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मृतकों के परिजनों की मदद को उठे हाथ

Wed, 10 Feb 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद Updated Wed, 10 Feb 2016 11:55 PM IST
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Hands raised to help the families of the deceased

कायमगंज। ईंट भट्ठे में जान गंवाने वालों के परिजनों की मदद के लिए सियासतदानों के साथ समाजसेवी भी आगे आए हैं। दोनों परिवारों को जमीन, नगदी के सात ही खाने के लिए अनाज की भी मदद की गई है।

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ईंट भट्ठे की जहरीली गैस की चपेट में आकर मरे ब्रजवासी और उसका भाई गजराज पांच भाई हैं। उनके पास परिवारों के भरण पोषण के लिए मात्र तीन बीघा ही जमीन है। वे पिछले 25 सालों से भाजपा नेता अरुण दुबे के ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे। ब्रजवासी भट्ठे पर मेठ था। ब्रजवासी का इकलौता पुत्र धनीराम, गजराज का पुत्र सिंटू भी भट्ठे पर ही काम करता था।
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मंगलवार देर शाम भट्ठे के चेंबर में घुसे ब्रजवासी, उसके बेटे धनीराम, भाई गजराज और गजराज के बेटे सिंटू की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में मौत की वजह जहरीली गैस से दम घुटना पाया गया है। इसके बाद उनके परिवार की मदद के लिए सभी आगे आए हैं। क्षेत्रीय विधायक अजीत कठेरिया और कंपिल चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव ने दोनों परिवार को 50-50 हजार की मदद दिए। पूर्व पालिकाध्यक्ष मिथलेश अग्रवाल ने भी 50 हजार रुपये, पुलिस प्रशासन ने 10 हजार दिए। ब्लाक प्रमुख गुड्डी यादव ने गेहूं और चावल भेजवाया।
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भट्ठा मालिक अरुण दुबे, संतोष दुबे और ब्रजेश दुबे ने दोनों परिवारों को डेढ़-डेढ़ बीघा जमीन और 50-50 हजार रुपये नगद देने का वादा किया। तहसीलदार विनोद जोशी ने बताया कि मृतकों को शासन स्तर से पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30-30 हजार और गजराज और ब्रजवासी के नाम जमीन होने के कारण 5-5 लाख कृषक बीमा योजना के तहत दिलवाए जाने का प्रयास किया जाएगा। बताया कि इसके अलावा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी सहायता दिलाए जाने के लिए प्रयास किया जाएगा।

महिलाओं की चीत्कार से दहला दारापुर
कायमगंज/कंपिल। जहरीली गैस से हुई एक ही परिवार के चार लोगों की मौत बाद गांव में महिलाओं की चीत्कार सुनाई पड़ रही है। पोस्टमार्टम के बाद चारों को एक साथ मुखाग्नि दी गई।
मृतक गजराज की पत्नी सुशीला, सिंटू की पत्नी नीरजा, पुत्र राजीव, संजय और राहुल तथा ब्रजवासी की पत्नी रामपोथी धनीराम की पत्नी गंगा देवी उसकी पुत्रियां श्वेता, संध्या, मोहिनी और रागिनी तथा पुत्र विवेक शवों से लिपटकर बिलख रहे थे। आसपास की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही थीं। भाजपा नेत्री मिथलेश अग्रवाल ने उनके घर जाकर महिलाओं को ढांढस बंधाया। दोपहर एक बजे गांव के बाहर चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। ब्रजवासी के शव को मुखाग्नि उसके भाई विनोद, गजराज को उसके पुत्र राजीव, सिंटू को उसके भाई दीनदयाल और धनीराम को उसके भाई संतोष ने मुखाग्नि दी। उधर मृतक गजराज के भांजे जयपाल ने थाने में दर्ज कराई गई सूचना में कहा कि भट्ठे की चिमनी से धुआं कम निकलने पर सबसे पहले सिंटू उसके बाद धनीराम उसके बाद गजराज और सबसे बाद में ब्रजवासी चेंबर में उतरे। जहरीली गैस से चारों की मौत हो गई। जिस समय घटना घटी भट्ठा स्वामी संतोष दुबे और अरुण दुबे मौके पर मौजूद थे।

क्या कार्रवाई करेगा प्रशासन
कायमगंज। ईंट भट्ठे पर मंगलवार रात चार श्रमिकों की मौत के बाद लोगों की निगाह प्रशासन के  रूख पर टिकी है। हालांकि मृतकों के परिजनों ने तहरीर में भट्ठा मालिक को दोषी करार नहीं दिया है।

चार श्रमिकों की मौत के बाद बुधवार को सहायक श्रमायुक्त राजन बाबू और श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरविंद पांडेय ने जायजा लिया। उन्होंने वर्क एक्ट की धारा 1923 के तहत मृतकों के परिवारों को भट्ठा मालिक से मुआवजा दिए जाने की जानकारी दी। दोनों अधिकारियों ने बताया कि जनपद के मात्र 10 प्रतिशत भट्ठा स्वामियों ने ही श्रमिकों का पंजीकरण करा रखा है। जिस भट्ठे पर चार की मौत हुई, वहां पंजीयन था कि नहीं, यह जांच का विषय है। क्योंकि वर्क एक्ट की धारा 1923 के तहत भट्ठा स्वामी से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का प्रावधान है। यदि वे फर्म मालिक, भवन एवं सन्न निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत अपना पंजीकरण कराते हैं तो विभाग से ऐसी दुर्घटनाओं में मृतक के परिवार को सवा पांच लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में इन मजदूरों के परिजनों को प्रशासन की ओर से मदद मिलेगी या मामले को निबटा दिया जाएगा, इस पर निगाहें लगी हुई हैं। हालांकि अभी तक अफसर इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वे जांच की दुहाई दे रहे हैं। 

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