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Farrukhabad News: झोलाछाप के यहां सरकारी दवाएं, जांच के आदेश
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फर्रुखाबाद। जिन दवाओं से सरकारी इलाज देकर आरोग्य दिया जाना चाहिए था, वह दवाएं झोलाछाप के यहां मिली हैं।
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के छापे में भी अवैध क्लीनिकों में भी सरकारी इंजेक्शन और दवाओं की बरामदगी हुई है। अब एसीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
जनपद में नौ सीएचसी, 34 पीएचसी व 161 हेल्थ वेलनेस सेंटर हैं। इनमें करोड़ों रुपये की दवाएं व जांच सामग्री की आपूर्ति की जाती है। खास बात तो यह है कि अधिकांश स्वास्थ्य इकाइयों में दवाई का खपत रजिस्टर नहीं बनाया जा रहा है। इससे कौन सी दवाएं किस मरीज को और कितनी मात्रा में दी गई, इसका अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। यही हाल जांच सामग्री का भी है।
पिछले सप्ताह एसीएमओ ने झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया तो अवैध नर्सिंगहोम में ऑपरेशन से प्रसव होते मिले। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव राजपुर में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक पर उन्होंने दवाएं चेक कीं तो बड़ी मात्रा में सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले पैरासिटामोल इंजेक्शन बरामद हुए। पास में ही चल रही अवैध लैब में मलेरिया जांच किट भी सरकारी इस्तेमाल होते मिली।
एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि राजपुर में अवैध रूप से चल रहा क्लीनिक व लैब में सरकारी दवाएं, इंजेक्शन व मलेरिया जांच किट बरामद हुई हैं। सरकारी दवाओं सहित दोनों अवैध प्रतिष्ठानों को सील कर संचालकों को नोटिस दिया गया है। यह सरकारी दवाएं कहां से आईं, इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकारी दवाएं खरीदने व बेचने में दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के छापे में भी अवैध क्लीनिकों में भी सरकारी इंजेक्शन और दवाओं की बरामदगी हुई है। अब एसीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
जनपद में नौ सीएचसी, 34 पीएचसी व 161 हेल्थ वेलनेस सेंटर हैं। इनमें करोड़ों रुपये की दवाएं व जांच सामग्री की आपूर्ति की जाती है। खास बात तो यह है कि अधिकांश स्वास्थ्य इकाइयों में दवाई का खपत रजिस्टर नहीं बनाया जा रहा है। इससे कौन सी दवाएं किस मरीज को और कितनी मात्रा में दी गई, इसका अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। यही हाल जांच सामग्री का भी है।
पिछले सप्ताह एसीएमओ ने झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया तो अवैध नर्सिंगहोम में ऑपरेशन से प्रसव होते मिले। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव राजपुर में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक पर उन्होंने दवाएं चेक कीं तो बड़ी मात्रा में सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले पैरासिटामोल इंजेक्शन बरामद हुए। पास में ही चल रही अवैध लैब में मलेरिया जांच किट भी सरकारी इस्तेमाल होते मिली।
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एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि राजपुर में अवैध रूप से चल रहा क्लीनिक व लैब में सरकारी दवाएं, इंजेक्शन व मलेरिया जांच किट बरामद हुई हैं। सरकारी दवाओं सहित दोनों अवैध प्रतिष्ठानों को सील कर संचालकों को नोटिस दिया गया है। यह सरकारी दवाएं कहां से आईं, इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकारी दवाएं खरीदने व बेचने में दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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