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Farrukhabad News: ओपीडी तक सीमित 25 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के पुराना जिला अस्पताल रोड स्थित 25 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल ओपीडी तक ही सीमित है। संसाधनों के अभाव में यहां पंचकर्म की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते दवाओं का स्टाक भी कम पड़ रहा है।
कोराेना काल के बाद मरीजों का आयुर्वेदिक दवाओं पर विश्वास बढ़ा है। सीएमओ कार्यालय परिसर में स्थित भवन के एक ही कमरे में कई वर्षों तक 25 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चलता रहा था। गत सप्ताह इसे पुराना जिला अस्पताल रोड स्थित दान में मिले भवन में शिफ्ट किया गया है। नया भवन मिलने से उम्मीद जगी कि मरीजों को अब भर्ती कर पंचकर्म की सुविधा भी मिलेगी। लेकिन अभी तक एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया। इन दिनों अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार, जोड़ों में दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं।
हकीकत यह है कि अस्पताल में बुधवार तक दवाओं की भारी कमी चलती रही है। हालांकि गुरुवार को अस्पताल में दवाएं भी मुहैया करा दी गईं। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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औसतन 150 मरीजों की होती है ओपीडी
डॉ.आदित्य किशोर ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 150 मरीज आते हैं। अस्पताल में हेल्थ वेलनेस सेंटर की सुविधा नहीं है। इससे पंचकर्म के लिए उपकरण व संसाधन भी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए निदेशालय लखनऊ पत्र भेजा गया है।
डॉक्टर का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसके सापेक्ष दवाओं की आपूर्ति काफी कम है। इसके चलते दवाओं का स्टाक जल्दी खत्म हो जाता है। गुरुवार को कई दवाएं मिलने से काफी राहत है।
जल्द ही मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.सर्वेश कुमार ने बताया कि सीरप का मांग पत्र केंद्रीय कार्यालय भेजा जा चुका है। जबकि राज्य सरकार की ओर से चूर्ण व अन्य दवाएं प्राप्त हो गई हैं। गुरुवार को अस्पताल में दवाएं उपलब्ध करा दी गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में हेल्थ वेलनेस सेंटर की सुविधा बढ़ाने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। शीघ्र ही मशीनें व उपकरण मिलने की उम्मीद है। इससे मरीज भर्ती कर पंचकर्म की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। नया भवन मिलने से कुछ उपकरण शिफ्ट भी किए जा रहे हैं। अब अस्पताल के लिए पर्याप्त जगह मिलने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयास जारी है।
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कोराेना काल के बाद मरीजों का आयुर्वेदिक दवाओं पर विश्वास बढ़ा है। सीएमओ कार्यालय परिसर में स्थित भवन के एक ही कमरे में कई वर्षों तक 25 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चलता रहा था। गत सप्ताह इसे पुराना जिला अस्पताल रोड स्थित दान में मिले भवन में शिफ्ट किया गया है। नया भवन मिलने से उम्मीद जगी कि मरीजों को अब भर्ती कर पंचकर्म की सुविधा भी मिलेगी। लेकिन अभी तक एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया। इन दिनों अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार, जोड़ों में दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं।
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हकीकत यह है कि अस्पताल में बुधवार तक दवाओं की भारी कमी चलती रही है। हालांकि गुरुवार को अस्पताल में दवाएं भी मुहैया करा दी गईं। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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औसतन 150 मरीजों की होती है ओपीडी
डॉ.आदित्य किशोर ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 150 मरीज आते हैं। अस्पताल में हेल्थ वेलनेस सेंटर की सुविधा नहीं है। इससे पंचकर्म के लिए उपकरण व संसाधन भी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए निदेशालय लखनऊ पत्र भेजा गया है।
डॉक्टर का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसके सापेक्ष दवाओं की आपूर्ति काफी कम है। इसके चलते दवाओं का स्टाक जल्दी खत्म हो जाता है। गुरुवार को कई दवाएं मिलने से काफी राहत है।
जल्द ही मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.सर्वेश कुमार ने बताया कि सीरप का मांग पत्र केंद्रीय कार्यालय भेजा जा चुका है। जबकि राज्य सरकार की ओर से चूर्ण व अन्य दवाएं प्राप्त हो गई हैं। गुरुवार को अस्पताल में दवाएं उपलब्ध करा दी गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में हेल्थ वेलनेस सेंटर की सुविधा बढ़ाने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। शीघ्र ही मशीनें व उपकरण मिलने की उम्मीद है। इससे मरीज भर्ती कर पंचकर्म की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। नया भवन मिलने से कुछ उपकरण शिफ्ट भी किए जा रहे हैं। अब अस्पताल के लिए पर्याप्त जगह मिलने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयास जारी है।