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हास्टल का पता नहीं, जारी हो गई छात्रवृत्ति
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फर्रुखाबाद। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से 766 छात्रों को छात्रवृत्ति भेजी गई है। इनमें पांच छात्र-छात्राओं को हॉस्टलर छात्रवृत्ति जारी कर दी गई है। जबकि कॉलेजों में छात्रावास है ही नहीं। मामला पकड़ में आने पर उनसे रिकवरी की जा रही है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जनपद के 75 स्कूल-कॉलेजों के 766 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भेजी गई है। इनमें किसी भी कॉलेज में छात्रावास नहीं है। इसके बावजूद पांच छात्र-छात्राओं को हास्टलर छात्रवृत्ति दे दी गई। इनमें एसएनएम इंटर कॉलेज की छात्रा बुसरा बानो को 4977 रुपये, एनएकेपी की शिदरा को 7741 रुपये, मदनमोहन कनोडिया की शायदा खातून को 3800 रुपये, सिटी गर्ल्स की गुलनाज अंसारी को 4560 रुपये व आरपी इंटर कॉलेज कमालगंज के मो. फैसल को 3570 रुपये उनके खाते में भेजे गए थे।
इसके बाद केंद्र सरकार से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र जारी कर कॉलेजों में हास्टल होने के संबंध में जानकारी मांगी गई। इससे मामला पकड़ में आ गया। अब इन छात्र-छात्राओं से छात्रवृत्ति की रिकवरी की जा रही है। बता दें कि वर्ष 2018 में 1.24 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जनपद के 75 स्कूल-कॉलेजों के 766 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भेजी गई है। इनमें किसी भी कॉलेज में छात्रावास नहीं है। इसके बावजूद पांच छात्र-छात्राओं को हास्टलर छात्रवृत्ति दे दी गई। इनमें एसएनएम इंटर कॉलेज की छात्रा बुसरा बानो को 4977 रुपये, एनएकेपी की शिदरा को 7741 रुपये, मदनमोहन कनोडिया की शायदा खातून को 3800 रुपये, सिटी गर्ल्स की गुलनाज अंसारी को 4560 रुपये व आरपी इंटर कॉलेज कमालगंज के मो. फैसल को 3570 रुपये उनके खाते में भेजे गए थे।
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इसके बाद केंद्र सरकार से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र जारी कर कॉलेजों में हास्टल होने के संबंध में जानकारी मांगी गई। इससे मामला पकड़ में आ गया। अब इन छात्र-छात्राओं से छात्रवृत्ति की रिकवरी की जा रही है। बता दें कि वर्ष 2018 में 1.24 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था।
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