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Farrukhabad News: चंद मिनटों में ही मातम में बदला खुशी और उल्लास

Sun, 10 Nov 2024 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:21 AM IST
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Happiness and joy changed into mourning within a few minutes
फर्रुखाबाद। नौकरी लगने की खुशी, दोस्त की शादी का उल्लास। चंद पलों में ही सब मातम में बदल गया। शादी में मौज मस्ती करने की तमन्ना दिल में संजोए पांच दोस्त लखनऊ खरीददारी करने निकले। सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत की खबर ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
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स्कूल के समय के पांच दोस्त जब दिवाली पर घर आए, मिले तो मौज-मस्ती शुरू हो गई। शाम सात बजे घर से कार पर सवार होकर निकले दोस्त देर रात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस टोल प्लाजा पर टैंकर से टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी, कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। दोस्तों के साथ गए शहर के आवास विकास कालोनी निवासी शांतनु की दुर्घटना में हालत गंभीर होने पर सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना पर पिता शक्ति लाल परिजनों के साथ अस्पताल पहुंच गए। बेटे की हालत देखकर उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। कांपते हुए बोले ऐसा कभी नहीं सोचा था। पांचों दोस्त एक दूसरे के बहुत करीबी थे।
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इकलौता बेटा शांतनु जयपुर में रहकर जॉब के लिए प्रयास कर रहा था। दीवाली पर घर आने से पहले उसकी म्युजिक टीचर के पद पर नौकरी लग गई थी। त्योहार के बाद उसे वहां ज्वाइन करना था। घर आने के बाद उसे पता चला कि उसके दोस्त की शादी तय हो गई है। इस पर सभी दोस्तों ने शादी को यादगार बनाने का प्लान बनाया। शांतनु ने शशांक को बताया कि शायद वह उसकी शादी में शामिल नहीं हो सकेगा, उसको नौकरी ज्वाइन करने के लिए वापस जयपुर जाना होगा। इस पर सभी ने उसको ज्वाइन करने की तारीख आगे बढ़ाने के लिए बात करने की सलाह दी थी। दिवाली के दिन सभी दोस्त घर पर आए। खूब आतिशबाजी चलाई। मिठाई खाते हुए शांतनु ने बताया कि उसको नौकरी पर जाने से पहले अवकाश मिल गया है। अब वह शादी में शामिल होने के बाद ही जयपुर जाएगा।
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उनका दोस्त शिवम यादव लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहा था। सभी ने शाम को जाने के बाद उसके कमरे पर रुकने और शनिवार को खरीददारी करने का प्लान बनाया था। खरीददारी करने के बाद शिवम को वहीं पर छोड़कर चारों को वापस लौटना था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

पिता की बात मान जाते तो बच जाती जान
शांतनु के पिता शक्ति लाल ने बताया कि उन्होंने सभी बच्चों को यहीं से कपड़े खरीदने की सलाह दी थी। कहा था कि अगर पसंद के कपड़े यहां न मिल रहे हो तो ऑनलाइन मंगा लो। यदि उनकी बात सभी ने मानी होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता।
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