिए पैसा ही नहीं हैं तो कई केंद्र
नियमित खुल भी नहीं रहे हैं। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में यह सामने
आया है-
बच्चों को बांटी जा रही पंजीरी
आंगनबाड़ी केंद्र करनपुरदत्त में दोपहर को करीब 26 बच्चे खेल रहे थे। बच्चों ने बताया कि दो दिन से उन्हें हाटकुक्ड नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुशीला देवी ने बताया कि 50 बच्चे पंजीकृत हैं। एनजीओ से भोजन बंद किए जाने की जानकारी नहीं है। सोमवार और मंगलवार को हाट कुक्ड नहीं आया। एनजीओ के स्वयं सेवक से मोबाइल पर बात की तो
उसने गाड़ी खराब होने की बात कही। आंगनबाड़ी केंद्र मुजहा में भी हाटकुक्ड नहीं बना था। कार्यकत्री ललिता देवी ने बताया कि उन्हें केंद्र पर खाना बनवाने की जानकारी नहीं है। बच्चों को पंजीरी बांटी गई। 50 में करीब 20 बच्चे आए थे। आंगनबाड़ी केंद्र नगला हूसा में कार्यकत्री देवरानी, सुमनलता ने बताया कि उन्हें भी एनजीओ से हाटकुक्ड छीन लिए जाने
की जानकारी नहीं है। केंद्र पर एक भी बच्चा नहीं था। पूछने पर बताया कि सुबह बच्चे आए थे लेकिन कुछ देर बाद चले गए। आंगनबाड़ी केंद्र आसमपुर, अमृतपुर, कबेरपुर कुड़ा और अलापुर बंद थे। सुपरवाइजर रामरती यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन बनाने के आदेश कार्यकत्रियों को दे दिए गए हैं।
हाटकुक्ड बनाने को पैसा नहीं
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर सिर्फ एक बच्चा मौजूद था। उसे पंजीरी दी गई थी। आंगनबाड़ी कार्यकत्री उषा देवी ने बताया कि 49 बच्चे पंजीकृत हैं। हाटकुक्ड बनवाने के लिए उनके पास पैसा नहीं है। पंजीरी वितरित
कर बच्चों को घर भेज देती हैं। प्राथमिक विद्यालय मिर्जा नगला में बने आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लगा था। ग्रामीणों का कहना था कि जबसे स्कूल बंद है, तबसे केंद्र भी बंद है। आंगनबाड़ी केंद्र रजीपुर में भी हाटकुक्ड नहीं बना था। करीब एक दर्जन बच्चे खेल रहे थे। बच्चों ने बताया कि मैडम आई हैं लेकिन अभी कहीं गई हैं।
दलिया बनाकर बांटा गया
मोहम्मदाबाद। आंगनबाड़ी केंद्र मौधा में मंगलवार को करीब दो दर्जन बच्चे मौजूद थे। बच्चों ने बताया कि उन्हें दलिया दिया गया था। कार्यकत्री शर्मिला देवी ने बताया कि 70 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को दलिया बनवाकर खिलवाया गया। आंगनबाड़ी केंद्र मलोखर की कार्यकत्री मीरा देवी यादव ने बताया कि 33 बच्चे आए थे। यहां भी बच्चों को दलिया बनाकर बांटा गया। आंगनबाड़ी केंद्र नगला महानंद में भी बच्चों को दलिया दिया गया। कार्यकत्री सावित्री देवी ने बताया कि 23 बच्चे आए थे। 50 बच्चे पंजीकृत हैं।
बच्चों को नहीं मिल रहा हाटकुक्ड
आंगनबाड़ी केंद्र प्रहलादपुर में 20 बच्चे भोजन का इंतजार कर रहे थे। बच्चों ने बताया कि 7 जनवरी से उन्हें भोजन नहीं मिल रहा है। कार्यकत्री गीता देवी ने बताया कि सिर्फ 6 व 7 जनवरी को एनजीओ के वालंटियर्स हाट कुक्ड देने आए थे। केंद्र पर भोजन बनाने की जानकारी उन्हें नहीं है। बच्चों को पंजीरी बांट देती हैं। आंगनबाड़ी केंद्र चिलसरा में 65 बच्चे
पंजीकृत हैं। 15 बच्चे बर्तन लिए केंद्र पर बैठे थे। पूछने पर बताया कि एक हफ्ते से हाट कुक्ड नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री दुर्गा सिंह ने बताया कि 16 जनवरी से हाटकुक्ड नहीं आया है। केंद्र पर भोजन बनाने के आदेश भी नहीं मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्र बैरमपुर आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रवीन मिश्रा और सहायिका मीना पाठक बच्चों को पंजीरी बांट रही थीं। उन्होंने भी हाटकुक्ड बनाने का आदेश न मिलने की बात कही। मंगलवार को करीब 40 बच्चे आए थे।
भोजन बनाने का आदेश नहीं
प्राथमिक विद्यालय नवाबगंज में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकत्री मीना कुमारी बच्चों को पंजीरी बांट रही थीं। पूछने पर कार्यकत्री ने बताया कि केंद्र पर हाटकुक्ड बनाने का उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। इसलिए बच्चों को पंजीरी बांट रही हैं। केंद्र पर करीब 40 बच्चे आए थे। आंगनबाड़ी केंद्र रायपुर बंद मिला।
बच्चों को बांटी जा रही पंजीरी
आंगनबाड़ी केंद्र करनपुरदत्त में दोपहर को करीब 26 बच्चे खेल रहे थे। बच्चों ने बताया कि दो दिन से उन्हें हाटकुक्ड नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुशीला देवी ने बताया कि 50 बच्चे पंजीकृत हैं। एनजीओ से भोजन बंद किए जाने की जानकारी नहीं है। सोमवार और मंगलवार को हाट कुक्ड नहीं आया। एनजीओ के स्वयं सेवक से मोबाइल पर बात की तो
उसने गाड़ी खराब होने की बात कही। आंगनबाड़ी केंद्र मुजहा में भी हाटकुक्ड नहीं बना था। कार्यकत्री ललिता देवी ने बताया कि उन्हें केंद्र पर खाना बनवाने की जानकारी नहीं है। बच्चों को पंजीरी बांटी गई। 50 में करीब 20 बच्चे आए थे। आंगनबाड़ी केंद्र नगला हूसा में कार्यकत्री देवरानी, सुमनलता ने बताया कि उन्हें भी एनजीओ से हाटकुक्ड छीन लिए जाने
की जानकारी नहीं है। केंद्र पर एक भी बच्चा नहीं था। पूछने पर बताया कि सुबह बच्चे आए थे लेकिन कुछ देर बाद चले गए। आंगनबाड़ी केंद्र आसमपुर, अमृतपुर, कबेरपुर कुड़ा और अलापुर बंद थे। सुपरवाइजर रामरती यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन बनाने के आदेश कार्यकत्रियों को दे दिए गए हैं।
हाटकुक्ड बनाने को पैसा नहीं
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर सिर्फ एक बच्चा मौजूद था। उसे पंजीरी दी गई थी। आंगनबाड़ी कार्यकत्री उषा देवी ने बताया कि 49 बच्चे पंजीकृत हैं। हाटकुक्ड बनवाने के लिए उनके पास पैसा नहीं है। पंजीरी वितरित
कर बच्चों को घर भेज देती हैं। प्राथमिक विद्यालय मिर्जा नगला में बने आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लगा था। ग्रामीणों का कहना था कि जबसे स्कूल बंद है, तबसे केंद्र भी बंद है। आंगनबाड़ी केंद्र रजीपुर में भी हाटकुक्ड नहीं बना था। करीब एक दर्जन बच्चे खेल रहे थे। बच्चों ने बताया कि मैडम आई हैं लेकिन अभी कहीं गई हैं।
दलिया बनाकर बांटा गया
मोहम्मदाबाद। आंगनबाड़ी केंद्र मौधा में मंगलवार को करीब दो दर्जन बच्चे मौजूद थे। बच्चों ने बताया कि उन्हें दलिया दिया गया था। कार्यकत्री शर्मिला देवी ने बताया कि 70 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को दलिया बनवाकर खिलवाया गया। आंगनबाड़ी केंद्र मलोखर की कार्यकत्री मीरा देवी यादव ने बताया कि 33 बच्चे आए थे। यहां भी बच्चों को दलिया बनाकर बांटा गया। आंगनबाड़ी केंद्र नगला महानंद में भी बच्चों को दलिया दिया गया। कार्यकत्री सावित्री देवी ने बताया कि 23 बच्चे आए थे। 50 बच्चे पंजीकृत हैं।
बच्चों को नहीं मिल रहा हाटकुक्ड
आंगनबाड़ी केंद्र प्रहलादपुर में 20 बच्चे भोजन का इंतजार कर रहे थे। बच्चों ने बताया कि 7 जनवरी से उन्हें भोजन नहीं मिल रहा है। कार्यकत्री गीता देवी ने बताया कि सिर्फ 6 व 7 जनवरी को एनजीओ के वालंटियर्स हाट कुक्ड देने आए थे। केंद्र पर भोजन बनाने की जानकारी उन्हें नहीं है। बच्चों को पंजीरी बांट देती हैं। आंगनबाड़ी केंद्र चिलसरा में 65 बच्चे
पंजीकृत हैं। 15 बच्चे बर्तन लिए केंद्र पर बैठे थे। पूछने पर बताया कि एक हफ्ते से हाट कुक्ड नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री दुर्गा सिंह ने बताया कि 16 जनवरी से हाटकुक्ड नहीं आया है। केंद्र पर भोजन बनाने के आदेश भी नहीं मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्र बैरमपुर आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रवीन मिश्रा और सहायिका मीना पाठक बच्चों को पंजीरी बांट रही थीं। उन्होंने भी हाटकुक्ड बनाने का आदेश न मिलने की बात कही। मंगलवार को करीब 40 बच्चे आए थे।
भोजन बनाने का आदेश नहीं
प्राथमिक विद्यालय नवाबगंज में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकत्री मीना कुमारी बच्चों को पंजीरी बांट रही थीं। पूछने पर कार्यकत्री ने बताया कि केंद्र पर हाटकुक्ड बनाने का उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। इसलिए बच्चों को पंजीरी बांट रही हैं। केंद्र पर करीब 40 बच्चे आए थे। आंगनबाड़ी केंद्र रायपुर बंद मिला।