फर्रुखाबाद। डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में शुक्रवार को ऐसी तस्वीर दिखाई दी, जो बेहद खराब थी। एक गंभीर बीमार मरीज को उसका परिजन पीठ पर लादकर इमरजेंसी गेट से निकला। उससे नाम, पता पूछा, तो कुछ न बोला। झल्लाते हुए सिर्फ इतना कहा कि सौ रुपये स्टेचर के मांग रहा था। बस फिर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
मामला पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे का है। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी गेट से एक अधेड़ अपनी पीठ पर मरीज को लादकर निकला। उसके साथ एक महिला और एक पुरुष था। स्ट्रेचर आदि के संसाधन होने के बावजूद पीठ पर लादकर ले जाते देख जब उससे नाम, पता पूछा, तो वह कुछ न बोला। महिला ने सिर्फ इतना कहा कि वह सौ रुपये मांग रहा था। कहां से लाएं रुपये। पैसे होते, तो यहीं लेकर आते। इतना कह ही पाई थी कि साथ में चल रहे एक दूसरे व्यक्ति ने डपट दिया। फिर वह चुप हो गई। काफी प्रयास के बावजूद उसने नाम, पता नहीं बताया। बाहर खड़े एक टेंपो पर बैठकर चले गए। देखने में मरीज किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लग रहा था। सीएमएस डा. अशोक कुमार ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। स्ट्रेचर के पैसे लेने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि किसी ने ऐसा किया है, तो वह जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।