{"_id":"5da868148ebc3e013149a37d","slug":"gst-farrukhabad-news-knp5202159102","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी घपले में सेवा प्रदाता फर्म को ब्याज सहित भुगतान को दूसरा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी घपले में सेवा प्रदाता फर्म को ब्याज सहित भुगतान को दूसरा नोटिस
विज्ञापन
सर्वशिक्षा अभियान के तहत सेवा प्रदाता फर्म को जीएसटी घपले के मामले में वाणिज्य कर विभाग ने दूसरा नोटिस भी जारी कर दिया है। पहले नोटिस का जवाब न मिलने पर दूसरे नोटिस में करीब दो लाख रुपये ब्याज भी जोड़ा गया है। समय अवधि में भुगतान जमा न होने पर तहसील स्तर से राजस्व वसूली की तैयारी कर ली गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग से सर्व शिक्षा अभियान के तहत संविदा कर्मियों की आपूर्ति के लिए सेवा प्रदाता फर्म का अनुुबंध किया गया। फर्म द्वारा नगरीय संसाधन केंद्र व बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर व सहायक लेखाकार सहित 18 संविदा कर्मियों की आपूर्ति की गई।
फर्म के खिलाफ संविदा कर्मियों की भर्ती से लेकर मानदेय में मनमानी कर उत्पीड़न की शिकायत हुई। इसी के बाद मुख्य विकास अधिकारी डॉ.राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर हुई गहनता से जांच में करीब 25 लाख के गोलमाल का खुलासा हुआ। इसमें जीएसटी जमा न करने पर फर्म का जनवरी में पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया।
विज्ञापन
सीडीओ के आदेश पर विभाग ने फर्म की कुंडली खंगाली तो 10 लाख से अधिक जीएसटी का घपला मिला। इस पर वाणिज्य कर विभाग ने फर्म को गत माह नोटिस जारी कर दिया। फर्म ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही भुगतान जमा किया। इस पर फर्म को दूसरा नोटिस जारी कर दिया गया।
वाणिज्य कर अधिकारी रविंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर उन्होंने करीब दो लाख रुपये ब्याज लगाकर फर्म उदयवीर लोक कल्याण समिति नीबलपुर शमसाबाद को दूसरा नोटिस जारी कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर राम सिंह यादव ने बताया कि निर्धारित समय में नोटिस का जवाब न मिलने और भुगतान जमा करने पर फर्म से तहसील स्तर से राजस्व वसूली की जाएगी।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत सेवा प्रदाता फर्म व कस्तूरबा विद्यालय में कार्यदायी संस्थाओं को लाखों का घपला होने की जांच में पुष्टि हुई। इस प्रकरण में फर्म के साथ डीसी, लेखाकार व बीएसए भी फंसे हैं। बीएसए के खिलाफ कार्रवाई को शासन से अनुमति मांगी गई। इस पर शासन से कार्रवाई की जिम्मेदारी जिलाधिकारी को सौंप दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि अनियमितता के मामलों में जिलाधिकारी ने बीएसए के खिलाफ शर्तिया एफआईआर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम ने आदेश में कहा कि बीएसए द्वारा यदि लेखाकार, संबंधित डीसी व फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जाती है तो बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल अभी तक न तो बीएसए द्वारा किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और न ही बीएसए के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।
सेवा प्रदाता की ओर से लगाए गए करीब 18 कर्मचारियों का तीन माह का मानदेय लटका हुआ है। कर्मचारियों को दिवाली से पूर्व मानदेय दिए जाने के लिए सेवा प्रदाता को भुगतान किए जाने की बीएसए ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पत्रावली तैयार कर सीडीओ और डीएम के पास अनुमोदन को भेजी गई है।
बीएसए रामसिंह ने बताया कि कर्मचारियों ने सीडीओ से मानदेय दिलाने की मांग की है। कर्मचारी कार्यालय में काम कर रहे हैं। इससे मानदेय दिया जाना भी जरूरी है। यह मानदेय सेवा प्रदाता के माध्यम से ही दिया जा सकता है। इससे प्रस्ताव बनाकर डीएम के पास भेजा गया है। अनुमोदन मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग से सर्व शिक्षा अभियान के तहत संविदा कर्मियों की आपूर्ति के लिए सेवा प्रदाता फर्म का अनुुबंध किया गया। फर्म द्वारा नगरीय संसाधन केंद्र व बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर व सहायक लेखाकार सहित 18 संविदा कर्मियों की आपूर्ति की गई।
विज्ञापन
फर्म के खिलाफ संविदा कर्मियों की भर्ती से लेकर मानदेय में मनमानी कर उत्पीड़न की शिकायत हुई। इसी के बाद मुख्य विकास अधिकारी डॉ.राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर हुई गहनता से जांच में करीब 25 लाख के गोलमाल का खुलासा हुआ। इसमें जीएसटी जमा न करने पर फर्म का जनवरी में पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया।
विज्ञापन
सीडीओ के आदेश पर विभाग ने फर्म की कुंडली खंगाली तो 10 लाख से अधिक जीएसटी का घपला मिला। इस पर वाणिज्य कर विभाग ने फर्म को गत माह नोटिस जारी कर दिया। फर्म ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही भुगतान जमा किया। इस पर फर्म को दूसरा नोटिस जारी कर दिया गया।
वाणिज्य कर अधिकारी रविंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर उन्होंने करीब दो लाख रुपये ब्याज लगाकर फर्म उदयवीर लोक कल्याण समिति नीबलपुर शमसाबाद को दूसरा नोटिस जारी कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर राम सिंह यादव ने बताया कि निर्धारित समय में नोटिस का जवाब न मिलने और भुगतान जमा करने पर फर्म से तहसील स्तर से राजस्व वसूली की जाएगी।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत सेवा प्रदाता फर्म व कस्तूरबा विद्यालय में कार्यदायी संस्थाओं को लाखों का घपला होने की जांच में पुष्टि हुई। इस प्रकरण में फर्म के साथ डीसी, लेखाकार व बीएसए भी फंसे हैं। बीएसए के खिलाफ कार्रवाई को शासन से अनुमति मांगी गई। इस पर शासन से कार्रवाई की जिम्मेदारी जिलाधिकारी को सौंप दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि अनियमितता के मामलों में जिलाधिकारी ने बीएसए के खिलाफ शर्तिया एफआईआर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम ने आदेश में कहा कि बीएसए द्वारा यदि लेखाकार, संबंधित डीसी व फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जाती है तो बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल अभी तक न तो बीएसए द्वारा किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और न ही बीएसए के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।
सेवा प्रदाता की ओर से लगाए गए करीब 18 कर्मचारियों का तीन माह का मानदेय लटका हुआ है। कर्मचारियों को दिवाली से पूर्व मानदेय दिए जाने के लिए सेवा प्रदाता को भुगतान किए जाने की बीएसए ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पत्रावली तैयार कर सीडीओ और डीएम के पास अनुमोदन को भेजी गई है।
बीएसए रामसिंह ने बताया कि कर्मचारियों ने सीडीओ से मानदेय दिलाने की मांग की है। कर्मचारी कार्यालय में काम कर रहे हैं। इससे मानदेय दिया जाना भी जरूरी है। यह मानदेय सेवा प्रदाता के माध्यम से ही दिया जा सकता है। इससे प्रस्ताव बनाकर डीएम के पास भेजा गया है। अनुमोदन मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।