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Farrukhabad News: हरदोई पांच व बदायूं छह बजे के बाद रोडवेज बस सेवा नहीं
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फर्रुखाबाद। आपको हरदोई होकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जाना है, तो शाम पांच बजे तक हर हाल में बस अड्डा पहुंच जाएं। क्योंकि शाम पांच बजे के बाद कोई बस सेवा नहीं है। बदायूं, शाहजहांपुर का भी यही हाल है। बाबा नीबकरोरी धाम व बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा के लिए शाम चार बजे के बाद कोई बस नहीं है। ऐसे में यात्रियों के सामने डग्गामारी के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं है।
रोडवेज का स्थानीय डिपो कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों के लिए यात्रियों को समुचित बस सेवा मुहैया नहीं करवा पा रहा है। लखनऊ जाने के लिए शाम को सीधी बस सेवा नहीं है। लिहाजा यात्री हरदोई होकर जाते हैं। बस अड्डा से शाम पांच बजे के बाद हरदोई के लिए कोई बस नहीं है।
इसी तरह शाहजहांपुर जिले के कस्बा मिर्जापुर, कलान होकर बदायूं जाने वाली बस शाम छह बजे चली जाती है। इसी तरह शाहजहांपुर के लिए अंतिम बस शाम साढ़े सात बजे है। यही नहीं देश-विदेश में ख्याति प्राप्त बाबा नीबकरोरी धाम और बौद्ध तीर्थ संकिसा के लिए 24 घंटे में शाम चार बजे एक बस रवाना होती है। इसके बाद कोई बस नहीं चलती।
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संकिसा जाने वाली बस रात में नौली में रुकने के बाद दूसरे दिन सुबह वापसी करती है। यही नहीं सहसापुर जाने वाली बस शाम साढ़े चार बजे निकल जाती है। इन शहरों, तीर्थ क्षेत्रों और गांवों को जाने के लिए यात्रियों को डग्गामारी के अलावा और कोई सुविधा नहीं है। इससे लोग परेशान होते हैं।
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-निगम प्रबंधन के आदेश हैं कि रात में 25 से कम यात्री पर बस रवाना नहीं होगी। इन कस्बों, शहरों को शाम के वक्त यदाकदा दो-चार यात्री आते होंगे। यदि यात्रियों की संख्या ठीकठाक हो, तो बस देर से भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। कई बार अन्य डिपो की बसें शाहजहांपुर, हरदोई के लिए मिल जाती हैं। सवारियां अधिक निकलेंगी, तो वह सेवा बहाल करेंगे।
-राजेश कुमार, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो
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रोडवेज का स्थानीय डिपो कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों के लिए यात्रियों को समुचित बस सेवा मुहैया नहीं करवा पा रहा है। लखनऊ जाने के लिए शाम को सीधी बस सेवा नहीं है। लिहाजा यात्री हरदोई होकर जाते हैं। बस अड्डा से शाम पांच बजे के बाद हरदोई के लिए कोई बस नहीं है।
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इसी तरह शाहजहांपुर जिले के कस्बा मिर्जापुर, कलान होकर बदायूं जाने वाली बस शाम छह बजे चली जाती है। इसी तरह शाहजहांपुर के लिए अंतिम बस शाम साढ़े सात बजे है। यही नहीं देश-विदेश में ख्याति प्राप्त बाबा नीबकरोरी धाम और बौद्ध तीर्थ संकिसा के लिए 24 घंटे में शाम चार बजे एक बस रवाना होती है। इसके बाद कोई बस नहीं चलती।
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संकिसा जाने वाली बस रात में नौली में रुकने के बाद दूसरे दिन सुबह वापसी करती है। यही नहीं सहसापुर जाने वाली बस शाम साढ़े चार बजे निकल जाती है। इन शहरों, तीर्थ क्षेत्रों और गांवों को जाने के लिए यात्रियों को डग्गामारी के अलावा और कोई सुविधा नहीं है। इससे लोग परेशान होते हैं।
-निगम प्रबंधन के आदेश हैं कि रात में 25 से कम यात्री पर बस रवाना नहीं होगी। इन कस्बों, शहरों को शाम के वक्त यदाकदा दो-चार यात्री आते होंगे। यदि यात्रियों की संख्या ठीकठाक हो, तो बस देर से भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। कई बार अन्य डिपो की बसें शाहजहांपुर, हरदोई के लिए मिल जाती हैं। सवारियां अधिक निकलेंगी, तो वह सेवा बहाल करेंगे।
-राजेश कुमार, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो