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बाढ़ पीड़ितों की मदद के सरकारी दावे फेल
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:15 PM IST
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अलाहदपुर भटौली में कटान करती नदी।
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए किए गए सरकारी दावे फेल हो गए हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए न तो नाव की व्यवस्था की गई है न ही राहत सामग्री ककी। यहां तक जलस्तर कम ज्यादा होने से फैली बीमारी से बीमार हुए ग्रामीण की जांच के लिए स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंच रही है।
गंगा का जलस्तर कम होने और बढ़ने के लिए गांव रुपपुर मंगलीपुर को जाने वाले रास्ते में हर तरफ पानी भरा हुआ है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था किए जाने का दावा भी अधिकारी पूरा नहीं कर सके। ग्रामीणों के आवागमन के लिए सरकारी नाव मुहैया नहीं कराई गई। इस कारण ग्रामीणों ने प्राइवेट नाव का इंतजाम किया है।
इसके सहारे वह गांव से बाहर आते और खाने पीने के वस्तुएं लेकर गांव जाते है। अब गांव में बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। ग्रामीण राजाराम की पत्नी अन्यपूर्णा, घुरईलाल, सत्यप्रकाश की पुत्री निशा, सुखराम की पुत्री विनीता, मूलचंद्र का पुत्र प्रांशु, किशन चंद्र का पुत्र अरविंद समेत एक दर्जन से अधिक ग्रामीण खासी, बुखार, खुजली ओर आंखों में लालमी से ग्रसित है।
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इनके उपचार को दवा दिए जाने के लिए अभी तक एक बार भी स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रधान पति राजकिशोर ने बताया कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं आई है। टीम को गांव में भेजने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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गंगा का जलस्तर कम होने और बढ़ने के लिए गांव रुपपुर मंगलीपुर को जाने वाले रास्ते में हर तरफ पानी भरा हुआ है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था किए जाने का दावा भी अधिकारी पूरा नहीं कर सके। ग्रामीणों के आवागमन के लिए सरकारी नाव मुहैया नहीं कराई गई। इस कारण ग्रामीणों ने प्राइवेट नाव का इंतजाम किया है।
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इसके सहारे वह गांव से बाहर आते और खाने पीने के वस्तुएं लेकर गांव जाते है। अब गांव में बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। ग्रामीण राजाराम की पत्नी अन्यपूर्णा, घुरईलाल, सत्यप्रकाश की पुत्री निशा, सुखराम की पुत्री विनीता, मूलचंद्र का पुत्र प्रांशु, किशन चंद्र का पुत्र अरविंद समेत एक दर्जन से अधिक ग्रामीण खासी, बुखार, खुजली ओर आंखों में लालमी से ग्रसित है।
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इनके उपचार को दवा दिए जाने के लिए अभी तक एक बार भी स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रधान पति राजकिशोर ने बताया कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं आई है। टीम को गांव में भेजने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।